18 पुरानी विधानसभा सीटें गायब, 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने में परेशानी

चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए उत्तराखंड की वर्ष 2003 की मतदाता सूची तो जारी हो गई लेकिन इसमें नाम खोजनाआसान नहीं है। प्रदेशभर में उस वक्त 18 विधानसभा सीटें ऐसी थीं, जो आज अस्तित्व में ही नहीं हैं। परिसीमन के बाद इनके नाम और क्षेत्र बदल गएथे। एसआईआर के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान किया जाना है। आपका वोट 2003 में था या नहीं, इसके लिए मुख्य निर्वाचनअधिकारी देहरादून कार्यालय ने वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची जारी कर दी है। नई पीढ़ी के मतदाता जब यहां देहरादूनकी धर्मपुर व रायपुर, चमोली की थराली, पौड़ी की चौबट्टाखाल, नैनीताल की लालकुआं व भीमताल, ऊधमसिंह नगर की कालाढूंगी सीट की तलाशकरेंगे तो उन्हें नहीं मिलेगी। वर्ष 2003 में ये विधानसभा सीटें थी ही नहीं। वर्ष 2002 में हुआराज्य गठन के बाद पहला परिसीमन वर्ष 2002 में हुआ था, जिसमें राज्य में विधानसभा की 70 और लोकसभा की पांच सीटें तय हुई थीं। 2003 कीमतदाता सूची में भी इन्हीं सीटों का जिक्र है। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर जब वर्ष 2008 में परिसीमन हुआ तो उत्तराखंड की विधानसभा, लोकसभासीटों की संख्या तो नहीं बदली लेकिन 18 सीटों का वजूद खत्म हो गया था। इसके बजाय नए नाम से सीटें आ गई थीं। वर्तमान मतदाता जब नएनाम को सर्च करेंगे तो उन्हें 2003 की मतदाता सूची में इन 18 सीटों के नाम नहीं मिलेंगे। नाम से विस सीटचमोली जिले में नंद्रप्रयाग व पिंडर के नाम से विस सीट थीं, जिनकी जगह अब थराली नाम से सीट है। देहरादून जिले में लक्ष्मणचौक व देहरादून केनाम से सीट थी, अब धर्मपुर, रायपुर व देहरादून कैंट के नाम से है। हरिद्वार जिले में इकबालपुर, लंढौरा, बहादराबाद, लालढांग के नाम से सीट थीं, अब इनकी जगह भेल रानीपुर, ज्वालापुर, झबरेड़ा, पिरान कलियर, खानपुर व हरिद्वार ग्रामीण के नाम से है। पौड़ी जिले में धूमाकोट, बीरोंखाल, थलीसैंण के नाम से सीट थीं, अब इनकी जगह चौबट्टाखाल नाम से है। पिथौरागढ़ में कनालीछीना और अल्मोड़ा में भिकियासैंण के नाम से सीट थीं, जो अब नहीं हैं। नैनीताल में मुकतेश्वर व धारी के नाम से सीट थीं, अब लालकुआं, भीमताल व कालाढूंगी के नाम से हैं। यूएसनगर में पंतनगर-गदरपुर, रुद्रपुर-किच्छा के नाम से सीट थीं, जो खत्म हो गईं और इनकी जगह गदरपुर, रुद्रपुर, किच्छा व नानकमत्ता के नाम से सीट है।
महाराष्ट्र में देरी से बने जन्म प्रमाण पत्र के लिए आधार अमान्य, अगस्त 2023 के बाद जारी प्रमाण पत्र रद्द

महाराष्ट्र सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा है कि राज्य में देरी से बनने वाले जन्म प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड को दस्तावेज नहीं माना जाएगा।साथ ही सरकार ने अगस्त 2023 के बाद से सिर्फ आधार कार्ड के जरिए बने सभी जन्म प्रमाण पत्र को भी रद्द करने का निर्देश दिया है। दरअसलसरकार ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र बनने से रोकने के लिए यह आदेश जारी किया है। सरकार का कहना है कि अवैध कामों में इनफर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल हो रहा है। बावनकुले ने सभी संदिग्ध दस्तावेजों को भी रद्द करने का आदेशमहाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सभी संदिग्ध दस्तावेजों को भी रद्द करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन अधिकारियों केखिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज जारी किए। राजस्व विभाग ने राज्य के सभी तहसीलदार, एसडीओ और जिलाआयुक्तों और मंडल आयुक्तों को भी 16 बिंदुओं में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत आधार कार्ड को जन्म प्रमाणपत्र के लिए सबूत नहीं माना जा सकता। राजस्व मंत्री बावनकुले ने ये भी कहा कि आवेदक की जानकारी और आधार कार्ड की तारीख में कोई भीगड़बड़ी पाई गई तो पुलिस केस दर्ज किया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति असल दस्तावेज पेश नहीं कर पाता है तो उसके खिलाफ भी एफआईआर दर्जकी जाएगी। आदेश ऐसे समय आयागौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार का यह आदेश ऐसे समय आया है, जब राज्य सरकार ने बीते दिनों 42 हजार से ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र रद्द किएहैं, जो कथित तौर पर भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों ने बनवा लिए थे। एक विशेष अभियान चलाकर महाराष्ट्र सरकार अवैध बांग्लादेशियोंकी पहचान कर रही है। ऐसे में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र आगे न बन पाएं, यही वजह है कि सरकार इसके नियम और प्रक्रिया को सख्त करने जा रही है।उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से भी निर्देश जारी किया गया है कि आधार कार्ड को जन्म प्रमाण पत्र या जन्म की तारीख के सबूत के तौर पर दस्तावेजनहीं माना जाएगा। उत्तर प्रदेश के योजना विभाग द्वारा अन्य सभी विभागों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
लखनऊ में राष्ट्रीय जंबूरी का समापन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 15 हजार स्काउट-गाइड्स की सलामी

भारत स्काउट एंड गाइड की संरक्षक व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को लखनऊ में होंगी। वृंदावन स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में आयोजित 19वींराष्ट्रीय जंबूरी के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति करीब 90 मिनट तक स्काउट्स गाइड्स के बीच रहेंगी। इस दौरान अलग-अलग प्रांत, राज्य वविदेश के 15 हजार प्रतिभागी उन्हें सलामी देंगे। भारत स्काउट एंड गाइड यूपी के मुख्यायुक्त प्रभात कुमार ने बताया कि प्रस्तावित कार्यक्रम केअनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू दोपहर 3:30 मिनट पर राष्ट्रीय जंबूरी में शिरकत करेंगी। उनके स्वागत में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ भी शामिल होंगे। राष्ट्रपति प्रोटोकॉल के अनुसार, कार्यक्रम करीब 1:30 घंटे तक चलेगा। अपने-अपने परिधान में संस्कृतिमुख्य आयुक्त के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान यूपी सहित देश सभी राज्यों, सेंट्रल रेलवे और विदेशी स्काउट गाइड अपने-अपने परिधान में संस्कृतिप्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की ओर से मार्च पास्ट और कलर पार्टी भी होगी। परेड में सभी स्काउट गाइड अपने-अपने ड्रेस और बैंडबाजा के साथ जंबूरी के राष्ट्रीय संगीत पर राष्ट्रपति को सलामी देंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल राष्ट्रीय जंबूरी के समापन पर लखनऊ आएंगी। स्काउटगाइड के बीच वह 90 मिनट रहेंगी। उन्हें 15 हजार युवा सलामी देंगे। इसमें राज्यपाल और सीएम भी शामिल होंगे।
31 दिसंबर से उड़ान भरेगा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, सुरक्षा मानकों के लिए सीएम योगी ने दिए कड़े निर्देश

