हावड़ा ब्रिज मार्च रोका गया, BJP कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का-मुक्की, बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर भारत में उबाल

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बुधवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब बांग्लादेशी हिंदू युवक की हत्या के विरोध में भारतीय जनता पार्टी केप्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। जानकारी के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ता हावड़ा ब्रिज की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और बैरिकेड हटाने की कोशिश करने लगे। इस दौरान हालात बिगड़ गएऔर पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। झड़प में धक्का-मुक्की भी हुई। हावड़ा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहाहम किसी को भी प्रदर्शन के नाम पर आम लोगों की आवाजाही बाधित करने की इजाजत नहीं देंगे। कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगीगौरतलब है कि 18 दिसंबर को बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के बालुका इलाके में 25 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की कथित तौर पर भीड़ नेपीट-पीटकर हत्या कर दी थी और बाद में उसके शव को जला दिया गया। आरोप है कि यह घटना कथित ईशनिंदा के बाद हुई। इस घटना को लेकरभारत में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है, खासकर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित हमलों को लेकर। इससे पहले मंगलवार को भीसियालदह से पार्क सर्कस स्थित बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन की ओर जा रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया था।बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बलतैनात कर दिया है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नवनीत राणा के ‘3–4 बच्चे’ बयान पर सियासी घमासान, कांग्रेस का BJP-RSS पर हमला

भाजपा नेता नवनीत राणा ने मंगलवार को अपने एक बयान में आरोप लगाया कि हिंदुस्तान को पाकिस्तान बनाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंनेहिंदुओं से तीन-चार बच्चे पैदा करने की अपील की। भाजपा नेता की इस अपील पर अब सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा नेता केबयान की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस की पागलपन वाली सोच अब खत्म होनी चाहिए। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर नेनवनीत राणा के बयान पर कहा, ‘हमें संख्या को लेकर वैज्ञानिक आधार पर सोचना चाहिए, न कि कोई अंधविश्वास रखना चाहिए। भारत की बढ़तीजनसंख्या चिंताजनक है। जो राज्य जनसंख्या नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा और आरएसएस की येपागलपन वाली सोच खत्म होनी चाहिए।’ आरएसएस को निशाने पर ले लियानवनीत राणा ने महाराष्ट्र के अमरावती में मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैं सभी हिंदुओं से अपील करती हूं कि अगर वे (मुस्लिम) 19 बच्चे पैदा कररहे हैं तो हमें कम से कम 3-4 बच्चे तो पैदा करने चाहिए। ये लोग भारत को पाकिस्तान बनाने की राह पर हैं।’ भाजपा नेता राणा ने आगे कहा कि येलोग ज्यादा बच्चे पैदा करके भारत को पाकिस्तान जैसा बनाने की योजना बना रहे हैं। तो हम सिर्फ एक बच्चे से क्यों संतुष्ट रहें? हमें भी तीन से चारबच्चे पैदा करने चाहिए। भाजपा नेता नवनीत राणा ने मंगलवार को अपने एक बयान में देश में मुस्लिमों की तेजी से बढ़ती जनसंख्या पर सवाल उठाएथे और हिंदू समुदाय से भी 3-4 बच्चे पैदा करने की अपील की थी। अब कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा और आरएसएस को निशाने पर ले लिया है।
चक्रवात दित्वाह के बाद भारत श्रीलंका के साथ, पीएम मोदी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने चक्रवात दित्वाह के बाद भारत की ओर सेहरसंभव मदद का भरोसा दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मिलकर श्रीलंका में जीवन को फिर से पटरी पर लाने और देश को मजबूत बनाने मेंसहयोग करेगा। उन्होंने चक्रवात प्रभावित श्रीलंका की मदद के चलाए गए भारत के ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ की भी सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहाकि राहत सामग्री, आपातकालीन सामान और खोज व बचाव कार्यों में जुटे भारतीय दलों ने चिकित्सा आपात स्थितियों से निपटने और संपर्क व संचारव्यवस्था बहाल करने में श्रीलंका की मदद की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि ‘पड़ोसी पहले’ नीति और ‘पहले प्रतिक्रिया देने’ कीप्रतिबद्धता के तहत भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया। इसके तहत भारतीय जहाजों, विमानों और हेलिकॉप्टर्स से राहत सामग्री और जरूरीसामान पहुंचाया गया। भारतीय दलों ने खोज और बचाव कार्यों में सहयोग किया और चिकित्सा आपात स्थितियों व महत्वपूर्ण संचार व्यवस्था कोबहाल करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने श्रीलंका में कई लोगों की मदद की और इसे भारत-श्रीलंका के गहरे संबंधों काप्रतीक माना गया। 