Skip to main content

NEWS अब तक

दिल्ली की स्वादभरी शाम ‘फ्लेवर्स ऑफ दिल्ली’ में झलकी राजधानी की सांस्कृतिक और पाक विविधता – आशीष सूद

Meri Dilli Mera Desh की भावना को समर्पित एक अनोखी पहलदिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने राजधानी की समृद्ध पाक परंपरा और स्वदेशी संस्कृति को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम ‘फ्लेवर्स ऑफदिल्ली’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम #MeriDilliMeraDesh की भावना को जीवंत करता हुआ नज़र आया, जिसमें दिल्ली की विविधता, स्वाद और सांझी संस्कृति को एक ही मंच पर लाया गया।इस अवसर पर दिल्ली के जाने-माने फूड व्लॉगर्स, शेफ्स, और कुकरी कंटेंट क्रिएटर्स ने अपनीभागीदारी दी और दिल्ली के मशहूर व्यंजनों के साथ-साथ उनकी ऐतिहासिक जड़ों का परिचय कराया। कार्यक्रम का माहौल उत्साह, सुगंध औररचनात्मकता से भरा रहा।दिल्ली की पाक परंपरा विरासत, अपनापन और स्वदेशी भावना का संगमकार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, दिल्ली का हर खाना अपने भीतर सदियों की परंपरा, अपनापन और स्वदेशी भावनासमेटे हुए है। यह केवल भोजन नहीं, बल्कि हमारी साझा विरासत और पहचान का उत्सव है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की गली-गली में मिलने वालेपकवान केवल स्वाद नहीं देते, बल्कि हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं। चांदनी चौक की परांठे वाली गली से लेकर पुरानी दिल्ली की बिरयानी, करोलबागकी छोले-भटूरे की खुशबू और नई दिल्ली के फ्यूजन फूड सब मिलकर दिल्ली के दिल की कहानी कहते हैं। वोकल फॉर लोकल से जुड़ा हर स्वादसूद ने इस अवसर पर कहा कि दिल्ली की पाक संस्कृति वोकल फॉर लोकल की भावना को बखूबी दर्शाती है। हमारी पारंपरिक रेसिपियाँ, हमारेस्थानीय मसाले और घरेलू स्वाद ही दिल्ली को इतना खास बनाते हैं। आज जब हम स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन दे रहे हैं, तो दिल्ली का खानाउसका सबसे सुंदर उदाहरण है, उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली के छोटे-छोटे व्यवसायी, स्ट्रीट फूड विक्रेता और स्थानीय रसोइए इस शहर की आत्माहैं, और दिल्ली सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। डिजिटल