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 31 दिसंबर से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बृहस्पतिवार को एनआईए, ब्यूरो ऑफ सिविल एविशन सिक्योरिटी, यमुना प्राधिकरण, नागर विमानन महानिदेशालय के अफसरों केसाथ समीक्षा बैठक की। इसमें सीएम योगी ने 31 दिसंबर की डेडलाइन दी। अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के निरीक्षण के बाद सीएम योगी ने समीक्षा बैठकमें कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सबसे पहले सुरक्षा जांच के बाद एयरोड्रम लाइसेंस की प्रक्रिया कीजाएगी। 4 दिसंबर तक डीजीसीए से लाइसेंस जारी हो जाएगा। 15 दिसंबर को उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय लिया जा रहा है।निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के बोर्डरूम में मंत्री नगर विमानन मंत्रालय, सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिकउड्डयन,निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडाइंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथउच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावरप्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई। परियोजना की प्रगति पर समीक्षा,एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रमपरियोजना की प्रगति पर समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने पाया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंनेनिर्देश देते हुए कहा कि ब्यूरो आफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों कोतत्काल पूर्ण किया जाए और शीघ्रातिशीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश कीमहत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।” माननीयमुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है। इसलिए निर्माण कार्योंकी गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए किउद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करे। वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होनेपर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा जोइसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के मंत्री बृजेश सिंह, विधायक जेवर धीरेन्द्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेन्द्र नागर, अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश दीपक कुमार, मण्डलायुक्त मेरठ मण्डल मेरठ भानू चंद्र गोस्वामी, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम सहित शासन, प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थ्ति रहे।
दीप्ति शर्मा बनी सबसे महंगी खिलाड़ी, यूपी वारियर्स ने मेगा नीलामी में दिखाई आक्रामक रणनीति

महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 सीजन के लिए मेगा नीलामी गुरुवार को संपन्न हुई। इस नीलामी में कुल 277 खिलाड़ी शामिल हुए थे, जिनमें से 67 खिलाड़ियों पर बोली लगी। पांचों फ्रेंचाइजी के पास कुल 73 रिक्त स्थान थे, लेकिन नीलामी में टीमों ने मिलकर 67 खिलाड़ियों कोखरीदा, जिनमें 23 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। इस नीलामी में सबसे महंगी खिलाड़ी भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्हें यूपी वारियर्स नेआरटीएम का इस्तेमाल करते हुए 3.2 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा। सभी फ्रेंचाइज़ी ने मिलकर कुल 40.8 करोड़ रुपये खर्च किए। डब्ल्यूपीएल2026 सीजन की शुरुआत 9 जनवरी से होगी, जबकि फाइनल मुकाबला 5 फरवरी को खेला जाएगा. यूपी आक्रामक और स्पष्ट रणनीति के साथने मेगा नीलामी में सबसे आक्रामक और