45 करोड़ डॉलर का सहायता पैकेज देगाप्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि अब जब श्रीलंका पुनर्निर्माण के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है, तो भारत एक भरोसेमंद साझेदार और सच्चे मित्र केरूप में हरसंभव सहायता देगा। उन्होंने कहा कि पहले की तरह भारत श्रीलंका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा और देश को फिर से मजबूतबनाने में सहयोग करेगा। पत्र में पीएम मोदी ने यह भी जानकारी दी कि भारत श्रीलंका को एक व्यापक सहायता पैकेज प्रदान करेगा। उन्होंने भरोसाजताया कि श्रीलंका पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरेगा और राष्ट्रीय विकास व प्रगति की इस यात्रा में उसे हमेशा भारत का साथ मिलेगा। इससेपहले मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कोलंबो में बताया कि भारत ने चक्रवात दित्वाह के बाद श्रीलंका के पुनर्निर्माण के लिए 45 करोड़अमेरिकी डॉलर का सहायता पैकेज प्रस्तावित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को पत्र लिखकर चक्रवातदित्वाह के बाद भारत की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पड़ोसी देश के जीवन को पटरी पर लाने के लिए अगलेचरण में भी श्रीलंका का भरोसेमंद साझेदार रहेगा और उसे 45 करोड़ डॉलर का सहायता पैकेज देगा।
कोहरे में सुरक्षित सफर, योगी सरकार के सख्त निर्देश, बसों की रफ्तार 40 किमी तक सीमित नई गाइडलाइन जारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शरद ऋतु और ठंड के मौसम में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद में प्रदेश में बस यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहनविभाग द्वारा विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत कोहरे और दृश्यता में कमी जैसी परिस्थितियों में बसों का संचालन अत्यंत सावधानी सेकिये जाने, रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकता अनुसार सीमित करने और यात्रियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तरप्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने परिवहन निगम एवं संबंधित अधिकारियों को शरद ऋतु/ठंड के मौसम में बसों के सुरक्षितएवं नियंत्रित संचालन को लेकर विस्तृत आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोहरे और दृश्यता में कमी जैसी परिस्थितियों में बसों का संचालन अत्यंतसावधानी से किया जाना आवश्यक है और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मुहैया कराना प्रदेश सरकार का दायित्व है। अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश भी दिए गएपरिवहन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कोहरे की स्थिति में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो, जबकि अत्यधिक कोहरे में बस को किसीसुरक्षित स्थान पर रोककर विजिबिलिटी सामान्य होने पर ही आगे संचालन किया जाए। बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लगातार एनाउंसमेंट करयात्रियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घने कोहरे वाले मार्गों पर रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकताअनुसार सीमित किया जाए तथा रात्रि सेवाओं में अनुभवी, दुर्घटना-रहित और अच्छे ईंधन रिकॉर्ड वाले चालकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ हीयह भी सुनिश्चित किया जाए कि रात्रि सेवा पर जाने से पूर्व चालक को कम से कम 8 घंटे का विश्राम प्राप्त हुआ हो। 