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रेल कर्मियों की सतर्कता से जयपुर स्टेशन पर बड़ा फर्जी टिकट मामला उजागर

सरिता साहनी15 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली जयपुर रेलवे स्टेशन पर सामने आया चौंकाने वाला मामलाजयपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों की सजगता और सतर्कता के चलते फर्जी UTS टिकट के जरिए यात्रा करने का एक गंभीर मामला सामनेआया है। यह घटना न केवल रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल किसतरह कानून तोड़ने का माध्यम बन सकता है। जांच के दौरान हुआ फर्जीवाड़े का खुलासायह मामला ट्रेन संख्या 12250 से जैसलमेर से जयपुर की यात्रा कर रहे 7 यात्रियों के एक समूह से जुड़ा है। जब टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों सेटिकट दिखाने को कहा गया, तो उन्होंने मोबाइल फोन पर UTS टिकट दिखाया। यात्रियों ने बताया कि मूल टिकट उनके पास नहीं है, बल्कि वहउनके एक अन्य साथी के पास था, जो स्टेशन से पहले ही उतरकर चला गया। रेल कर्मियों को हुआ संदेहटिकट चेकिंग स्टाफ हेमराज गुर्जर और दीपक कुमार ने जब मोबाइल पर दिखाए गए टिकट को ध्यान से देखा, तो उन्हें शक हुआ। टिकट में 7 वयस्कयात्रियों का विवरण दर्ज था, जबकि नियमों के अनुसार अनारक्षित UTS टिकट एक बार में अधिकतम चार यात्रियों के लिए ही जारी होता है। इसीबात ने रेलवे स्टाफ को सतर्क कर दिया। कड़ाई से पूछताछ में सामने आई सच्चाईजब यात्रियों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने AI टूल “Gemini” की मदद से टिकट में हेरफेर किया है। यात्रियों नेबताया कि उन्होंने एक असली UTS टिकट की फोटो लेकर उसमें यात्रियों की संख्या और राशि को डिजिटल रूप से बदल दिया। जांच में हुआ बड़ा खुलासामामले की पुष्टि के लिए जैसलमेर रेलवे स्टेशन के स्टाफ से टिकट विवरण का मिलान किया गया। जांच में साफ हुआ कि UTS टिकट वास्तव मेंकेवल 1 यात्री के लिए जारी किया गया था, जिसकी कीमत ₹215/- थी। लेकिन यात्रियों ने उसी टिकट को एडिट करके 7 यात्रियों का दिखाया औरटिकट राशि ₹1505/- दर्शा दी। रेलवे के साथ धोखाधड़ी का प्रयासयह पूरा मामला रेलवे के साथ जानबूझकर की गई धोखाधड़ी का था। यात्रियों ने AI तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए नियमों को तोड़ने कीकोशिश की, लेकिन रेलवे कर्मचारियों की सजगता से उनका यह प्रयास असफल हो गया। रेलवे नियमों के तहत सख्त कार्रवाईरेलवे नियमों के अनुसार सभी 7 यात्रियों पर संयुक्त रूप से ₹2790/- का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाईकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। रेलवे प्रशासन की कड़ी चेतावनीरेलवे प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि AI या किसी भी डिजिटल माध्यम से टिकट में छेड़छाड़ करना एक दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलोंमें रेलवे द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। यात्रियों से की गई अहम अपीलरेलवे ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे केवल वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे अन्य यात्रियों को भी परेशानी होती है। ईमानदारी से यात्रा करना ही सुरक्षित और सही रास्ता है। सतर्कता ही सुरक्षा की कुंजीयह घटना साबित करती है कि यदि रेलवे कर्मचारी सजग और जिम्मेदार रहें, तो किसी भी तरह की धोखाधड़ी को समय रहते रोका जा सकता है। साथही यह यात्रियों के लिए भी एक सबक है कि तकनीक का सही उपयोग करें, न कि कानून तोड़ने के लिए।

