Skip to main content

NEWS अब तक

तेजस्वी यादव का आरोप बिहार चुनाव में सुरक्षा बलों में भेदभाव, जनता झूठे वादों में नहीं फसेगी

पटना के पोलो रोड में दूसरे चरण के मतदान से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनके साथ सांसद मीसा भारती भीमौजूद रहीं। तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से पूछा कि चुनाव में भाजपा शासित प्रदेशों से ही सुरक्षा बल क्यों बुलाई गई। 208 कंपनियां भाजपाशासित राज्य की लगाई गई हैं। 68% पुलिस ऑबजर्वर बीजेपी शासित राज्यों से हैं। तेजस्वी ने सवाल पूछा कि बंगाल तमिलनाडु झारखंड कीपुलिस क्यों नहीं मंगवाई गई। तेजस्वी यादव ने कहा कि, हमलोग विकास की बात कर रहे हैं। पीएम कट्टे की। पता नहीं वो कौन सा वेब सीरीज देखरहे हैं। पीएम ने आपराधिक छवि के लोगों के साथ मंच साझा किया। सृजन घोटाले के मुख्य आरोपी विपिन शर्मा से एयरपोर्ट पर मिले और पीठथपथपाई। प्रधानमंत्री ने अनंत सिंह, हुलास पांडेय जैसे बाहुबलियों के लिए भी प्रचार किया। जनता झूठे वादों में नहीं फंसने वालीतेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने सबसे अधिक 171 सभाएं की हैं। कोई ऐसा जिला, ब्लॉक नहीं बचा जहां हम नहीं गए। लोगों का मूड बदलाव काहै। 20 साल पुरानी सरकार को बदलना है। 20 साल राज करने के बाद भी एनडीए सरकार ने बिहार को सबसे पीछे किया। तेजस्वी यादव ने कहाकि, बिहार के लोग इस बार इतिहास रचने जा रहे है। बिहार में 2 उप मुख्यमंत्री हैं, उनसे हमने सदन में पूछा कि, बिहार किस चीज में आगे है। वो बतादो। दोनों में से कोई नहीं बता पाया। 14 तारीख को हमारी सरकार बनेगी। आने वाले दिनों में बिहार आगे बढ़ेगा। बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचारअभियान में राजद नेता तेजस्वी यादव ने कई बड़े वादे किए हैं। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है, तो 14 जनवरी को महिलाओंके खाते में 30 हजार रुपये भेजे जाएंगे। साथ ही जीविका दीदीयों का ब्याज माफ किया जाएगा और उन्हें 30 हजार रुपये की सहायता राशि दीजाएगी। तेजस्वी ने ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने, किसानों के लिए फ्री बिजली, और ‘बेटी योजना’ व ‘मां योजना’ शुरू करने का भी ऐलान किया।उन्होंने कहा कि राज्य में हर घर को सरकारी नौकरी देने की दिशा में काम किया जाएगा। कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए तेजस्वी ने कहा किलॉ एंड ऑर्डर के मामले में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका दावा है कि 14 नवंबर को परिणाम आने के बाद 18 नवंबर कोशपथ लेकर 26 नवंबर से 26 जनवरी के बीच सभी अपराधियों को जेल भेजा जाएगा। साथ ही उन्होंने केंद्र पर हमला करते हुए कहा कि “उत्तर प्रदेशमें दीपावली पर सिलेंडर फ्री करने की गारंटी कहां गई?” अब बिहार की जनता झूठे वादों में नहीं फंसने वाली है। मतदाताओं ने वोटिंग की इसका आंकड़ा नहीं दियाहम चुनाव आयोग से कुछ सवाल पूछना चाहते हैं। समस्तीपुर में पर्चियां फेंकी मिली थीं। लोग डरे हुए हैं। घबराए हुए हैं। गृहमंत्री को कोई काम नहींपटना में डेरा बनाए हुए हैं। कई बड़े-बड़े अधिकारियों को बुलाया गया है, निर्देश दिए गए हैं। कहां गड़बड़ी करनी है। चुनाव से पहले किन-किन लोगों को उठाना है। ये बताया जा रहा है। ये बौखलाहट बता रही है कि ये लोग जाने वाले हैं। हम लोगों की पैनी नजर है। ये सूचना हमें उन्हीं अधिकारियों से मिली है, जिन्हें ये निर्देश दिए गए हैं। 4 दिन बाद भी चुनाव आयोग ने पहले फेज में कितने महिला और पुरुष मतदाताओं ने वोटिंग कीइसका आंकड़ा नहीं दिया है। ये क्यों छिपाया जा रहा है।

