बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायुक्त को किया तलब, मिशनों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

भारत में बांग्लादेशी दूतावासों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच, बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को मंगलवार को बांग्लादेश केविदेश मंत्रालय में तलब किया गया। राजनयिक सूत्रों ने इस मामले की पुष्टि की। सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली और कोलकाता सहित भारत के कईहिस्सों में स्थित बांग्लादेशी मिशनों के आसपास उभरती सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर वर्मा को बुलाया गया था।सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को बांग्लादेश के विदेश सचिव असद आलम सियाम ने भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को विदेश मंत्रालय बुलाया। यहबैठक भारत के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर नई दिल्ली और कोलकाता में स्थित बांग्लादेशी मिशनों की सुरक्षा को लेकर बुलाई गई थी। इस दौरानबांग्लादेश सरकार ने भारत से अपने मिशनों और राजनयिकों की सुरक्षा मजबूत करने का अनुरोध किया है।पिछले 10 दिनों में यह दूसरी बार है जब प्रणय वर्मा को तलब किया गया है। इससे पहले 14 दिसंबर को उन्हें ‘इंकलाब मंच’ के संयोजक शरीफउस्मान हादी पर हमला करने वाले आरोपियों को पकड़ने में सहयोग के लिए बुलाया गया था। गौरतलब है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार केकार्यकाल में भारतीय राजदूत को अब तक छह बार तलब किया जा चुका है। लिंचिंग के खिलाफ नारेबाजी कर रहेवहीं दूसरी ओर कोलकाता में बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के विरोध में सैकड़ों लोगों ने मार्च निकाला। कोलकाता में ‘बोंगियो हिंदूजागरण’ के बैनर तले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने ‘हिंदू हुंकार पदयात्रा’ निकाली। भगवा झंडे लिए प्रदर्शनकारी सियालदह से बांग्लादेश उप उच्चायोग कीओर बढ़ रहे थे, जिन्हें बेकबागान इलाके में भारी पुलिस बल ने रोक दिया। जब प्रदर्शनकारियों ने उप उच्चायोग के करीब जाने के लिए पुलिसबैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।प्रदर्शनकारी बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा और हाल ही में हुई एक हिंदू युवक की लिंचिंग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। राजनयिकों और मिशनों की सुरक्षा मजबूत करने का अनुरोध कियाप्रदर्शनकारियों का मुख्य आक्रोश 18 दिसंबर को बांग्लादेश के मैमनसिंह में हुई दीपू चंद्र दास (25) की नृशंस हत्या को लेकर था। मामले में गारमेंटफैक्ट्री वर्कर दीपू पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने उसे पीटा, पेड़ से लटकाया और बाद में उसके शव को ढाका-मैमनसिंह हाईवे के पास आग केहवाले कर दिया। यहां पहुंचे प्रदर्शनकारी ने इस घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के संरक्षण की मांग की है। भारतमें बांग्लादेशी दूतावासों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय तलबकिया है। इस दौरान ढाका ने भारत से अपने राजनयिकों और मिशनों की सुरक्षा मजबूत करने का अनुरोध किया है।
महाराष्ट्र निकाय चुनाव में गठबंधन उलझे, महायुति में खिचड़ी पकने लगी अजित पवार का कांग्रेस को ऑफर

महाराष्ट्र निकाय चुनाव में गठबंधन धुंधले पड़ गए हैं और कहें कि गठबंधन की खिचड़ी पक गई है तो गलत नहीं होगा। दरअसल निकाय चुनाव केलिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक उम्मीदवारों के नामों का एलान नहीं हुआ है। गठबंधन भी तय नहीं हैं। ठाणे में अजित पवार कीपार्टी एनसीपी ने आरोप लगाया है कि भाजपा और शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर हो रही बातचीत में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया है।