दिल्ली विधानसभा में ऐतिहासिक क्षण उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कॉफी टेबल बुक का किया भव्य विमोचन

विधानसभा के शताब्दी सम्मान समारोह में उपराष्ट्रपति की प्रशंसादिल्ली विधानसभा सचिवालय में संविधान स्वीकृति दिवस के अवसर पर एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भारत केउपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पहली बार तैयार की गई विशेष कॉफी टेबल बुक दिल्ली विधानसभा की प्रस्तुति शताब्दी–यात्रा, वीर विट्ठलभाईपटेल का विमोचन किया। यह पुस्तक 1925 में केंद्रीय विधान सभा के प्रथम भारतीय निर्वाचित अध्यक्ष बने वीर विट्ठलभाई पटेल के 100 वर्ष पूर्णहोने पर तैयार की गई है। कार्यक्रम में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता तथा कईवरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह अवसर न केवल संविधान दिवस का उत्सव था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा के सौ वर्षों कोसमर्पित एक ऐतिहासिक क्षण भी था। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का संदेश दिल्ली को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ राजधानी बनना चाहिएकार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने दिल्ली के महत्व और उसकी वैश्विक पहचान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली को किसी औरशहर जैसा बनने की नहीं, बल्कि अपनी विशिष्टता के साथ दुनिया की सर्वश्रेष्ठ राजधानी के रूप में उभरने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संविधानदिवस केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक शक्ति और नागरिक अधिकारों का स्मरण है। यह वह दिन है जब नागरिक स्वयं को संविधानके मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व से जोड़ते हैं। उपराष्ट्रपति ने यह भी बताया कि यह विधानसभा भवन इतिहास का जीवंत हिस्सा है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक बहसों को करीब से देखा है। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन की सराहना करते हुए कहा कियह आने वाली पीढ़ियों को लोकतंत्र के विकास की यात्रा से अवगत कराएगी। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने की पहल की सराहनाकार्यक्रम में उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आठवीं विधानसभा के प्रारंभ में उन्होंने इस पुस्तक कीपरिकल्पना प्रस्तावित की थी, और आज इसका साकार होना पूरे दिल्ली के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस हमें याद दिलाताहै कि भारत की लोकतांत्रिक नींव कितनी मजबूत और दूरदर्शी है। यह संविधान ही है जो विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों वाले भारत को एकसूत्र में पिरोता है। उन्होंने नागरिकों से संविधान में निहित आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा संविधान भारत की आत्मा हैमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में कहा कि संविधान केवल नियमों का संग्रह नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। उन्होंने कहा कि यह कॉफी टेबल बुकभारत की संवैधानिक यात्रा का दर्पण है, जिसे देखकर हर भारतीय गर्व महसूस करेगा। मुख्यमंत्री ने इस प्रकाशन को दिल्ली विधानसभा की ओर से देशको दिया गया एक महत्वपूर्ण उपहार बताया।विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता संविधान पालन करना ही सच्चा सम्मानदिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान स्वीकृति दिवस का आयोजन इस ऐतिहासिक भवन में होना एक भावुकऔर गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि यह भवन स्वतंत्रता, लोकतंत्र और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण बहसों का केंद्र रहा है और आज भी यही परंपराआगे बढ़ रही है। अध्यक्ष ने कॉफी टेबल बुक के बारे में बताते हुए कहा कि इसमें दुर्लभ ऐतिहासिक छवियों के माध्यम से भारत की 100 वर्ष कीलोकतांत्रिक यात्रा को सुंदर रूप से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा बन गई है जो100% सौर ऊर्जा से संचालित हो रही है। इससे हर वर्ष लगभग ₹1.75 करोड़ की बचत होगी, जिसका उपयोग जनसेवा में किया जाएगा। इतिहास, विरासत और लोकतंत्र का संगम विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभाकार्यक्रम में असम के पूर्व राज्यपाल जगदीश मुखी, राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक तथा पार्षदगण भी उपस्थितरहे। सभी अतिथियों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर और वीर विट्ठलभाई पटेल की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही, संविधानस्वीकृति दिवस के अवसर पर तीन मिनट की विशेष लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने संविधान की यात्रा को सरल और रोचक रूप मेंप्रस्तुत किया। लोकतंत्र के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदमयह कार्यक्रम केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक विरासत, संवैधानिक मूल्यों और दिल्ली की ऐतिहासिक भूमिकाको गर्वपूर्वक प्रदर्शित करने वाला अवसर था।उपराष्ट्रपति, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के विचारों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली न सिर्फ भारत की राजधानी है बल्कि लोकतंत्र कीधड़कन भी है। कॉफी टेबल बुक का प्रकाशन दिल्ली विधानसभा की उस सतत यात्रा का प्रतीक है, जो इतिहास को सहेजते हुए भविष्य के लिए मार्गप्रशस्त करती है।