नासिक में राजनीतिक हलचल तेज, मनसे ने MVA से गठबंधन का दावा, कांग्रेस और भाजपा पर सियासी अटकलें

महाराष्ट्र में दिसंबर में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले नासिक में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा और एनसीपी नेताओं की बैठकोंने संभावित गठबंधन की अटकलों को हवा दी है। इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने दावा किया है कि उसने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) से गठबंधन कर लिया है। हालांकि, कांग्रेस ने इस दावे से किनारा किया है। राजनीतिक तौर पर नासिक अब राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शामिलहो गया है। सोमवार को पूर्व एनसीपी सांसद समीर भुजबळ ने नासिक में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक आगामी स्थानीय निकाय चुनाव में सीट बंटवारे और रणनीति पर चर्चा का हिस्सा थी। दोनों नेताओं ने येवला विधानसभा क्षेत्र और वहां कीनगर परिषद, नांदगांव और मनमाड़ नगर परिषद के चुनावी समीकरणों पर विस्तृत बातचीत की। राज्य में 2 दिसंबर को 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के चुनाव होने हैं। अंतिम निर्णय राज ठाकरे लेंगेशनिवार को भी भाजपा के नासिक जिला चुनाव प्रभारी और विधायक डॉ. राहुल आहेर ने समीर भुजबळ से उनके येवला कार्यालय में मुलाकात कीथी। इस बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष यतीन कदम, युवा जिला अध्यक्ष समीर समदाडिया, पूर्व मनमाड़ नगर परिषद अध्यक्ष गणेश धात्रक और अन्यस्थानीय नेता मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, दोनों दलों के बीच बातचीत सकारात्मक रही है और जल्द ही औपचारिक गठबंधन की घोषणा हो सकती है।इसी बीच सोमवार को मनसे नेता दिनकर पाटिल ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने महा विकास अघाड़ी से गठबंधन कर लिया है। उन्होंने कहा कि यहनिर्णय लोकतंत्र को मजबूत रखने और जनता की समस्याओं को आवाज देने के लिए लिया गया है। पाटिल ने कहा, “सभी दलों ने मतदाता सूची मेंअनियमितताओं और किसानों की फसल बर्बादी जैसे मुद्दों पर एकजुट होने का फैसला किया है।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णयराज ठाकरे लेंगे। राज्य की राजनीतिक दिशा तय कर सकतेकांग्रेस की ओर से नासिक के स्थानीय नेता राहुल दिवे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने के निर्देश मिले हैं और इस विषयपर वे अपने वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट को अवगत कराएंगे। वहीं, राज्य कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि पार्टी ने अभी मनसे से गठबंधन परकोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसा कोई औपचारिक निर्णय नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे केबीच पिछले कुछ महीनों में कई बार मुलाकातें हो चुकी हैं, जिससे दोनों के बीच राजनीतिक समीकरण बनने की अटकलें लगातार तेज हैं। हालांकिकांग्रेस अब भी मनसे को महा विकास अघाड़ी का हिस्सा बनाने के पक्ष में नहीं दिख रही है।कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता डी.एल. कराड ने कहा कि सभी विपक्षी दल सरकार की विफलताओं जैसे भ्रष्टाचार और जातिवाद के खिलाफएक साथ आए हैं। उनका कहना है कि महायुति सरकार ने जनता की समस्याओं की अनदेखी की है। वहीं, सत्तारूढ़ दल इस गठबंधन को अवसरवादीबताते हुए विपक्ष पर हमलावर हैं। आने वाले चुनाव राज्य की राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं।

एसआईआर प्रक्रिया पर सियासी विवाद पलानीस्वामी बोले, डीएमके फर्जी वोट को बढ़ावा दे रही

तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके के महासचिव ई पलानीस्वामी ने सवाल उठाए हैं कि सत्ताधारी डीएमके एसआईआर के नाम परघबरा क्यों रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल झूठ बोलकर एसआईआर को लेकर भ्रम फैला रहा है। डीएमके का कहना है कि मतदातासूची के गहन पुनरीक्षण के लिए एक महीने का समय पर्याप्त नहीं है। इस पर पलानीस्वामी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के लिए एक महीने कासमय काफी है। मीडिया से बात करते हुए एआईएडीएमके महासचिव और पूर्व सीएम ई पलानीस्वामी ने कहा कि ‘बूथ स्तर के अधिकारी अपने-अपनेक्षेत्र में आठ दिनों में 300 घर कवर कर सकते हैं। ऐसे में ये कहना कि एसआईआर प्रक्रिया के लिए एक महीने का समय काफी नहीं है, ये सही नहींहै।’ डीएमके पर निशाना साधते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि ‘डीएमके और इसकी सहयोगी पार्टियां एसआईआर का नाम लेते ही घबरा क्यों जातीहैं? क्या वे नहीं चाहते कि मतदाता सूची की खामियां दूर हों?’ मतदाता सूची की खामियां दूरपलानीस्वामी ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण जरूरी है ताकि पलायन कर चुके या फिर मर चुके लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जासकें। अगर डीएमके इन सभी लोगों के नाम मतदाता सूची में रखना चाहती है तो इससे ये ही लगेगा की वे फर्जी मतदान को बढ़ावा दे रहे हैं। मतदातासूची में योग्य मतदाताओं के नाम ही शामिल होने चाहिए। पलानीस्वामी ने राज्य में डीजीपी की नियुक्ति न होने पर भी सवाल उठाए और कहा किडीजीपी की गैरमौजूदगी में राज्य की कानून व्यवस्था बनाए रखने में परेशानी हो रही है। डीएमके पर निशाना साधते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि’डीएमके और इसकी सहयोगी पार्टियां एसआईआर का नाम लेते ही घबरा क्यों जाती हैं? क्या वे नहीं चाहते कि मतदाता सूची की खामियां दूर हों?’

मिजोरम CM लालदुहोमा फटकारे गए, चुनाव आयोग ने MCC उल्लंघन पर चेतावनी दी “जानें क्या है पूरा मामला”

चुनाव आयोग ने मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा को आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन के लिए फटकार लगाई है। यह कार्रवाई डम्पाविधानसभा उपचुनाव में पार्टी के लिए प्रचार के दौरान दिए गए उनके बयानों को लेकर की गई है। एक अधिकारी के मुताबिक, आयोग ने राज्य केमुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से मिली रिपोर्ट और सत्तारूढ़ जोरोम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) पार्टी अध्यक्ष लललियानसावता के स्पष्टीकरण कीसमीक्षा करने के बाद पाया कि पार्टी का जवाब अस्वीकार्य है। आयोग ने शनिवार को मिजोरम के सीईओ को भेजे पत्र में कहा, ‘मुख्यमंत्री लालदुहोमाकी तरफ से दिया गया बयान निंदनीय है।’ चुनाव आयोग ने जेडपीएम अध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वे पार्टी के सभी स्टार प्रचारकों को आचार संहिताका कड़ाई से पालन करने के लिए जागरूक करें। इसके साथ ही चेतावनी दी कि किसी भी स्टार प्रचारक को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए, जिससेचुनाव में समान प्रतिस्पर्धा का माहौल बिगड़े या मतदाताओं के मन में निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा हो। आयोग ने कहा किसार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों, जिनमें मंत्री भी शामिल हैं, को अपने वक्तव्यों में सावधानी और संयम बरतना चाहिए।अपने पद का दुरुपयोग कर मतदाताओं को डराने का आरोप लगायामुख्य विपक्षी दल मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने हाल ही में शिकायत दर्ज कराई थी कि मुख्यमंत्री ने 21 अक्तूबर को वेस्ट फायलेंग गांव मेंजेडपीएम के प्रचार अभियान की शुरुआत के दौरान घोषणा की कि 770 करोड़ रुपये की लागत से रेइक गांव में बांध बनाकर 15 गांवों को पेयजलउपलब्ध कराया जाएगा। एमएनएफ ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के सलाहकार और विधायक डॉ. लॉरेन लालपेकलियाना चिनजाह ने 17 अक्तूबर को पर्वतुई और फूलपुई वेस्ट गांवों में मुफ्त स्वास्थ्य शिविर लगाकर बड़ी मात्रा में दवाएं बांटीं, जो आचार संहिता का उल्लंघन है। इसकेअलावा, एमएनएफ की कानूनी समिति ने गुरुवार को एक और शिकायत दायर की, जिसमें लालदुहोमा पर भड़काऊ भाषण देने, सामुदायिक तनावभड़काने की कोशिश करने और अपने पद का दुरुपयोग कर मतदाताओं को डराने का आरोप लगाया गया। स्टार प्रचारकों को आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने के लिए जागरूकमिजोरम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ललरोजामा ने बताया कि जेडपीएम से नई शिकायत पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह मामला आयोग के पासविश्लेषण रिपोर्ट के साथ भेजा जाएगा। डम्पा विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 11 नवंबर को होगा। चुनाव आयोग ने सीएम के बयान की निंदाकरते हुए जेडपीएम अध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वे पार्टी के सभी स्टार प्रचारकों को आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने के लिए जागरूक करें।बता दें कि डम्पा विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 11 नवंबर को होगा।