ऐसे में एनसीपी ने अकेले दम पर चुनाव लड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया है। एनसीपी प्रवक्ता आनंद परांजपे ने दावा किया है कि भाजपा औरशिवसेना ने ठाणे में सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू कर दी है लेकिन एनसीपी को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। परांजपे ने कहा कि उनकीपार्टी के जिलाध्यक्ष नजीब मुल्ला से अभी तक बातचीत के लिए न तो भाजपा और न ही शिवसेना ने संपर्क किया है। ऐसे में पार्टी ने अकेले दम परठाणे नगर निकाय चुनाव लड़ने का विकल्प भी खुला रखा है। हालांकि एनसीपी का ये भी कहना है कि अगर उन्हें सीट बंटवारे पर बातचीत के लिएबुलाया जाता है तो वे उसके लिए तैयार हैं। महाराष्ट्र के 29 नगर निकाय में चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा। चुनाव लड़ने का ऑफर दियाकांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतेज पाटिल ने मंगलवार को दावा किया कि अजित पवार ने उनसे संपर्क किया है और पुणे निकाय चुनाव में एनसीपी औरकांग्रेस के गठबंधन में चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर की। सतेज पाटिल ने कहा कि वे इस बात को प्रदेश नेतृत्व और स्थानीय स्तर के नेताओं के सामनेउठाएंगे। हालांकि पाटिल ये भी कहा कि कांग्रेस, महाविकास अघाड़ी के घटक दलों के साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। वहीं पुणे के एनसीपीजिलाध्यक्ष सुभाष जगताप ने दावा किया है कि एनसीपी और एनसीपी एसपी पुणे में साथ चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। हालांकिएनसीपी एसपी के जिलाध्यक्ष प्रशांत जगताप ने इसे लेकर नाराजगी जताई है और वह पार्टी नेतृत्व के सामने इसे लेकर नाराजगी भी जताने वाले हैं।महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के दूसरे चरण में गठबंधन की खिचड़ी पक गई है। सत्ताधारी महायुति में भाजपा और शिवसेना सीट बंटवारें पर बात कर रहीहैं, लेकिन एनसीपी इससे बाहर है। अब कांग्रेस ने कहा है कि अजित पवार ने पुणे में साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है।
डिजिटल युग में सतर्क नागरिक ही सबसे बड़ी ताकत, फेक न्यूज से सावधान रहें, सच साझा करें राष्ट्रपति द्रौपदी की अपील

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और जिम्मेदारी की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों कीजिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि लोग अपने आसपास हो रही घटनाओं के केवलदर्शक नहीं बने, बल्कि सतर्क और सक्रिय भागीदार बनें। उन्होंने जन भागीदारी को लोगों के लिए केंद्रित सुरक्षा का आधार बताया। बता दें कि राष्ट्रपतिने यह बात इटेंलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के शताब्दी उपनिवेश व्याख्यान में कही, जिसका विषय था ‘जन-केंद्रित राष्ट्रीय सुरक्षा: विकसित भारत के निर्माणमें सामुदायिक भागीदारी’। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार, गृह सचिव गोविंद मोहन और आईबी प्रमुखतपन कुमार डेका भी मौजूद थे। इस दौरान मुर्मू ने कहा कि सोशल मीडिया ने सूचना और संचार की दुनिया बदल दी है। इसके माध्यम से अच्छे औरबुरे दोनों तरह के प्रभाव फैल सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे सोशल मीडिया पर सच पर आधारित जानकारी साझा करें और गलत सूचनाओंसे बचाव करें। भविष्य में अपराध रोकने में मदद मिल सकतीइसके साथ ही राष्ट्रपति ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार जागरूक नागरिकों की जानकारी के कारण सुरक्षा बल गंभीर संकट टालने में सफल रहेहैं। उन्होंने कहा कि भारत में पहले पुलिस और सरकारी कर्मचारियों के प्रति कुछ लोग दूरी महसूस करते थे, लेकिन विकसित देशों में लोग पुलिस कोभरोसेमंद और मददगार मानते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों का काम लोगों की सेवा करने की भावना से होनाचाहिए। मुर्मू ने ड्रग्स और कट्टरपंथ जैसी समस्याओं से निपटने में जनता की भागीदारी की अहमियत बताई। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुरक्षा चुनौतियांअब डिजिटल और गैर-पारंपरिक स्वरूप की हैं। डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराध से निपटने के लिए घर, संस्थान और समुदाय स्तर पर सतर्कताजरूरी है। उन्होंने कहा कि नागरिक साइबर अपराध की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसियों तक पहुँचा सकते हैं और इससे भविष्य में अपराध रोकने मेंमदद मिल सकती है। साथ ही अंत में मुर्मू ने भरोसा जतायाराष्ट्रपति ने कहा कि सीमाओं पर तनाव, आतंकवाद, माओवादी हिंसा और साम्प्रदायिक कट्टरता जैसी परंपरागत सुरक्षा चुनौतियां अभी भी हैं। इसकेअलावा भौगोलिक तनाव, आर्थिक अस्थिरता और व्यापार बाधाएं भी आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए हर समस्या का हल हमारेविशेष संदर्भ के अनुसार ढूंढना और जनता की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। मुर्मू ने पर्यावरण संरक्षण में भी जनता की भागीदारी का महत्व बताया। उन्होंनेकहा कि जलवायु परिवर्तन और सीमित प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव से लोगों में संघर्ष की संभावना बढ़ती है। राष्ट्रपति ने सुरक्षा एजेंसियों कीतारीफ करते हुए कहा कि नक्सलवाद को 31 मार्च, 2026 तक पूरी तरह खत्म करने का संकल्प लिया गया है। 2014 में 126 जिले नक्सलप्रभावित थे, अब केवल 11 जिले प्रभावित हैं और सबसे अधिक प्रभावित जिले केवल तीन रह गए हैं। इसके साथ ही अंत में मुर्मू ने भरोसा जताया किजनता की सक्रिय भागीदारी से भारत सतर्क, शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध देश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
नोसा ब्रेक में खिलाड़ियों की शराबखोरी, इंग्लैंड टीम की छवि दांव पर, पेशेवर अनुशासन पर सवाल, ECB ने उठाया मामला

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज में एक और हार के बाद इंग्लैंड की टीम नई मुश्किल में घिरती नजर आ रही है। तीसरे टेस्ट में 82 रन से मिलीहार के बाद न सिर्फ सीरीज हाथ से निकल गई, बल्कि अब इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) को टीम के व्यवहार की जांच भी करनी पड़ रही है।आरोप है कि कप्तान बेन स्टोक्स और उनके साथी खिलाड़ियों ने सीरीज के बीच लिए गए ब्रेक के दौरान जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन किया।तीसरे टेस्ट से पहले इंग्लैंड की टीम ने चार दिन का ब्रेक लिया और ऑस्ट्रेलिया के हॉलिडे रिसॉर्ट नोसा की यात्रा की। यह फैसला पहले ही कईऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट विशेषज्ञों की आलोचना झेल चुका था। अब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस दौरान कुछ खिलाड़ियों ने भारी मात्रामें शराब पी, जिससे टीम कल्चर और पेशेवर अनुशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। संस्कृति किसी की मदद नहीं करतीइन आरोपों के बाद इंग्लैंड के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने साफ किया है कि मामले की जांच की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआतीजानकारी के मुताबिक खिलाड़ी अच्छी तरह पेश आए थे। ईएसपीएन क्रिकइनफो ने रॉब की के हवाले से लिखा, ‘अगर ऐसी बातें सामने आती हैं किहमारे खिलाड़ी बाहर जाकर जरूरत से ज्यादा शराब पी रहे थे, तो निश्चित रूप से हम इसकी जांच करेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए अत्यधिकशराब पीना किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है और अगर हम इसकी जांच नहीं करते, तो यह हमारी विफलता होगी। लेकिन अब तक जो मैंने सुना है, उसके मुताबिक खिलाड़ी बहुत अच्छे व्यवहार में थे।’ रॉब की ने यह भी साफ किया कि वह टीम कल्चर में शराब की मौजूदगी के पूरी तरह खिलाफनहीं हैं, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर यह मामला इतना बढ़ जाता है कि भारी शराबखोरी हो और माहौल किसी बैचलरपार्टी जैसा बन जाए, तो यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। मैं खुद शराब नहीं पीता और मुझे लगता है कि किसी भी स्थिति में शराब पीने की संस्कृति किसीकी मदद नहीं करती।’ लेकिन अनौपचारिक रूप से यह एक वेक-अप कॉल जरूररॉब की ने कहा, ‘अगर नोसा ट्रिप का मतलब फोन से दूर रहना, बीच पर जाना, साथ खाना-पीना और कभी-कभार एक ड्रिंक लेना था, तो मुझे इससेकोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अगर यह इससे आगे जाता है, तो फिर यह मेरे लिए समस्या बन जाती है।’ रॉब की ने यह भी खुलासा किया कि सीरीजसे पहले जैकब बेथेल और हैरी ब्रूक को टीम मैनेजमेंट ने अनौपचारिक चेतावनी दी थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे की पूर्व संध्या पर दोनों काएक बार में शराब पीते हुए वीडियो सामने आया था। रॉब की ने कहा, ‘डिनर के साथ एक गिलास वाइन से मुझे कोई समस्या नहीं है। उससे ज्यादामुझे काफी गैरजरूरी लगता है। औपचारिक चेतावनी नहीं दी गई, लेकिन अनौपचारिक रूप से यह एक वेक-अप कॉल जरूर था।’ एडिलेड में हार केबाद इंग्लैंड की ऑस्ट्रेलिया में हार का सिलसिला लगातार चार टेस्ट तक पहुंच गया है। इंग्लैंड ने आखिरी बार 2011 में एंड्रयू स्ट्रॉस की कप्तानी मेंऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच जीता था और तब सीरीज भी 3-1 से अपने नाम की थी। इसके बाद से खेले गए 18 टेस्ट में इंग्लैंड को 16 में हार मिली है, जबकि दो मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। सीरीज में अभी दो टेस्ट बाकी हैं और बेन स्टोक्स की टीम की कोशिश होगी कि वह इज्जत बचाते हुए 5-0 की शर्मनाकहार से बचें। एशेज गंवाने के बाद इंग्लैंड टीम पर सीरीज के बीच नोसा ब्रेक के दौरान हद से ज्यादा शराब पीने के आरोप लगे हैं, जिसकी ईसीबी जांचकरेगी। मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने कहा कि अगर आरोप सही पाए गए तो यह अस्वीकार्य होगा।
राहुल गांधी के जर्मनी बयान पर सियासत गर्म, BJP प्रवक्ता शहजाद पूनेवाला ने लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के जर्मनी दौरे के दौरान दिए गए बयान पर देश में सियासत तेज है। जहां एक बार फिर भाजपा ने राहुल गांधी पर उनकेजर्मनी दौरे और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान को लेकर जमकर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता शाहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी के दावोंपर आपत्ति जताते हुए कहा कि राहुल गांधी ने दावा किया कि हरियाणा चुनाव में एक महिला ने 200 बार वोट डाला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नेयह नहीं कहा कि उसका नाम 200 बार सूची में आया, बल्कि सीधे कहा कि उसने 200 बार वोट किया। पूनावाला ने आगे कहा कि राहुल गांधी नेअपने दावों में यह भी कहा कि शकुन रानी नाम की एक महिला ने दो बार वोट डाला। इस पर उन्होंने सवाल उठाते हुए राहुल गांधी को चुनौती दी किवे उस महिला का नाम, पता और सबूत सार्वजनिक करें और बताएं कि आखिर कोई व्यक्ति 200 बार वोट कैसे डाल सकता है। सहयोगियों का और न ही पार्टी के भीतर पूरा भरोसापत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह काबयान लोकतंत्र पर सवाल खड़े करते हैं और बिना सबूत के ऐसे आरोप लगाना गलत है। दूसरी ओर पूनावाला ने इमरान मसूद के बयान को लेकरकांग्रेस और राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इमरान मसूद ने साफ तौर पर कहा है कि अब उन्हें राहुल गांधी पर भरोसा नहींरहा। पूनावाला ने आगे कहा कि मसूद का नारा है ‘राहुल हटाओ, प्रियंका गांधी लाओ’। पूनावाला ने दावा किया कि इमरान मसूद अब प्रियंका गांधीको प्रधानमंत्री बनाने की बात कर रहे हैं। इसके साथ ही भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि रॉबर्ट वाड्रा ने भी इस सोच का समर्थन किया है। उनकेमुताबिक इसका मतलब यह है कि राहुल गांधी न सिर्फ जनता का भरोसा खो चुके हैं, बल्कि अब उनके अपने साथी और पार्टी के अंदरूनी लोग भीउनसे संतुष्ट नहीं हैं। पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के पास अब न जनता का समर्थन है, न सहयोगियों का और न ही पार्टी के भीतरपूरा भरोसा। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सवाल बतायाइस दौरान पूनावाला ने ओडिशा के कांग्रेस नेता मोहम्मद मोकिम का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि मोकिम ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्षमल्लिकार्जुन खरगे को नेतृत्व से हटाने और प्रियंका गांधी को आगे लाने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद उन्हें पार्टी से तुरंत निलंबित कर दियागया। पूनावाला ने कहा कि इससे साफ है कि पार्टी में राहुल गांधी पर भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है। राहुल गांधी के जर्मनी दौरे में दिए बयान परदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा प्रवक्ता शाहजाद पूनावाला ने राहुल के उस दावे पर आपत्ति जताई, जिसमें हरियाणा चुनाव में एक महिला के200 बार वोट डालने की बात कही गई। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सवाल बताया।
चक्रवात दितवाहा में भारत ने श्रीलंका को दिया 450 मिलियन डॉलर का सहायता पैकेज, राहत कार्यों में जुटी सेना और फंड

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत चक्रवात दितवाहा के दौरान श्रीलंका के साथ खड़ा है और उसने 450 मिलियन अमेरिकीडॉलर के सहायता पैकेज का प्रस्ताव दिया है। जयशंकर इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष दूत के तौर पर श्रीलंका में हैं। उन्होंने श्रीलंका केविदेश मंत्री विजिता हेरथ के साथ बातचीत में यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को मोदी का एक पत्र भी सौंपा। एस जयशंकरने X पर पोस्ट किया, “चक्रवात दितवाह के दौरान श्रीलंका के साथ खड़े होने पर भारत को गर्व है।” वह दो दिन की श्रीलंका यात्रा पर हैं। इस दौरानउन्होंने कहा “जैसे ही श्रीलंका 2022 के आर्थिक संकट से उबर रहा था, इस प्राकृतिक आपदा ने नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी नेनिर्देश दिया कि हम अब श्रीलंकाई सरकार के साथ मिलकर उनकी प्राथमिकताओं पर काम करें। इस संबंध में, हमने 450 मिलियन अमेरिकी डॉलरका सहायता पैकेज प्रस्तावित किया है।”मध्यम अवधि में संभावित कमी को दूर करना शामिलउन्होंने कहा, “इस पैकेज में 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रियायती क्रेडिट लाइन और 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान शामिल होगा।” “इस पैकेज को श्रीलंका सरकार के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। हमारी सहायता में चक्रवात से सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों को शामिलकिया जाएगा, जिसमें पहला, सड़क, रेलवे और पुल कनेक्टिविटी का पुनर्वास और बहाली शामिल है।” “दूसरा, पूरी तरह से नष्ट हुए और आंशिक रूपसे क्षतिग्रस्त घरों के निर्माण के लिए सहायता। तीसरा, स्वास्थ्य और शिक्षा प्रणालियों के लिए सहायता, विशेष रूप से वे जो चक्रवात से क्षतिग्रस्तहुई हैं। चौथा, कृषि, जिसमें अल्प और मध्यम अवधि में संभावित कमी को दूर करना शामिल है। और पांचवां, बेहतर आपदा प्रतिक्रिया और तैयारी कीदिशा में काम करना।” चिकित्सा उपकरण भी प्रदान किए गएजयशंकर ने कहा कि नुकसान के पैमाने को देखते हुए, यह स्वाभाविक था कि भारत श्रीलंका की मदद के लिए आगे आया। उन्होंने कहा कि भारत काऑपरेशन सागर बंधु दितवाह के पहले ही दिन शुरू हो गया था। उन्होंने कहा, “हमारा विमानवाहक पोत INS विक्रांत और INS उदयगिरि कोलंबो मेंमौजूद थे और उन्होंने राहत सामग्री पहुंचाई, जिसके बाद हेलीकॉप्टर तैनात किए गए।” ऑपरेशन सागर बंधु ने 1,100 टन से अधिक राहत सामग्रीपहुंचाई, जिसमें सूखा राशन, टेंट, तिरपाल, स्वच्छता किट, ज़रूरी कपड़े और पानी शुद्धिकरण किट शामिल हैं। लगभग 14.5 टन दवाएं और चिकित्साउपकरण भी प्रदान किए गए, जबकि राहत कार्यों में सहायता के लिए 60 टन उपकरण श्रीलंका लाए गए। बड़ी संख्या में सेना के इंजीनियरों नेकिलिनोची में C-17 विमान द्वारा लाए गए बेली ब्रिज का निर्माण किया। श्रीलंका की मदद करने के दूसरे तरीकों के बारे में जयशंकर ने कहा किभारत श्रीलंका में भारतीय टूरिज्म को बढ़ावा देगा क्योंकि यह द्वीप देश एक महत्वपूर्ण टूरिज्म इकोनॉमी है। “इसी तरह, भारत से फॉरेन डायरेक्टइन्वेस्टमेंट में बढ़ोतरी इस मुश्किल समय में आपकी इकोनॉमी को बढ़ावा दे सकती है। हमने पहले भी श्रीलंका का मजबूत इरादा और लचीलापनदेखा है। भारत पहले से कहीं ज़्यादा मजबूती से श्रीलंका के साथ खड़ा है,