युग में युवाओं की भूमिका परंपरा को नया रूप देने की पहलइस कार्यक्रम की सबसे विशेष बात थी कि इसमें दिल्ली के शीर्ष फूड व्लॉगर्स और युवा क्रिएटर्स को आमंत्रित किया गया था, जो अपनी रचनात्मकताऔर डिजिटल प्रभाव से दिल्ली की पाक विरासत को दुनिया तक पहुँचा रहे हैं। सूद ने कहा कि आज के युवा सोशल मीडिया के माध्यम से दिल्ली कीसंस्कृति, परंपरा और स्वाद को वैश्विक स्तर पर पहुँचा रहे हैं। यह देखना प्रेरणादायक है कि कैसे नई पीढ़ी मोबाइल कैमरे और डिजिटल मंचों के जरिएहमारी पुरानी रसोई की कहानियाँ जीवंत कर रही है दिल्ली की विविधता ही उसकी पहचान एक शहर, अनेक स्वादशिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली की असली ताकत उसकी विविधता और समरसता में है। यह शहर उत्तर भारत के परांठों से लेकर दक्षिण भारतीय डोसे, बंगाली मिठाइयों से लेकर पंजाबी तंदूरी व्यंजनों तक, सबको एक साथ जोड़ता है। दिल्ली एक ऐसा शहर है जहाँ हर प्रदेश का स्वाद बसता है। यहीकारण है कि दिल्ली का खाना केवल स्वाद नहीं, एक कहानी है अपनापन और एकता की कहानी फ्लेवर्स ऑफ दिल्ली बना संस्कृति और संवाद का मंच‘फ्लेवर्स ऑफ दिल्ली’ कार्यक्रम न केवल स्वादों का उत्सव था बल्कि यह एक ऐसा मंच भी बना जहाँ संस्कृति, संवाद और स्वदेशी भावना एक साथदिखी।यहां पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी, रसोई कला की कार्यशालाएं और दिल्ली के प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड पर चर्चा जैसे सत्र आयोजित किए गए। सूदने कहा कि ऐसे आयोजनों से दिल्ली के युवाओं में न केवल अपनी विरासत को लेकर गर्व की भावना बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय व्यवसायों को भी नईपहचान मिलेगी। आशीष सूद का संदेश दिल्ली के स्वाद में बसता है देश का दिलकार्यक्रम के अंत में सूद ने कहा, “दिल्ली का स्वाद केवल मसालों का मेल नहीं, बल्कि लोगों के दिलों का मेल है। हमारी रसोई हमारी संस्कृति कीआत्मा है। जब हम दिल्ली के खाने को सहेजते हैं, तब हम अपनी भारतीयता को सहेजते हैं।उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने शहर की पाकविरासत को जानें, उसे साझा करें और #MeriDilliMeraDesh की भावना को आगे बढ़ाएँ।