अखिलेश यादव का भाजपा पर तंज, बोले महंगाई और नोटबंदी में जनता हो रही है गुमराह

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा, किसानों को वोट लेने के लिए गुमराह किया। उनको झूठा आश्वासनदिया। उनसे गया कि आपकी आय दोगुनी हो जाएगी। लेकिन, कुछ नहीं हुआ। आज महंगाई चरम पर हैं। डीजल, पेट्रोल और बिजली का बिल कहांपहुंच गया। आजकल घर बनाना महंगा, सारा सामान महंगा। रुपया तो इन्होंने नोटबंदी से एकत्रित कर लिया है। अब ये इनकी नजर सोने पर है। मुझेलगता है भाजपा सोना एकत्रित कर रही है। तभी तो महंगा हो रहा है। आखिर कहां जा रहा है सोना फिर? आज गरीब आदमी सोने की छोटी की चीजभी बेटी को शादी में नहीं दे पा रहा है। क्योंकि इतना महंगा जो हो गया है। पीडीए का एक वोट न कट जाए। बेईमानी न हो इसके लिए संघर्ष कियाजाएगा। बिहार में जंगल राज है। आजम ने कहा तो क्या गलत है। अधिकारी मिलकर जमीनों पर कब्जा करा रहे हैं। सरकार का सूचना तंत्र काफीकमजोर है। इसीलिए तो घुसपैठिये आ रहे हैं। लखनऊ में सपा कार्यालय से अखिलेश यादव से प्रेसवार्ता की। इस दौरान भाजपा पर नोटबंदी में पैसेजुटाने और अब सोना एकत्रित करने का आरोप लगाया है. इमोशन पर सरकार चला रहेअखिलेश यादव ने कहा, बिहार जा रही 35 हजार लीटर शाराब पकड़ी है। कफ सिरफ की गड़बड़ी में भाजपा के लोग शामिल हैं। 2022 के चुनाव मेंहोने डाटा और आटा फ्री में देने का वादा किया था। हर युवा को मुफ्त मोबाइल देने का वादा किया था। लेकिन, जनता ने स्वीकार नहीं किया। अच्छीबात है कि मुख्यमंत्री जापान और सिंगापुर जा रहे हैं। वहां से क्यूटो जाएं। ये इमोशन पर सरकार चला रहे हैं। हम लोगों का सपना है की राष्ट्रीय पार्टीबने। इसके लिए 2029 तक इंतजार करना होगा। अस्पताल खोल दिए इलाज की सुविधा नहीं। कैंसर का इलाज नहीं है। ये प्राइवेट अस्पताल काउद्घाटन करके खुश होते है। एसआइआर में आधार न मानने पर कोर्ट जाएंगे।