प्रदूषण से दिल्ली गैस चैंबर बनी, संसद में चुप्पी क्यों? — संजय सिंह

सरिता साहनी15 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने देश और दिल्ली से जुड़े गंभीर मुद्दों पर संसद में चर्चा न कराने को लेकर भाजपाऔर मोदी सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रदूषण की वजह से गैस चैंबर में तब्दील हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद मोदीसरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार नहीं है। प्रदूषण बना जानलेवा संकटसंजय सिंह ने कहा कि देश में हर साल लगभग 20 लाख लोगों की मौत प्रदूषण के कारण हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह चिंता देश केमुख्य न्यायाधीश की हो सकती है, तो क्या देश की सरकार की नहीं होनी चाहिए? आज दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 1000 के पारचला गया है, लोग सांस लेने में तकलीफ झेल रहे हैं, लेकिन संसद में इस पर एक मिनट की भी बहस नहीं हो रही है। मोदी सरकार के लिए असल मुद्दे बहस योग्य नहींसंजय सिंह ने कहा कि प्रदूषण ही नहीं, बल्कि देश से जुड़े कई गंभीर मुद्दे मोदी सरकार के लिए बहस योग्य नहीं हैं। उन्होंने बताया कि देश कीअर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है, रुपया लगातार गिर रहा है और देश पर लाखों करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ चुका है। इसके साथ ही चीन भारतीय सीमा मेंघुसपैठ कर रहा है, अमेरिका भारत पर भारी टैरिफ लगा रहा है और किसानों को खाद तक नहीं मिल पा रही है। फिर भी सरकार इन मुद्दों पर संसद मेंचर्चा नहीं चाहती। नकली मुद्दों से जनता को गुमराह किया जा रहासंजय सिंह ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार संसद में जानबूझकर नकली और बेकार मुद्दों पर चर्चा कराती है, ताकि देश की जनता का ध्यान असलीसमस्याओं से भटकाया जा सके। चिल्ला-चिल्लाकर आरोप लगाना और लोगों को भ्रमित करना ही सरकार की राजनीति बन चुकी है। वोट चोरी का मुद्दा देशभर में फैलायासंजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में हुई वोट चोरी के मुद्दे को सबसे पहले देश के सामने रखा। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टीके राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्वाचन क्षेत्र नई दिल्ली में, विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही 42 हजार वोट काट दिए गए थे। इसका सीधा असर यह हुआ कि वह करीब 4 हजार वोटों से चुनाव हार गए। एक चुनाव में वोट चोरी का बड़ा असरसंजय सिंह ने कहा कि मंत्रियों के घरों में 35-35 वोट और सांसदों के घरों में 22 से 25 वोट बनाए गए। इससे साफ होता है कि वोट चोरी किसी एकव्यक्ति या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संगठित तरीका है। दिल्ली इसका उदाहरण है, जहां से इस मुद्दे की शुरुआत हुई। अन्य राज्यों में भी वोट चोरी के आरोपउन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के बाद हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक और बिहार में भी इसी तरह वोट चोरी की गई। कर्नाटक में हुई गड़बड़ी बाद में देश केसामने आ चुकी है। अब सरकार बंगाल, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य राज्यों में भी इसी तरीके से चुनाव जीतना चाहती है। लंबे संघर्ष की तैयारी जरूरीसंजय सिंह ने कहा कि वोट चोरी और जनता के असल मुद्दों को दबाने के खिलाफ अब एक लंबा संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि आम आदमीपार्टी देश की जनता के साथ खड़ी है और संसद से सड़क तक, हर मंच पर प्रदूषण, महंगाई, बेरोजगारी और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठातीरहेगी।