आप फैला रही है प्रदूषण पर झूठा भ्रम, दिवाली की खुशियों पर राजनीति कर रही है – वीरेंद्र सचदेवा का तीखा प्रहार 

दिल्ली में प्रदूषण को लेकर आप की बयानबाज़ी पर भाजपा का पलटवारभाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आप दिवाली जैसे पवित्र त्योहार को भी राजनीतिका साधन बना रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के पर्यावरण को लेकर “आप” नेताओं द्वारा जो भ्रम फैलाया जा रहा है, उसका असली उद्देश्य सर्वोच्चन्यायालय के ग्रीन पटाखों की अनुमति वाले फैसले को पलटवाना है। सचदेवा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब पूरी दिल्ली दिवाली कीतैयारियों में खुश है, तब आम आदमी पार्टी लोगों में डर और भ्रम का माहौल बना रही है। आप सरकार ने हमेशा पटाखों पर पाबंदी लगवाकर जनता को ठगावीरेंद्र सचदेवा ने याद दिलाया कि जब आम आदमी पार्टी दिल्ली की सत्ता में थी, तब उसने प्रदूषण के नाम पर ग्रीन पटाखों पर भी प्रतिबंध लगवादिया था। उन्होंने कहा कि उस समय भी आप ने न्यायालय में गलत आंकड़े पेश करके दिल्लीवासियों की दिवाली का मज़ा बिगाड़ दिया था। आमआदमी पार्टी ने जनता को प्रदूषण के नाम पर बरगलाया, ग्रीन पटाखों को भी बैन कराया और त्योहार की खुशियां छीन लीं। अब जब माननीय सर्वोच्चन्यायालय ने ग्रीन पटाखों की अनुमति दी है, तब भी वे उसी पुराने नाटक को दोहराने में लगे हैं दिल्ली का आसमान साफ़, प्रदूषण पहले से बहुत कमभाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस बार दिल्ली का मौसम पहले से ज्यादा साफ़ और बेहतर है। उन्होंने कहा कि न तो इस समय हवा में पहले जैसी धुंध हैऔर न ही प्रदूषण के स्तर में कोई गंभीर वृद्धि हुई है। दिल्ली में इस बार वातावरण स्वच्छ है, और हमें गर्व है कि हमारी सरकारों के प्रयास से प्रदूषण केस्तर में काफी कमी आई है। इस बार दिवाली में संस्कृति और पर्यावरण दोनों का समन्वय रहेगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला देश के लिए सकारात्मक संकेतवीरेंद्र सचदेवा ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ग्रीन पटाखों की अनुमति को सकारात्मक और संतुलित निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला बताता हैकि भारत जैसे देश में विकास, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। यह निर्णय पूरे देश के लिए प्रेरणा है कि अगर नीयत सही होतो परंपराएं निभाते हुए भी हम प्रकृति की रक्षा कर सकते हैं सचदेवा के अनुसार, यह अनुमति न सिर्फ दिल्लीवासियों के लिए राहत की बात है, बल्कियह संदेश देती है कि दिवाली को उत्सव, जिम्मेदारी और पर्यावरणीय संतुलन के साथ मनाया जा सकता है। आप की तुष्टिकरण की राजनीति से जनता अब ऊब चुकी हैभाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आम आदमी पार्टी अब जनता के मुद्दों से भटक चुकी है और उसकी पूरी राजनीति सिर्फ एक वर्ग विशेष को खुश करने परकेंद्रित हो गई है। आम आदमी पार्टी हर विषय को तुष्टिकरण की राजनीति में बदल देती है। प्रदूषण और दिवाली जैसे विषयों पर भी उनका मकसदजनता की चिंता नहीं, बल्कि राजनीतिक फायदा उठाना है। उन्होंने यह भी कहा कि आज आप की हालत ऐसी हो गई है कि उसे अपने वजूद के लिएसंघर्ष करना पड़ रहा है, क्योंकि जनता उसके असली चेहरे को पहचान चुकी है।भाजपा ने दी जिम्मेदारी से दिवाली मनाने की अपीलवीरेंद्र सचदेवा ने जनता से अपील की कि वे सिर्फ ग्रीन पटाखों का उपयोग करें और जिम्मेदारी से दिवाली मनाएं ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो।उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि राजधानी दिल्ली की दिवाली न केवल रोशनी और उत्सव से जगमगाए बल्कि स्वच्छ हवा और सामूहिक आनंद सेभी भरी हो। हमारी परंपराएं हमारी पहचान हैं। हमें इन्हें सहेजते हुए प्रकृति की रक्षा करनी है। यह संतुलन ही सच्ची दिवाली की भावना है