देवेन्द्र यादव का आरोप – दिल्ली गैस चैंबर बनी, सरकार तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करे

दिल्ली में बढ़ते दमघोटू प्रदूषण और लगातार 400 से ऊपर पहुँच रहे एक्यूआई के बीच आज दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव नेभाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने राजधानी की बिगड़ती हवा को गैस चैंबर जैसा बताते हुए कहा कि दिल्ली की हर सांसपर संकट मंडरा रहा है और मुख्यमंत्री को तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करना चाहिए।कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर सौंपा ज्ञापनदिल्ली में खतरनाक प्रदूषण की स्थितियों को देखते हुए आज कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क लगाकर दिल्ली सचिवालयपहुँचा। प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नाम एक विस्तृत ज्ञापन दिल्ली सरकार के पर्यावरण सचिव को सौंपा गया।ज्ञापन के साथ कांग्रेस ने यह संदेश दिया कि दिल्ली की हवा आम लोगों के लिए जानलेवा बन चुकी है और सरकार को अब प्रतीकात्मक बयानबाजीनहीं, बल्कि तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। दिल्ली की हर सांस संकट में, पर मुख्यमंत्री सिर्फ बयान देती हैंदेवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी का लगभग हर इलाका दमघोटू धुंध की चपेट में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पूरे हालात कोहल्के में लेते हुए यह कह रही हैं कि प्रदूषण उन्हें दहेज में मिला है। देवेन्द्र यादव के अनुसार इस तरह के बयान सरकार की संवेदनहीनता को दिखाते हैं, जबकि दिल्ली के गरीब मजदूर, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गरीब और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित – कांग्रेस की चिंतादेवेन्द्र यादव ने कहा कि अमीर परिवार एयर प्यूरीफायर, एयर-कंडीशंड कमरों और रेस्पिरेटर के सहारे खुद को बचा सकते हैं, लेकिन दिल्ली की 90 प्रतिशत आबादी के पास ऐसा कोई साधन नहीं। उन्होंने कहा कि मजदूरों का काम बंद होने पर उनकी दिहाड़ी रुक जाती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट केनिर्देशों के बाद भी रेखा सरकार ने मजदूरों के लिए राहत की कोई नीति नहीं बनाई। सरकार सिर्फ घोषणाओं में व्यस्त, प्रदूषण नियंत्रण में विफलकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 9 महीनों से भाजपा सरकार प्रदूषण रोकने की बजाय सिर्फ घोषणाएँ कर रही है। ग्रेप-3 लागू करने में भी सरकार नेआधे-अधूरे कदम उठाए दफ्तरों में 50 प्रतिशत उपस्थिति और प्राथमिक स्कूल बंद किए गए, पर बड़े बच्चों को प्रदूषण से बचाने की कोई योजना नहींबनाई गई। डॉक्टर भी स्वास्थ्य आपातकाल की सलाह दे रहे हैं, लेकिन सरकार टालमटोल कर रही है। पराली, धूल और वाहनों के धुएं पर कोई नियंत्रण नहींदेवेन्द्र यादव ने कहा कि अगर सरकार गंभीर होती तो पड़ोसी राज्यों में पराली रोकने के लिए संवाद करती। इसके अलावा टूटी सड़कों, गड्ढों, उड़ती धूलऔर वाहनों के धुएं पर नियंत्रण करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। राजधानी के कई इलाकों में सड़कों की मरम्मत महीनों से रुकी है, जिससे धूलप्रदूषण कई गुना बढ़ा है। डीटीसी बेड़े में भारी कमी, ग्रीन कवर में कोई सुधार नहींकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले आठ महीनों में दिल्ली की बस सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। डीटीसी से 2000 बसें हट चुकी हैं और दिसंबर तक1032 और बसें हटने वाली हैं। ग्रीन कवर बढ़ाने के नाम पर भी सरकार ने कोई बड़ा काम नहीं किया।उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण की बजाय सरकार ए़क्यूआई डेटा में हेरफेर कर लोगों को गलत जानकारी दे रही है, जो लोगों की सेहत के साथखिलवाड़ है। शीला दीक्षित सरकार के सुधारों का उल्लेखदेवेन्द्र यादव ने कहा कि जब 1998 में कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार सत्ता में आई, तब दिल्ली में सिर्फ 1% ग्रीन कवर था। 15 वर्षों में इसेबढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया, पूरी परिवहन व्यवस्था को सीएनजी पर लाया गया, मेट्रो के दो फेज पूरे किए गए और दिल्ली को किरोसीन मुक्तबनाकर महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े सुधारों की तुलना में मौजूदा भाजपा और पूर्व AAP सरकारों ने 11 वर्षोंतक कोई महत्वपूर्ण काम नहीं किया। भाजपा और आप दोनों जिम्मेदार, दिल्ली का दम घुट रहा हैदेवेन्द्र यादव ने कहा कि आज दिल्ली की जनता जिस गंभीर प्रदूषण संकट का सामना कर रही है, उसके लिए भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार और उससेपहले की AAP सरकार, दोनों बराबर जिम्मेदार हैं। 11 वर्षों तक दिल्ली की सड़कों, बसों, पार्कों और इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी की गई। सिर्फराजनीति और प्रचार किया गया। तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल और सर्वदलीय बैठकदेवेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदूषण से जूझ रहे दिल्लीवासियों के लिए अब एक ही रास्ता हैमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें और सभी दलों को बुलाकर सर्वदलीय बैठक करें। उन्होंने कहा कि बैठक में मिले सुझावोंको लागू कर सरकार को स्थायी और स्पष्ट प्रदूषण नियंत्रण नीति बनानी चाहिए, ताकि दिल्ली के लोग राहत की सांस ले सकें।