वोट की चोरी के खिलाफ युवाओं का हुंकार, लोकतंत्र बचाने का संकल्प — उदय भानु चिब

सरिता साहनी15 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली भारतीय युवा कांग्रेस ने आज जंतर-मंतर पर वोट की चोरी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन “वोट चोर, गद्दी छोड़” के नारेके साथ भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतंत्र औरसंविधान की रक्षा के संकल्प के साथ इस प्रदर्शन में शामिल हुए। जनादेश की लगातार चोरी का आरोपइस मौके पर भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि भाजपा, आरएसएस और चुनाव आयोग मिलकर लगातार जनता केजनादेश की चोरी कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस के सिपाही इस अन्याय को कभी स्वीकार नहीं करेंगे और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा केलिए हर मोर्चे पर डटकर खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई और तेज होगी, क्योंकि जनादेश की चोरी सबसे बड़ा देशद्रोह है। संविधान पर सीधा हमला है वोट चोरीउदय भानु चिब ने कहा कि वोट की चोरी उस संविधान पर हमला है, जिसे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश को दिया था। उन्होंने कहा किआज देश बेरोजगारी और प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, क्योंकि नरेंद्र मोदी वोट की चोरी करके सरकार चला रहे हैं। अगर वोट की चोरीन होती, तो जनता उन्हें मिनटों में सत्ता से बाहर कर देती। राहुल गांधी की भूमिका और लोकतंत्र की लड़ाईउन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं। आज देश के हर नागरिक के बीच वोट चोरी का मुद्दाचर्चा का विषय बना हुआ है। यह अब सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता का सवाल बन चुका है। चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवालउदय भानु चिब ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग मोदी सरकार के इशारे पर वोट की चोरी को अंजाम दे रहा है। उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने इनचुनाव आयुक्तों को बचाने के लिए कानून बदल दिया, ताकि इनके खिलाफ कोई कार्रवाई न हो सके। यह लड़ाई सत्य और असत्य के बीच की लड़ाईहै। बैलेट पेपर से चुनाव की खुली चुनौतीभारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हमारे नेताओं ने भाजपा को खुली चुनौती दी है कि वह एक बार बैलेट पेपर से निष्पक्ष चुनाव लड़करदिखाए। भाजपा यह जानती है कि वह कभी जीत नहीं पाएगी, इसलिए उसे चुनाव आयोग का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी चुनावआयोग के बिना चुनाव नहीं जीत सकते। लोकतंत्र पर हमला करने वालों को नहीं भूलेंगेउदय भानु चिब ने कहा कि चुनाव आयोग के इन तीन अधिकारियों के नाम देश की जनता कभी नहीं भूलेगी, क्योंकि ये लोग लोकतंत्र पर सीधा वारकर रहे हैं। यह लड़ाई सत्य और असत्य की है और भारतीय युवा कांग्रेस को पूरा भरोसा है कि इस लड़ाई में जीत सत्य की ही होगी। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, कार्यकर्ताओं को रोका गयाइस विरोध प्रदर्शन में भारतीय युवा कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में जंतर-मंतर पहुंचे, लेकिन दिल्ली पुलिस नेबैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया, लेकिन इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कमजोर नहीं पड़ा। देशभर से नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगीइस प्रदर्शन में भारतीय युवा कांग्रेस के कई राष्ट्रीय पदाधिकारी, कई प्रदेश अध्यक्ष और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुटहोकर लोकतंत्र, संविधान और निष्पक्ष चुनाव की मांग को मजबूती से उठाया।

हजरत जौन एलिया साहब की 94 वीं सालगिरह पर राजेंद्र भवन ट्रस्ट में सजी महफ़िल मे शायरी का जादू

सरिता साहनी15 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली मशहूर शायर जनाब फरहत एहसास जी और हुमा रिज़वी साहिबा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाईउर्दू अदब के लिए मोहब्बत रखने वाले लोग आज मशहूर शायर जौन एलिया को याद कर रहे हैं। जौन एलिया अब इस सरजमी पर न हों लेकिन उनकीरुमानी ओर इश्किया शायरी लोगों के दिल ओ दिमाग में जौन को आज भी जिंदा रखे हुए है। प्रख्यात शायर हजरत जौन एलिया की 94 वें जन्म दिवसपर दिल्ली के राजेन्द्र भवन में नया एहसास फाउंडेशन के प्रयास से महफिल आयोजित की गई।रविवार शाम तक चली इस शायरी और गजल केमहफिल में शायर हजरत जौन एलिया को याद करने के लिए आयोजित इस समारोह को दो हिस्सों में बांटा गया था। पहले हिस्से में हमारे अहद केमकबूल शायर जनाब फरहत एहसास साहब, मशहूर शायर जनाब महेंद्र कुमार सानी , राजकमल प्रकाशन के एडिटर और शायर तसनीफ़ हैदर जी औरअन्य शायरों ने मुशायरे में शिरकत की। दूसरे हिस्से में शायरा पूजा भाटिया की हिन्द युग्म से शाया हुई ग़ज़ल की किताब “उसे कहना की ये मैंने कहा है” का रस्मे इजरा मशहूर-ओ -मारूफ़ शायर जनाब फरहत अहसास साहब के हाथों हुआ. जौन साहब के जाने के बाद भी लोगों में जिंदा है उनकी शायरीनई पीढ़ी के पसंदीदा और मशहूर शायर जौन एलिया 14 दिसंबर 1931 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा शहर में पैदा हुए और 8 नवंबर 2003 में इनकाइन्तिकाल हो गया। जौन साहब के जाने के बाद उनकी शायरी में लोगों की दिलचस्पी खूब बढ़ी है और हिंदी में उनका काफी तर्जुमा हुआ है। अपनेआजाद ख्याल और गैर-रिवायती अंदाज़ के लिए मशहूर जौन साहब ने हालिया दौर की शायरी में एक अलग मुकाम हासिल किया था। बचपन से हीजौन साहब का इल्म और अदब से गहरा राब्ता रहा। इन्हें ऊर्दू,अरबी, फारसी , हिब्रू , संस्कृत और अंग्रेज़ी 6 जबानों में इल्म हासिल था। हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बंटवारे का जौन को गहरा सदमा रहाहिंदुस्तान और पाकिस्तान के बंटवारे का जौन को गहरा सदमा रहा। हिजरत का ये दर्द उनकी शायरी में भी दिखाई देता है। उर्दू अदब में मक़बूल होने केसाथ-साथ जौन, शायरी के शौक़ीन लोगों और नौजवानों के दिलों पे छाए रहते हैं। इंटरनेट के दौर में और खासकर आजकल के सोशल मीडिया केज़माने में न जाने कितने ही पेज, वेबसाइट और चैनल जौन साहब के कलाम को साझा कर रहे हैं और उनके दीवानों की ता’दाद दिन-ब-दिन बढ़ती जारही है। पाकिस्तान जाने के बाद भी जौन एलिया के दिल से नहीं निकला दर्दजौन एलिया की मौत पाकिस्तान में हुई लेकिन उनका जन्म हिंदुस्तान की सरजमीं पर हुआ था। दोनों देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया में रहने वाले उर्दूजुबान के प्रेमी जौन एलिया से मोहब्बत करते हैं। शायर जौन एलिया को अमरोहा से था अलग लगाव था। जौन एलिया एक मशहूर शायर थे जिनकाजन्म 14 दिसंबर 1931 को अमरोहा में हुआ था, लेकिन देश के हालात बदलने के दौरान उन्हें बटवारे के समय पाकिस्तान जाना पड़ा। जहां रहते हुएउन्होंने रूमानी ओर इश्किया शायरी लिखी। अमरोहा से उनका इतना प्यार था कि लखनऊ में एक मुशायरा चल रहा था और जौन ने मंच पर बैठे दूसरेशायर से गौर देने को कहा और बोले, “ख़ातिर न कीजियो कभी हम भी यहाँ के थे !”

मासूम बच्चों की जिंदगी पर खतरनाक हमला – जेनेटिक हाई कोलेस्ट्रॉल, जो सांस तक लेने नहीं देता

देशभर में अब बच्चों में जेनेटिक हाई कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ रही है। यह कोई साधारण बीमारी नहीं है, बल्कि एक खामोश और जानलेवा खतरा है जोबच्चों के दिल, फेफड़े और नसों पर धीरे-धीरे असर डालता है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर बच्चों में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल ज्यादा हो जाए औरसमय पर इलाज न मिले, तो यह उनके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल क्या है और क्यों होता हैहाई कोलेस्ट्रॉल का मतलब है बच्चों के खून में फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होना। खासकर जेनेटिक हाई कोलेस्ट्रॉल जन्मजात होता है और माता-पितासे बच्चों में जा सकता है। शरीर इस अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को खुद बाहर नहीं निकाल पाता। धीरे-धीरे खून गाढ़ा होने लगता है और नसों में रुकावटबढ़ती है। इससे बच्चों के दिल, फेफड़े और दिमाग पर असर पड़ता है। लक्षण और शुरुआती संकेतबच्चों में शुरुआत में हाई कोलेस्ट्रॉल का पता लगाना मुश्किल होता है। बच्चा बिल्कुल सामान्य दिखता है, लेकिन धीरे-धीरे शरीर में बदलाव दिखाईदेने लगते हैं। कुछ बच्चों में यह बीमारी त्वचा पर दानों या गांठों के रूप में दिखती है। ये दाने अक्सर आंखों के पास, कोहनियों, घुटनों और एड़ियों परहोते हैं। इसके अलावा बच्चों को सांस लेने में दिक्कत, थकान, कमजोरी और दिल की परेशानी होने लगती है। खाने‑पीने की सख्ती और इलाज की मुश्किलहाई कोलेस्ट्रॉल वाले बच्चों का खान-पान बहुत सख्त होता है। तेल, शुगर, तला-भुना और फैटी खाना पूरी तरह बंद करना पड़ता है। कुछ डॉक्टरों काकहना है कि बच्चों में इलाज के लिए खून का सारा हिस्सा निकालकर बदलना पड़ सकता है, और इसे हर साल दोहराना होता है। यह तरीका बच्चों केलिए दर्दनाक और कठिन होता है। इलाज की कमी और माता–पिता की चिंताइस बीमारी का बच्चों के लिए सुरक्षित और प्रभावी इलाज अभी तक कहीं भी उपलब्ध नहीं है। माता-पिता हर जगह इलाज ढूंढते हैं, लेकिन निराशाही हाथ लगती है। बीमारी से बच्चे और उनके परिवार तनाव और चिंता में रहते हैं। इलाज की कमी के कारण बच्चे हर समय खतरे में रहते हैं औरउनका भविष्य असुरक्षित है। साइलेंट अटैक और गंभीर खतराहाई कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे बच्चों के शरीर को नुकसान पहुंचाता है। बच्चा खेल-खेल में सामान्य दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर उसके दिल और नसेंकमजोर हो रही होती हैं। इसी वजह से इसे साइलेंट अटैक कहा जाता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह बच्चों में ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक और सांसलेने में गंभीर दिक्कत पैदा कर सकता है। अब इंतज़ार नहीं सरकार को अहम कदम उठाने की ज़रूरतअब समय आ गया है कि सरकार इस गंभीर बीमारी को नजरअंदाज करना बंद करे। इतने मामले सामने आने के बावजूद सरकार आंखें मूंदे बैठी है। क्योंकोई कठोर कदम नहीं उठाया जा रहा? बच्चों के लिए खतरनाक यह बीमारी लगातार बढ़ रही है और मासूमों का भविष्य जोखिम में है। सरकार कोतुरंत ध्यान देना चाहिए और बच्चों के लिए सुरक्षित दवा या इंजेक्शन विकसित करना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच, स्क्रीनिंग औरविशेषज्ञ इलाज की सुविधा तुरंत लागू करनी होगी। बच्चों की जान बचाना अब प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। बच्चों का भविष्य बचाना सरकार की जिम्मेदारीजेनेटिक हाई कोलेस्ट्रॉल सिर्फ खून की समस्या नहीं है। यह बच्चों के दिल, नसों और फेफड़ों को प्रभावित कर उनके भविष्य को खतरे में डाल सकतीहै। LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। माता-पिता, डॉक्टर और सरकार मिलकर ही इसे समय रहतेरोक सकते हैं। बार–बार अपील – सरकार जागेसरकार क्यों आंखें मूंदे बैठी है? कब तक मासूम बच्चों का भविष्य खतरे में रहेगा? क्यों कोई कठोर कदम नहीं उठाया जा रहा? अब वक्त है कि सरकारतुरंत कदम उठाए और बच्चों के लिए सुरक्षित दवा या इंजेक्शन तैयार करे, ताकि उनके जीवन और भविष्य को बचाया जा सके।

बंगाल 2026 की तैयारी: पीएम मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में डाटा, बूथ और वोट मार्जिन पर भाजपा की नई रणनीति

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को नए सिरे से आकार दे रही है। पार्टी इसबार बड़े कार्यक्रमों और हाई-प्रोफाइल राजनीति की जगह डाटा आधारित विश्लेषण, बूथ स्तर की तैयारी और वोट मार्जिन पर फोकस कर रही है। पार्टीके वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक यह रणनीति 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों व 2021 के विधानसभा चुनावों के नतीजों और वोट अंतर(मार्जिन) के गहन अध्ययन पर आधारित है। इसका उद्देश्य उन विधानसभा क्षेत्रों को प्राथमिकता देना है, जहां भाजपा पहले जीत चुकी है या कड़ीटक्कर देती रही है। पार्टी का मानना है कि राज्य में करीब 50 अल्पसंख्यक बहुल सीटें ऐसी हैं, जो संगठनात्मक और सामाजिक कारणों से ‘संरचनात्मकरूप से कठिन’ हैं। इन सीटों को पार्टी ने अपनी मुख्य चुनावी गणना से अलग रखा है। ये ऐसी सीटें हैं, जहां बूथ एजेंट तैनात करना, संगठनात्मकउपस्थिति बनाए रखना और स्थानीय नेटवर्क का मुकाबला करना लगातार चुनौतियां पेश करता है। इस वास्तविकता से लड़ने के बजाय, पार्टी ने ऐसीसीटों को अपने मुख्य चुनावी गणित से बाहर रखने का फैसला किया है। 60 और क्षेत्रों में कम से कम एक जीत या बढ़त दर्जभाजपा का तर्क है कि जब इन ‘मुश्किल’ सीटों को अलग कर दिया जाता है, तो सत्ता तक पहुंचने का रास्ता छोटा और स्पष्ट हो जाता है। राज्य भाजपाअध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य के मुताबिक बंगाल के लोग बदलाव चाहते हैं, क्योंकि वे टीएमसी के कुशासन से तंग आ चुके हैं। हम नई सीटों पर और उनक्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे, जहां हम पहले जीत चुके हैं या पिछले कुछ चुनावों में स्थिर वोट शेयर बनाए रखा है, या बढ़त हासिल की है। अपनीआंतरिक आकलन के अनुसार, पार्टी ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और 2021 के विधानसभा चुनावों में 60 विधानसभा क्षेत्रों में या तोजीत हासिल की या बढ़त बनाई।अन्य 40 सीटों पर उसने तीन में से दो चुनावों में ऐसा किया। इसके अलावा भाजपा ने इसी अवधि में 60 और क्षेत्रोंमें कम से कम एक जीत या बढ़त दर्ज की। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर जोर दे रहीपार्टी नेता के मुकाबिक कुल मिलाकर, ये 160 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बनते हैं। दो और सीटें – अशोकनगर, जिसे 1999 के उपचुनाव में बीजेपीउम्मीदवार बादल भट्टाचार्य ने जीता था, और बसीरहाट दक्षिण, जहां 2014 में समीक भट्टाचार्य ने उपचुनाव जीता था। पार्टी की ‘संभावित अधिग्रहणसूची’ में शामिल हैं, जिससे यह संख्या 162 हो जाती है, जो 294 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के निशान 148 से चौदह सीटें अधिक हैं।पिछले 2021 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं और 38 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। राज्य के वरिष्ठ बीजेपी नेताओं का तर्कहै कि पार्टी की यह रणनीति पुरानी यादों पर नहीं, बल्कि वोट मार्जिन पर आधारित है। एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, “इन सीटों पर पिछले चुनाव चक्र मेंभाजपा और टीएमसी के बीच कुल वोट अंतर 10 लाख से कम था। प्रति सीट सिर्फ 3,000 से 3,500 वोटों की बढ़त से नतीजे बदल सकते हैं।” इसी गणित के तहत भाजपा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) यानी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर जोर दे रही है। पार्टी का दावा है किडुप्लीकेट और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटने से टीएमसी को नुकसान होगा।

Seven Summits की ओर एक और कदम: कविता चंद माउंट विंसन फतह, भारत का नाम रोशन किया

उत्तराखंड की बेटी कविता चंद ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन (4,892 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर भारत का नाम रोशनकिया है। मूल रूप से अल्मोड़ा की कविता मुंबई में रहती हैं। माउंट विंसन पर चढ़ाई कविता के प्रतिष्ठित सेवन समिट्स लक्ष्य की दिशा में एक अहमकदम है जिसके तहत दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह किया जाता है। इससे पहले वह यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंटएल्ब्रस पर भी सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुकी हैं जिससे वह इस चुनौती को पूरा करने की मजबूत स्थिति में पहुंच गई हैं। दुनिया की सबसे कठोर औरचुनौतीपूर्ण चोटियों में गिने जाने वाले माउंट विंसन पर अत्यधिक ठंड, पूर्ण एकांत और अंटार्कटिका के अप्रत्याशित मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों कासामना करना पड़ता है। कविता का यह अभियान बीती तीन दिसंबर को भारत से रवाना होने के साथ शुरू हुआ। माउंट विंसन पर अत्यधिक ठंडवह चार दिसंबर की शाम चिली के पुंटा एरेनास पहुंचीं और सात दिसंबर की दोपहर यूनियन ग्लेशियर के लिए उड़ान भरी। उसी दिन बाद में वह लगभग2,100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित विंसन बेस कैंप पहुंचीं। यूनियन ग्लेशियर से बेस कैंप तक का अंतिम सफर स्की-सुसज्जित छोटे विमान से लगभग40 मिनट में पूरा किया गया जो अंटार्कटिका अभियानों से जुड़ी जटिल लॉजिस्टिक्स को दर्शाता है। कविता चंद ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटीमाउंट विंसन फतह कर इतिहास रच दिया। दुनिया की सबसे कठोर और चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिने जाने वाले माउंट विंसन पर अत्यधिक ठंड, पूर्णएकांत और अंटार्कटिका के अप्रत्याशित मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

GOAT लियोनेल मेसी आज दिल्ली में, प्रदर्शनी मैच के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम

अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी आज दिल्ली में होंगे। वह अरुण जेटली इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित होने वाले प्रदर्शनी मैच मेंशामिल होंगे। इसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए हैं। कोलकाता में आयोजित समारोह के दौरान हंगामे को देखते हुएदिल्ली पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। स्टेडियम और उसके आसपास थ्री लेयर सिक्योरिटी व्यवस्था रहेगी और करीब तीन हजार सुरक्षाकर्मी स्टेडियमके आसपास मौजूद रहेंगे। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों को समारोह के दौरान स्टेडियम के आसपास के मार्गों से बचने की सलाह दी है। सुरक्षा सेजुड़े आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि समारोह के दौरान सुरक्षा के लिए तीन हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। स्टेडियम के अंदर ही नहीं बल्किबाहर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन कैमरों से पूरे कार्यक्रम की निगरानी रखी जाएगी। पुलिस को कार्यक्रम के दौरान मेसी के काफी फैन्स केस्टेडियम पहुंचने की संभावना है। लियोनेल मेसी इन दिनों अपने जीओएटी इंडिया टूर-2025 पर भारत में हैं। इसके तहत सोमवार को वह दिल्ली मेंप्रदर्शनी मैच में हिस्सा लेंगे। सूत्रों की मानें तो सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए दिल्ली पुलिस के अलावा अन्य दूसरी सुरक्षा एजेंसियां भीमौजूद रहेंगी। सुरक्षा को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक कर समीक्षा की है। क्षेत्र की व्यवस्था की गईफुटबॉलर लियोनेल मेसी के अरुण जेटली इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले प्रदर्शनी मैच के दौरान यातायात पुलिस ने वाहन चालकों को कुछ मार्गोंसे बचने की सलाह दी है। यातायात पुलिस ने चालकों को सुबह 10 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक बहादुर शाह जफर मार्ग, आईटीओ, दिल्लीगेट, नेताजी सुभाष मार्ग और बृजमोहन चौक के बदले वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। कार्यक्रम के दौरान इन मार्गों पर यातायातप्रभावित हो सकता है। मध्य जिला यातायात पुलिस उपायुक्त निशांत गुप्ता ने बताया कि यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यकता पड़नेपर दिल्ली गेट चौक और आईटीओ से यातायात का मार्ग बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि वीआईपी आवागमन के दौरान खिलाड़ियों की बसोंको स्टेडियम तक सुचारू रूप से पहुंचने और प्रवेश करने के दौरान यातायात कुछ समय के लिए धीमा हो सकता है। उन्होंने बताया कि चिह्नित वाहनोंके लिए तीन मुख्य पार्किंग क्षेत्र की व्यवस्था की गई है। दर्शकों को मेट्रो या बसों का इस्तेमाल करने की सलाह दीचिन्हित वाहन विक्रम नगर के पास स्थित पी वन पार्किंग में अपने वाहन पार्क कर सकेंगे जबकि बिना चिह्नित वाहनों को राजघाट पावरहाउस पार्किंगस्थल और माता सुंदरी लेन में पार्क किया जाएगा। वहां से लोग स्टेडियम तक पैदल जा सकेंगे। पुलिस उपायुक्त ने एप आधारित टैक्सीउपयोगकर्ताओं को भी राजघाट चौक पर उतरने और शेष दूरी पैदल तय करने की सलाह दी है। अरुण जेटली स्टेडियम के आसपास किसी भी वाहनको पार्क करने की अनुमति नहीं होगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाया जा सकेगा। यातायात पुलिस ने कार्यक्रम में आने वाले दर्शकों कोमेट्रो या बसों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

उत्तराखंड में वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा, तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने की तैयारी

प्रदेश के वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पहली बार नेचुरोपैथी अस्पताल (प्राकृतिक चिकित्सा) खोलने की तैयारी है। ये अस्पताल रिजॉर्ट कीतर्ज पर बनाए जाएंगे। जहां पर बिना दवाइयों के प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से इलाज किया जाएगा। आयुष विभाग ने चंपावत व पिथौरागढ़ जिले मेंजमीन चयनित कर ली है। जबकि बागेश्वर में जमीन तलाशी जा रही है।उत्तराखंड में आयुष व वेलनेस से पर्यटन को जोड़ने के लिए पहले चरण में प्रदेश के तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने की तैयारी की रही है।पिथौरागढ़ के बलवा कोट व चंपावत के कोली ढेक में जमीन का चयन किया गया। इसके अलावा बागेश्वर जिले में जमीन चयनित करने की प्रक्रियाचल रही है। आयुष विभाग की ओर से नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने का प्रस्ताव बना रहा है। जल्द ही केंद्र सरकार को वित्तीय सहायता के लिए प्रस्तावभेजा जाएगा। आयुष मिशन के तहत केंद्र सरकार नेचुरोपैथी अस्पताल के लिए वित्तीय सहायता देगी। इससे प्रदेश में वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा मिलेगानेचुरोपैथी चिकित्सा पद्धति में जड़ी-बूटियों, आहार, व्यायाम, मालिश, जल चिकित्सा, योग और एक्यूपंक्चर का उपयोग किया जाता है। इस पद्धतिसे बीमारी के मूल कारण को ठीक करना व समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है न कि सिर्फ लक्षणों का इलाज करना है। नेचुरोपैथी में आहार और पोषण, जल चिकित्सा, मृदा चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, योग और व्यायाम चिकित्सा, जड़ी-बूटी, एक्यूपंक्चर व एक्यूप्रेशर, मालिश चिकित्सा, उपवास, मनशरीर चिकित्सा की सुविधा रहेगी। केंद्र सरकार ने बीते वर्ष आयुष मिशन के तहत आयुष ग्राम योजना को शुरू किया था। इस योजना के तहतउत्तराखंड के प्रत्येक जिले में एक-एक आयुष ग्राम बनाए जाने थे, लेकिन अब केंद्र सरकार ने आयुष ग्राम योजना बंद कर दी है। विभागीय अधिकारियोंका कहना कि आयुष ग्राम की जगह केंद्र सरकार नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने के लिए वित्तीय सहायता देगी। इसके लिए विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहाहै। पहले चरण में तीन जिलों में नेचुरोपैथी अस्पताल खोलने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ये अस्पताल रिजॉर्ट की तर्ज पर स्थापित होंगे। जहां परप्राकृतिक चिकित्सा के साथ ठहरने की बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे प्रदेश में वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।