दिल्ली विधानसभा में मनाया गया ‘दीवाली मंगल मिलन’ समारोह

दीवाली के पावन अवसर पर दिल्ली विधानसभा परिसर में ‘दीवाली मंगल मिलन’ समारोह का आयोजन बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ किया गया।इस कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर सभी को दीवाली की शुभकामनाएँ दीं और शांति, सद्भाव और साझासमृद्धि का संदेश दिया। पूरे परिसर में दीपों की रोशनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झिलमिलाहट से वातावरण उल्लास और ऊर्जा से भर गया। इसअवसर पर विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, दिल्ली सरकार के मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजयगोयल, टीवी पत्रकार रुबिका लियाकत, सांसद सुधांशु त्रिवेदी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा तथा कई विधायक और गणमान्य अतिथिउपस्थित रहे। दीवाली आस्था, एकता और नई शुरुआत का प्रतीक हैअपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दीवाली सिर्फ रोशनी का पर्व नहीं है, यह आस्था, एकता और नई शुरुआत का प्रतीकहै। यह हमें अंधकार और नकारात्मकता को मिटाकर ज्ञान, करुणा और आशा की ज्योति जलाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दीवाली काअसली अर्थ एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ना और समाज में सकारात्मकता फैलाना है। उन्होंने सभी दिल्लीवासियों से आह्वान किया कि इसअवसर पर सौहार्द, प्रगति और सामूहिक खुशहाली के लिए एकजुट होकर कार्य करें। दीवाली अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक हैगुप्ता ने कहा कि दीवाली हमें सिखाती है कि अच्छाई हमेशा बुराई पर और सत्य असत्य पर विजय प्राप्त करता है। यह पर्व प्रत्येक घर में आनंद, स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आता है। उन्होंने कहा कि दीपों की लौ हमें याद दिलाती है कि दिल्ली को एक सामंजस्यपूर्ण, शांतिपूर्ण और विकसित नगरबनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। जब दीप जलता है, तो वह अंधकार को मिटा देता है। ठीक वैसे ही हमें भी समाज में फैले अंधकार नफरत, असमानताऔर प्रदूषण को दूर करना होगा। पर्यावरण–संवेदनशील दीवाली का संदेशविधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दीवाली मनाते समय हमें प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा दीवाली प्रकाश, सद्भाव और नए आरंभ का प्रतीक है, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारी खुशियाँ पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाएँ। गुप्ता ने सभीनागरिकों से ग्रीन क्रैकर्स का उपयोग करने और पर्यावरण-मित्र तरीकों से उत्सव मनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पटाखे नहीं, उम्मीदों के दीयेजलाएं ताकि हमारी खुशी दिल्ली के स्वच्छ वायु अभियान से भी जुड़ सके। स्वच्छ और हरित दिल्ली के निर्माण का संकल्प लेंअपने संदेश में विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दीवाली का असली अर्थ सिर्फ दीप जलाना नहीं, बल्कि आनंद, करुणा और सौहार्द फैलाना है। उन्होंने लोगोंसे अपील की कि वे इस अवसर पर स्वच्छ और हरित दिल्ली के निर्माण का संकल्प लें। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि हमें सामूहिक रूप से एक ऐसीदिल्ली बनानी है जहाँ प्रदूषण कम हो, हरियाली बढ़े और हर नागरिक स्वस्थ जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि अगर हम सब मिलकर जिम्मेदारी निभाएँ, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर, स्वच्छ और सुरक्षित राजधानी छोड़ सकते हैं। दीवाली के उत्सव में झलका एकता और उल्लासविधानसभा परिसर में आयोजित इस समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत और दीपों की सजावट ने कार्यक्रम को और अधिक भव्य बना दिया।सभी उपस्थित अतिथियों, विधायकों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं और सद्भाव एवं प्रेम के माहौल में त्योहार का आनंद लिया।कार्यक्रम का हर पल यह संदेश दे रहा था कि दीवाली का असली अर्थ सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ना और समाज में एकता की भावनाजगाना है। उम्मीदों के दीये जलाकर करें दीवाली का स्वागतअंत में विजेंद्र गुप्ता ने कहा इस बार दीवाली पर हम सब उम्मीदों के दीये जलाएँ, अपने आस-पास सफाई रखें, पेड़ लगाएँ और प्रदूषण से बचने केउपाय अपनाएँ। जब हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तभी दीवाली का असली प्रकाश हमारे जीवन में उजाला लाएगा। विधानसभा परिसर में मनाया गया‘दीवाली मंगल मिलन’ केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक संदेश था कि खुशियाँ तब ही पूरी होती हैं जब वे प्रकृति, समाज और आपसी प्रेमसे जुड़ी हों। इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा ने एक बार फिर यह साबित किया कि पर्यावरण की रक्षा और सामाजिक एकता ही सच्ची दीवाली कीरोशनी है।

‘वोकल फॉर लोकल’ से रोशन होगी दीवाली और साकार होगा विकसित दिल्ली का सपना कुम्हार कॉलोनी, उत्तम नगर में समाज कल्याण मंत्रीने की खरीदारी, स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को दी नई ऊर्जा – रविन्द्र इन्द्राज सिंह