स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ते हुए कई बड़े फैसले लिए। टीम ने पहले ही राउंड में यह साफ कर दिया किवे दीप्ति शर्मा को किसी भी कीमत पर जाने नहीं देंगे। दीप्ति पर कई टीमों ने बोली लगाई, लेकिन अंत में यूपी ने आरटीएम कार्ड का इस्तेमाल करतेहुए 3.20 करोड़ में उन्हें अपनी टीम में बरकरार रखा। यह न सिर्फ नीलामी की सबसे महंगी बोली थी, बल्कि यह इस बात का भी संकेत था किफ्रेंचाइजी उनके ऑलराउंड कौशल पर कितना भरोसा करती है। दीप्ति हाल ही में 2025 वनडे विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहीं, जहां उन्होंने215 रन और 22 विकेट लेकर भारत की खिताबी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महान कप्तान मेग लैनिंगयूपी ने नीलामी में एक और बड़ा धमाका करते हुए ऑस्ट्रेलिया की महान कप्तान मेग लैनिंग को 1.90 करोड़ में अपनी टीम से जोड़ा। लैनिंग पिछलेतीन सीजन से दिल्ली कैपिटल्स को लगातार फाइनल में ले जाने का अनुभव रखती हैं, ऐसे में यूपी वॉरियर्स को अब एक मजबूत नेतृत्व का विकल्प भीमिल गया है। इसके अलावा टीम ने अपना दूसरा आरटीएम इस्तेमाल करते हुए दुनिया की नंबर-1 टी20 स्पिनर सोफी एक्सलस्टोन को भी वापसबुलाया, जबकि भारत की युवा पेसर क्रांति गौड़ को भी आरटीएम से ही टीम में शामिल रखा गया। इसके बाद यूपी ने स्क्वॉड को बैलेंस करने के लिएफीबी लिचफील्ड, शिखा पांडे, क्लो ट्रॉयन, आशा शोभना, प्रतिका रावल और अन्य युवा खिलाड़ियों को जोड़ा। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही किऑस्ट्रेलिया की कप्तान और डब्ल्यूपीएल की सबसे चमकदार चेहरों में से एक एलिसा हीली अनसोल्ड रह गईं।
दिल्ली की बदहाल हक़ीक़त और बदलाव की पुकार – देवेन्द्र यादव का बड़ा बयान

कांग्रेस का संदेश दिल्ली को झूठ और भ्रष्टाचार की राजनीति से मुक्ति दिलानी होगीदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कंस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 30 नवम्बर को होने वालेनिगम उपचुनाव दिल्ली के लिए बेहद निर्णायक हैं। उन्होंने अपील की कि दिल्ली के लोग यह चुनाव सिर्फ एक प्रक्रिया न समझें, बल्कि इसे अपनीआने वाली पीढ़ियों के भविष्य के रूप में देखें। देवेन्द्र यादव के अनुसार भाजपा और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली को झूठे वादों, फरेबी योजनाओं औरखोखली राजनीति में उलझाकर रखा है। आम आदमी पार्टी ने 2500 रुपये मासिक, 500 रुपये में सिलेंडर और त्योहारों पर मुफ्त गैस का वादा किया, पर सच में जनता को सिर्फ धोखा मिला। BJP ने भी दिल्ली के मुद्दों को हल करने के बजाय सत्ता, बयानबाज़ी और दिखावे में समय बिताया। आजजब दिल्ली प्रदूषण, गंदगी, टूटी सड़कों, अव्यवस्थित परिवहन और बिगड़ी कानून व्यवस्था से जूझ रही है, तब कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प बनकर खड़ीहै। शीला दीक्षित का स्वर्णिम शासन दिल्ली को विश्वस्तरीय पहचान मिली थीदेवेन्द्र यादव ने कांग्रेस के 15 वर्ष के कामकाज को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित सरकार का शासन दिल्ली के इतिहास का सबसेसुनहरा दौर था। उस समय दिल्ली को हर मायने में विकसित किया गया—सड़कों की गुणवत्ता, परिवहन व्यवस्था, बिजली-पानी, ग्रीन कवर, शिक्षाऔर स्वास्थ्य हर दिशा में उल्लेखनीय सुधार हुआ। दिल्ली में मेट्रो का विस्तार समय पर पूरा हुआ, CNG आधारित DTC बसें लाई गईं, 24 घंटेबिजली उपलब्ध कराई गई, और गरीब व मध्यम वर्ग के लिए योजनाएँ बिना भेदभाव के लागू की गईं। 56,000 मकान बनाकर गरीबों कोसम्मानजनक आवास दिया गया। लोग उस समय दिल्ली को स्वर्ग जैसी दिल्ली कहते थे, जहाँ विकास दिखाई देता था और व्यवस्थाएँ मज़बूत थीं। AAP और BJP का शासन स्वर्ग जैसी दिल्ली को नर्क में बदल दियादेवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में AAP और BJP ने मिलकर दिल्ली की हालत बुरी तरह से बिगाड़ दी है। प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँचचुका है, सड़कों की हालत रोज़ाना दुर्घटनाओं को दावत देती है, परिवहन व्यवस्था टूट चुकी है और कानून व्यवस्था दिन-ब-दिन कमज़ोर हो रही है।राजधानी में कूड़े के पहाड़ बढ़ गए हैं, पेंशन योजनाएँ ठप हैं, और स्वास्थ्य सेवाएँ अव्यवस्थित। दिल्ली आज अपराध की राजधानी बनकर रह गई है, जहाँ महिलाएँ असुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने बताया कि लगातार AQI 400 से ऊपर रहने के कारण प्रदूषण से एक वर्ष में 17,188 लोगों कीमौत होना बेहद दुखद है। सरकारें सिर्फ बयान दे रही हैं, लेकिन समाधान की दिशा में कुछ नहीं कर रहीं। वोट चोरी का आरोप लोकतंत्र पर चोटसंवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस ने अशोक विहार वार्ड में वोट चोरी का मामला भी उजागर किया। वोटर लिस्ट में एक ही चेहरे को 91 बार दोहराए जानेका उदाहरण दिखाकर देवेन्द्र यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा की सांठगांठ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्य पर सीधीचोट है और भाजपा यही तरीका अपना कर सत्ता में बने रहना चाहती है। महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल अल्का लांबा का बयानसंवाददाता सम्मेलन में अल्का लांबा ने कहा कि दिल्ली आज अपराध की राजधानी बन गई है। महिलाओं, छात्राओं और युवतियों के साथ होने वालीछेड़छाड़, यौन शोषण और झपटमारी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। उन्होंने बताया कि अमेरिका तक ने अपनी एडवायज़री मेंकहा है कि दिल्ली जाने पर महिलाएँ खुद अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें यह राजधानी के लिए शर्मनाक स्थिति है। शिक्षा के नाम पर छल राजेन्द्र पाल गौतम का आरोपराजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि AAP और BJP ने मिलकर गरीब, दलित और वंचित वर्ग के बच्चों के साथ भेदभाव किया है। प्रतिभा विकासविद्यालयों का नाम बदलकर सीटें प्राइवेट स्कूलों के लिए आरक्षित कर दी गईं, जिससे गरीब छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया। उन्होंने कहा किशिक्षा को महंगा बनाकर आम आदमी पार्टी ने गरीबों से पढ़ाई का अधिकार छीन लिया है, जबकि कांग्रेस ने इन बच्चों के लिए समान अवसर पैदाकिए थे। दिल्ली का भविष्य कांग्रेस ही विकल्प काजी निजामुद्दीनकाजी निजामुद्दीन ने कहा कि आम आदमी पार्टी और भाजपा ने मिलकर दिल्ली को बेरोज़गारी, अव्यवस्था और प्रदूषण की राजधानी बना दिया है।रोजगार खत्म होते गए और झुग्गियों को उजाड़कर गरीबों को बेघर किया गया। उन्होंने कहा कि निगम उपचुनाव सत्ता नहीं बदलेंगे, लेकिन यह बताएंगेकि दिल्ली अब किस दिशा में जाना चाहती है। दिल्ली के पास अब सिर्फ एक विकल्प है कांग्रेस दिल्ली को बचाना है, सच को चुनना हैदेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्लीवासी अगर आज बदलाव नहीं चुनेंगे, तो आने वाले साल और भी कठिन होंगे। दिल्ली को फिर से विकसित, स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बनाना है, जैसा कि शीला दीक्षित के समय था। उन्होंने अपील की कि 30 नवम्बर को सभी 12 वार्डों में कांग्रेस कोसमर्थन देकर दिल्ली को झूठ, फरेब और भ्रष्टाचार की राजनीति से मुक्त कराएं।