50 प्रतिशत से कम लोड फैक्टरवाली रात्रिकालीन सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं। लंबी दूरी एवं रात्रिकालीन सेवाओं की बसों को मार्ग पर भेजने सेपूर्व 13 बिंदुओं पर आउटशेडिंग जांच तथा संचालन के दौरान 31 बिंदुओं पर नियमित भौतिक जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी निगम एवंअनुबंधित बसों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, फॉग लाइट, ऑल वेदर बल्ब, वाइपर और शीशे पूर्ण रूप से कार्यरत होना अनिवार्य किया गया है। मार्ग परतैनात इंटरसेप्टर एवं प्रवर्तन वाहनों द्वारा निरीक्षण के दौरान ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से अल्कोहल टेस्ट अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश भीदिए गए हैं। परिवहन विभाग को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गएपरिवहन मंत्री ने चालकों को तीन प्रकार की सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा है। एक्सप्रेस-वे पर अचानक ठहराव से बचाव, डिवाइडर युक्तसड़कों पर दायीं ओर संचालन, तथा बिना डिवाइडर वाली सड़कों पर बायीं ओर संचालन कर दुर्घटनाओं से बचने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंनेनिर्देशित किया कि सभी चालकों एवं परिचालकों को इन दिशा-निर्देशों के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि संयमित गति और सतर्कता केसाथ बसों का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने दोहराया कि योगी सरकार प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैऔर यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ठंड और कोहरे में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकारसतर्क है। बसों की गति 40 किमी प्रति घंटे से अधिक न रखने, अनुभवी चालकों की तैनाती और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए गए हैं। परिवहनविभाग को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली सरकार ने जल और वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 100 करोड़ की मंजूरी दी, ई-वेस्ट पार्क और बस सुधार योजना भी शामिल

दिल्ली सरकार ने राजधानी को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में मंगलवार को एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखागुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली कैबिनेट ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर 100 करोड़ की राशि को मंजूरी दी है। उद्देश्य राजधानी के जलसंसाधनों को पुनर्जीवित करना, जलसंकट से निपटना और साथ ही जल एवं वायु प्रदूषण पर नियंत्रण स्थापित करना है। दिल्ली सरकार के पर्यावरणमंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार जमीन पर दिखने और लंबे समय तक असर करने वाले बदलावों पर गंभीरता से काम कर रही है।दिल्ली में कुल लगभग 1000 जलाशय हैं, जिनमें से करीब 160 जलाशय दिल्ली सरकार के अधीन हैं। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि पहलेडीपीसीसी द्वारा इस कार्य के लिए 19 करोड़ उपलब्ध कराए थे, जबकि अब अतिरिक्त राशि से सभी चिन्हित जलाशयों के 100 प्रतिशत पुनर्जीवनका लक्ष्य रखा है। इसके लिए डीडीए सहित अन्य एजेंसियों से भी समन्वय किया जाएगा। ड्राइवर-कंडक्टरों को अधिक स्थिरता मिलेगीकैबिनेट ने होलंबी कलां में 11.5 एकड़ भूमि पर बनने वाले दिल्ली के पहले पूर्णतया सर्कुलर और ज़ीरो-वेस्ट ई-वेस्ट पार्क को भी मंजूरी दी है। यहपार्क आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा और इसमें ज़ीरो प्रदूषण मॉडल अपनाया जाएगा। यहां इस्तेमाल होने वाला पूरा पानी रिसाइकल कियाजाएगा, जिससे पर्यावरण पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। एक अहम फैसले के तहत दिल्ली की बस सेवाओं का संचालनडीआईएमटीएस से हटाकर दिल्ली परिवहन निगम को सौंपने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था अगले वित्तीय वर्ष से लागू होगी। मंत्री के अनुसारइससे बस सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, रूट रेशनलाइजेशन आसान होगा और ड्राइवर-कंडक्टरों को अधिक स्थिरता मिलेगी। हर स्तर पर ठोस कदम उठा रहीमंत्री ने कहा कि ग्रेप हटने के बाद भी ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ अभियान जारी रहेगा। मंत्री ने कहा कि बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के वाहनचलाना दिल्ली की हवा के खिलाफ अपराध के समान है। हालिया जांच में 12 पीयूसी केंद्रों में अनियमितताएं पाई गई हैं और आगे भी निगरानी जारीरहेगी। प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों और वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। डीपीसीसी ने 411 औद्योगिक इकाइयों को बंदकरने के नोटिस जारी किए हैं, जबकि एमसीडी ने 400 इकाइयों को सील किया है। इस तरह 800 से अधिक प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई कीगई है। इसके अलावा चार नए ऑटोमेटेड वाहन परीक्षण केंद्र जल्द शुरू होंगे। ऊंची इमारतों में धूल नियंत्रण के लिए मिस्ट आधारित सिस्टम लगानेकी भी अनुमति दी गई है। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अब फैक्ट्री हो या पेट्रोल पंप, कोई भी प्रदूषक जवाबदेही से नहीं बच पाएगा। दिल्ली कोसाफ और स्वस्थ बनाने के लिए सरकार हर स्तर पर ठोस कदम उठा रही है।