कुम्हार कॉलोनी में हुआ समाज कल्याण मंत्री का गर्मजोशी भरा स्वागतदिल्ली सरकार के समाज कल्याण, एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह उत्तम नगर स्थित कुम्हार कॉलोनीपहुंचे, जहां उन्होंने मिट्टी के दीपक, बर्तन और सजावटी वस्तुएँ बनाने वाले स्थानीय कारीगरों और कुम्हार भाइयों से मुलाकात की। कार्यक्रम के दौरानसमाज के लोगों ने फूल-मालाओं से मंत्री का भव्य स्वागत किया। मंच पर उत्तम नगर के विधायक पवन शर्मा भी उपस्थित रहे और स्थानीय कुम्हारसमाज की समस्याओं और मांगों पर चर्चा हुई। मिट्टी के दीपकों से ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मिला नया बलरविन्द्र इन्द्राज सिंह ने इस अवसर पर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने खुद स्थानीय दुकानदारों से मिट्टी के दीपकऔर सजावटी वस्तुएँ खरीदीं और कहा कि दीवाली का असली आनंद तभी है जब हम अपने ही देश के कारीगरों की बनाई चीजों से घर सजाएँ। मंत्री नेदुकानदारों से ऑनलाइन भुगतान कर डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से छोटे व्यापारीतकनीकी रूप से मजबूत होंगे और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ आह्वान को बताया प्रेरणा का स्रोतइन्द्राज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल आह्वान ने देश के स्वदेशी उद्योगों को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा किजब दिल्लीवासी स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करेंगे, तो न केवल कलाकारों की मेहनत को सम्मान मिलेगा बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भरभारत की दिशा में बड़ा कदम भी होगा। हमारी दीवाली तभी सच्ची होगी जब हर घर में स्थानीय कलाकारों के बनाए दीप जलेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से प्रजापति समाज को शुभकामनाएँइस मौके पर मंत्री ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी की ओर से प्रजापति समाज को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली सरकारपारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि हस्तशिल्प और मिट्टी कला के क्षेत्र में काम करने वालेलोगों को प्रशिक्षण, संसाधन और बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाए। माटी कला बोर्ड गठन पर सरकार कर रही है विचाररविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि कुम्हार समाज की मांग पर दिल्ली सरकार ‘माटी कला बोर्ड’ के गठन पर विचार कर रही है।यह बोर्ड कुम्हारों के आर्थिकऔर सामाजिक सशक्तिकरण के लिए ठोस नीतियाँ तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार हर संभव सहायता देने को तैयार है ताकि मिट्टी केकलाकारों की कला को आधुनिक बाजार में नई पहचान मिले। कुम्हार समाज हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है। वे मिट्टी सेभगवान बनाते हैं, घरों को रोशनी से भरते हैं और हर शुभ कार्य की शुरुआत उनके बनाए दीपक से होती है कुम्हार समाज के गौरव को लौटाने का संकल्पसमाज कल्याण मंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने कुम्हार समाज की अनदेखी की, लेकिन दिल्ली सरकार उनके साथ है।सरकार उनका तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक उत्थान सुनिश्चित करने के लिए नई योजनाएँ बना रही है। उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज की मेहनत और कला को सही मंचदेना सरकार की प्राथमिकता है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इस परंपरा को आगे बढ़ा सकें। स्थानीय कारीगर ही हैं विकसित दिल्ली की नींवकार्यक्रम के अंत में रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा विकसित दिल्ली का सपना तभी साकार होगा जब हर कलाकार, हर दुकानदार और हर कारीगरआत्मनिर्भर होगा। हम सबको मिलकर लोकल को ग्लोबल बनाना है। यह सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि देशभक्ति है। उन्होंने दिल्लीवासियों से आग्रहकिया कि इस दीवाली विदेशी सजावटी वस्तुओं की जगह देशी मिट्टी के दीये खरीदें, क्योंकि यही दीये देश की आत्मा और मेहनतकश हाथों कीपहचान हैं। दीवाली की रोशनी में झलकेगा लोकल गर्वइस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि वोकल फॉर लोकल सिर्फ आर्थिक पहल नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव है।रविन्द्र इन्द्राज सिंह की पहल ने न केवल स्थानीय कारीगरों के चेहरों पर मुस्कान लाई, बल्कि यह भी साबित किया कि विकसित दिल्ली का रास्तालोकल कलाकारों और जनता के सहयोग से ही होकर गुजरता है। ‎<This message was edited> पटाखे नहीं, उम्मीदों के दीये जलाएं‘दीवाली मंगल मिलन’ समारोह में दिया पर्यावरण-संवेदनशील उत्सव मनाने का संदेश, कहा खुशियाँ मनाएँ लेकिन प्रकृति का भी रखें ध्यान – विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता