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अभिनेता और टीवीके नेता विजय ने जनसभा में मिली अपार समर्थन के लिए जताया आभार, डीएमके को करार दिया ‘बुरी ताकत’

टीवीके के प्रमुख और अभिनेता विजय ने अपने प्रशंसको के प्यार और समर्थन के लिए आभार जताया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें लोगों के असीम प्यारऔर समर्थन से अपार प्रेरणा मिली है। यह उनकी सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति है। विजय ने ईरोड में अपनी जनसभा के बाद गुरुवार को एक भावपूर्णसोशल मीडिया पोस्ट कर अपने कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों के आने और दिखाए गए स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोरदिया कि राजनीति में उनका प्रवेश उन लोगों के प्रति कृतज्ञता का ऋण है जिन्होंने उनके पूरे करियर के दौरान उनका पालन-पोषण और मार्गदर्शनकिया। उन्होंने लिखा, “जीवन के हर पड़ाव पर आप लोगों ने हमेशा मेरे साथ रहे हैं। आपके असीम प्रेम और समर्थन से मुझे अपार प्रेरणा मिलती है।यही प्रेरणा मेरी सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति है। मुझे इसका कारण समझ आ गयाइसके साथ ही परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि गरीबी की गिरफ्त में फंसे लोगों के लिए एक नए सवेरे का उदय होनाचाहिए। उन्होंने कहा कि “समय को केवल लालसाओं और सपनों में ही नहीं बीतने देना चाहिए। इसीलिए मैंने यह राजनीतिक यात्रा शुरू की है ताकिमैं आपके लिए काम कर सकूं, जिन्होंने मुझे पाला-पोसा और मेरा आकार दिया। एमजीआर और जयललिता ने डीएमके का पुरजोर विरोध किया। मैंअक्सर सोचता था कि उन्होंने इस पार्टी का इतना कड़ा विरोध क्यों किया। लेकिन अब मुझे इसका कारण समझ आ गया है। डीएमके एक बुरी ताकतहै। इसीलिए उन दोनों ने अंत तक इसका विरोध किया। मैं अब वही बात कह रहा हूं जो उन्होंने कही थी। डीएमके एक बुरी ताकत है, लेकिन टीवीकेएक पवित्र ताकत है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष सराहना व्यक्त की18 दिसंबर के सफल आयोजन के बाद, विजय ने भव्य आयोजन के लिए पार्टी प्रशासनिक समिति के समन्वयक के.ए. सेंगोत्तैयान, महासचिव आनंद, राज्य कार्यकारिणी, अधिकारियों, स्वयंसेवकों और पुलिस को उनके कुशल यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष सराहना व्यक्त की। उन्होंनेकहा, “हम फिर मिलेंगे। जीत निश्चित है।” रैली के दौरान, विजय ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) पर तीखा हमला करते हुए इसे “बुरीताकत” करार दिया। विजय ने दिवंगत मुख्यमंत्रियों एमजी रामचंद्रन और जे जयललिता की बात दोहराते हुए कहा कि वे अक्सर डीएमके को “तीयाशक्ति” (बुरी ताकत) के रूप में वर्णित करते थे। उन्होंने टीवीके को “थूया शक्ति” (शुद्ध शक्ति) के रूप में स्थापित किया।

दिल्ली सरकार का बड़ा कदम 10,000 क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर, बच्चों को साफ हवा में पढ़ाई का अधिकार

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को घोषणा की कि छात्रों को साफ हवा देने के लिए 10,000 क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाएजाएंगे। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूद ने कहा कि सरकार लंबे समय के प्रशासनिक उपायों के जरिए प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि प्रदूषण एक दिन की समस्या नहीं है, इसके लिए लंबे समय तक काम करना पड़ेगा। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा, ‘दिल्लीसरकार के स्कूलों में कुल 38,000 क्लासरूम हैं, और पहले फेज में 10,000 क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे।’ क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाएउन्होंने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर तंज कसते हुए कहा, ‘हम वो लोग नहीं हैं जो आईआईटी की डिग्री दिखाते हैं और ऑड-ईवन या गाड़ीऑन, गाड़ी ऑफ जैसे कैंपेन करते हैं। हम लंबे समय के प्रशासनिक तरीकों से प्रदूषण की समस्या से निपट रहे हैं।’ सूद ने इस बात पर जोर दिया किसरकार चाहती है कि बच्चे न केवल स्मार्ट तरीके से पढ़ाई करें, बल्कि स्वच्छ हवा में सांस भी लें। उन्होंने आगे कहा, ‘हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे स्मार्टतरीके से पढ़ाई करें और साफ हवा में सांस लें। पहले फेज में 10,000 क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे।’ जलन व सांस के मरीजों को परेशानी हुईराजधानी में गिरते तापमान के कारण प्रदूषण में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ऐसे में मौसमी दशा अनुकूल रहने के चलते प्रदूषण आज भी बेहद खराबश्रेणी में बरकरार है। सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे से हुई। वहीं, आसमान में स्मॉग की हल्की चादर भी दिखाई दी। इसके चलते कई इलाकों मेंदृश्यता भी बेहद कम रही। साथ ही, लोगों को आंख में जलन व सांस के मरीजों को परेशानी हुई। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली केअनुसार, शुक्रवार सुबह राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 387 दर्ज किया गया है।

पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में महुआ मोइत्रा को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, लोकपाल का आदेश रद्द

पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा को दिल्ली उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है।अदालत ने लोकपाल के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें सीबीआई को महुआ मोइत्रा के खिलाफ मामले में आरोपपत्र दाखिल करने कीअनुमति दी गई थी। इससे पहले 21 नवंबर को महुआ मोइत्रा को अंतरिम राहत देने से इन्कार करते हुए न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल व न्यायमूर्ति हरीशवैद्यनाथन शंकर की पीठ ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। महुआ मोइत्रा ने तर्क दिया है कि लोकपाल और लोकायुक्त एक्ट-2013 के तहतलोकपाल द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया में साफ तौर पर कमी थी। तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा पर कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के कहने परसंसद में सवाल पूछने का आरोप है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया था कि ये सबूतवकील जय अनंत देहादराई द्वारा प्रदान किए गए थे। पक्ष में आने से महुआ ने राहत की सांस लीलोकसभा स्पीकर को लिखे अपने पत्र में दुबे ने कहा था कि उन्हें वकील और महुआ के पूर्व दोस्त जय अनंत का एक पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने मोइत्राऔर जाने-माने बिजनेस टाइकून दर्शन हीरानंदानी के बीच सवाल पूछने के लिए रिश्वत के आदान-प्रदान के सबूत साझा किए थे। ऐसा प्रतीत होता हैकि जय ने एक विस्तृत शोध किया है जिसके आधार पर उन्होंने निष्कर्ष निकाला है कि हाल ही में, मोइत्रा ने संसद में उनके द्वारा पूछे गए कुल 61 मेंसे लगभग 50 प्रश्न दर्शन हीरानंदानी और उनकी कंपनी के व्यावसायिक हितों को बचाने के लिए थे। हाईकोर्ट ने पैसे के बदले प्रश्न पूछने के मामले मेंआरोप पत्र दाखिल करने की मंजूरी देने के लोकपाल के आदेश को चुनौती देने वाली तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर अपनाफैसला सुनाया। फैसला अपने पक्ष में आने से महुआ ने राहत की सांस ली।

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने वार्षिक ऑनलाइन ‘डायरेक्ट लाइन’ में यूक्रेन और सब्सिडी पर दिए जवाब

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को हर साल के आखिर में होने वाला वार्षिक ऑनलाइन सत्र में हिस्सा लिया। इस दौरान पुतिन ने जनताऔर मीडिया के सवालों के जवाब दिए। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ‘डायरेक्ट लाइन’ प्रश्नोत्तर सत्र में कहा कि यूक्रेनी सेना डोनेट्स्क पीपुल्सरिपब्लिक के क्रास्नोआर्मेस्क के कुछ हिस्सों को फिर से हासिल करने की अप्रभावी कोशिश कर रही है, जिसमें उसे भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।ऑनलाइन प्रश्नोत्तर सत्र भारतीय समयानुसार दोपहर ढाई बजे से आयोजित किया गया। पुतिन अपने राष्ट्रपति के तौर पर कार्यकाल के 22वें वर्ष में हैऔर इस सत्र में रूस के नजरिये से साल 2025 के नतीजों का सारांश प्रस्तुत किया। प्रश्नोत्तर सत्र काफी रोचक होने की उम्मीदक्रेमलिन की ओर से कहा गया है कि पुतिन उन विदेशी मीडिया से भी सवाल लेंगे जिन्हें मॉस्को ‘दोस्त जैसा’ नहीं मानता है। शुक्रवार को होने वालेऑनलाइन सम्मेलन से पहले के दो हफ्तों में क्रेमलिन की ओर से खासतौर से स्थापित कॉल सेंटरों को राष्ट्रपति के लिए 24 लाख से अधिक प्रश्नप्राप्त हुए हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार, अधिकांश प्रश्न सामाजिक मुद्दों और सब्सिडी से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रश्नों कोविषय के हिसाब से वर्गीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन पिछले कुछ दिनों से देर रात तक उनका अध्ययन कर रहे हैं। पिछले सालके सम्मेलन के दौरान उन्होंने चार घंटे से अधिक समय तक सवालों के जवाब दिए थे। रूसी राष्ट्रपति पुतिन का वार्षिक ऑनलाइन प्रश्नोत्तर सत्र काफीरोचक होने की उम्मीद है। इस सत्र में यूक्रेन के साथ शांति समझौते से लेकर देश के लोगों को सब्सिडी दिए जाने के मुद्दों पर सवाल पूछे जा सकते हैं।

दिल्ली को साफ़ हवा दिलाने के लिए सरकार का बड़ा और लगातार अभियान – पर्यावरण मंत्री,मनजिंदर सिंह सिरसा

सरिता साहनी19 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार अब पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार ज़मीनी स्तरपर तेज़ और सख़्त कार्रवाई कर रही है, ताकि आम लोगों को साफ़ और सुरक्षित हवा मिल सके। इसी कड़ी में बीते 24 घंटों के भीतर प्रदूषण फैलानेऔर नियमों का उल्लंघन करने वाले 11,000 से अधिक वाहनों पर चालान किए गए हैं। कुल मिलाकर 11,776 चालान काटे गए, जो यह दिखाताहै कि सरकार अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर रही है। प्रदूषण के खिलाफ हर स्तर पर सरकार की सक्रियतापर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए एक ही समय में कई स्तरों पर काम कर रही है। वाहनों कीसघन जांच की जा रही है, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत चालान हो रहा है और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर लगातार निगरानी रखी जारही है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित विभाग और डीपीसीसी 24×7 पूरी तत्परता के साथ काम कर रहे हैं। सरकार के प्रयासों से दिखने लगा सुधारमनजिंदर सिंह सिरसा के अनुसार, सरकार के लगातार प्रयासों का असर अब दिखाई देने लगा है। इस साल सर्दियों में वायु गुणवत्ता सूचकांक में पिछलेवर्षों की तुलना में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सुधार अचानक नहीं आया, बल्कि रोज़ाना की सख़्त निगरानी, कार्रवाई औरसफ़ाई अभियानों का नतीजा है। तात्कालिक कार्रवाई के साथ दीर्घकालिक सोचपर्यावरण मंत्री ने साफ़ किया कि सरकार केवल तात्कालिक उपायों पर निर्भर नहीं है। पूरे साल लागू रहने वाली, वैज्ञानिक आधार पर तैयार नीतियों परलगातार काम किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि दिल्ली की हवा को लंबे समय तक साफ़ रखा जा सके और प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधाननिकाला जा सके। सड़कों की सफ़ाई और धूल नियंत्रण पर विशेष ध्यानदिल्ली में प्रदूषण की एक बड़ी वजह सड़कों की धूल और कचरा भी है। इसी कारण नगर निगम और अन्य एजेंसियों ने बड़े स्तर पर सफ़ाई अभियानचलाया। पिछले 24 घंटों में 12,164 मीट्रिक टन से अधिक कचरा उठाया गया और 2,068 किलोमीटर से ज़्यादा सड़कों की मशीनों से सफ़ाई कीगई। इसके साथ ही कई इलाकों में पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग किया गया, ताकि हवा में उड़ने वाली धूल को कम किया जासके। कचरा प्रबंधन में तेज़ी, शहर को स्वच्छ बनाने की कोशिशकचरा प्रबंधन के क्षेत्र में भी सरकार ने तेज़ी दिखाई है। पिछले 24 घंटों में औसतन 30,000 मीट्रिक टन से अधिक पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके सेनिपटान किया गया। इससे शहर की साफ़-सफ़ाई में सुधार हुआ और प्रदूषण कम करने में मदद मिली। नियम तोड़ने वालों पर सख़्ती और ट्रैफिक सुधारप्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए गैर-निर्धारित मार्गों पर चल रहे ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सैकड़ों ट्रकों को शहर मेंप्रवेश से रोका गया और वापस भेजा गया। इसके साथ ही राजधानी के प्रमुख ट्रैफिक जाम वाले स्थानों पर यातायात को बेहतर बनाया गया, ताकिवाहनों की भीड़ से होने वाला प्रदूषण कम हो। जनता के सहयोग से ही मिलेगी साफ़ हवापर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने नागरिकों, संस्थानों और वाहन चालकों से अपील की कि वे प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पूरी तरह पालन करें।उन्होंने कहा, प्रदूषण के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं है। सभी विभाग दिन-रात काम कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली को साफ़ हवा देने के लिएजनता का सहयोग भी उतना ही ज़रूरी है। स्वच्छ और सुरक्षित दिल्ली की ओर बढ़ते क़दमदिल्ली सरकार का यह अभियान साफ़ संदेश देता है कि प्रदूषण के खिलाफ अब ढिलाई नहीं होगी। लगातार कार्रवाई, सख़्त निगरानी और जनता कीभागीदारी से राजधानी को धीरे-धीरे साफ़, स्वस्थ और रहने लायक बनाने की दिशा में मज़बूत कदम बढ़ाए जा रहे हैं।