Delhi LoP Ankush Narang Slams BJP Over Pollution, Recruitment, and Public Safety Failures

At the Municipal Corporation of Delhi (MCD) Standing Committee meeting on Wednesday, Aam Aadmi Party (AAP) Leader of Opposition (LoP) in MCD House, Ankush Narang launched a sharp attack on the BJP, calling it out for blocking discussion on pollution despite Delhiites inhaling pollution equivalent to 15 cigarettes a day. Raising issues ranging from pollution […]
फ़िल्म रिव्यू- कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ रिलीज, फ्रेश रोमांस और खूबसूरत विजुअल्स के साथ यंग ऑडियंस का पसंदीदा मनोरंजन

बॉलीवुड के पॉपुलर स्टार्स कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की नई फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ 25 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई।यह फिल्म खासकर युवाओं और रोमांस प्रेमियों के लिए डिज़ाइन की गई हल्की-फुल्की, फ्रेश और विजुअली आकर्षक कहानी पेश करती है। फिल्मकी कहानी लॉस एंजिल्स में रहने वाले रे (कार्तिक आर्यन) और आगरा की रहने वाली रूमी (अनन्या पांडे) के इमोशनल और रोमांटिक सफर परआधारित है। रे जीवन को “बी इन द मोमेंट” के सिद्धांत के साथ जीता है, जबकि रूमी 90 के दशक जैसी क्लासिक लव स्टोरी का सपना देखती है।दोनों की मुलाकात एक इंटरनेशनल हॉलीडे पर होती है, जहां खूबसूरत लोकेशन्स, ट्रैवल और साथ बिताए पलों के बीच उनका रिश्ता गहरा होता है।फिल्म के पहले हिस्से में मस्ती और रोमांस है, जबकि आगे कहानी में टकराव और इमोशनल ट्विस्ट आता है। यह मीठा-तीखा रिश्ता दर्शकों को बांधकररखता है और फिल्म को देखने का मजा दोगुना कर देता है।मनोरंजन का बेहतरीन विकल्प साबित होतीकार्तिक आर्यन ने मां के लाडले बेटे के किरदार को सहजता से निभाया है, जबकि अनन्या पांडे ने अपने किरदार में मासूमियत और इमोशन के साथ जानडाली। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को बहुत पसंद आई। यह दोनों की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने ‘पति, पत्नी और वो’ में साथ कामकिया था। सपोर्टिंग कास्ट में नीना गुप्ता और जैकी श्रॉफ ने अपने किरदारों में दमदार प्रदर्शन किया। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके खूबसूरतइंटरनेशनल लोकेशन्स और विजुअल्स हैं। म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर कहानी के मूड के साथ बेहतरीन तालमेल बिठाते हैं, जिससे दर्शक पूरी तरहकहानी में डूब जाते हैं। दिल्ली जैसे शहर के दर्शकों के लिए यह फिल्म रोजमर्रा की भागदौड़ और पॉल्यूशन से ब्रेक लेने का अनुभव देती है। फिल्म कानिर्माण करण जौहर, आदर पूनावाला, अपूर्वा मेहता, शरीन मंत्री कडिया, किशोर अरोरा और भूमिका तिवारी ने धर्मा प्रोडक्शंस और नमः पिक्चर्स केबैनर तले किया है। कुल मिलाकर, ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ एक फ्रेश, हल्की-फुल्की और रोमांटिक फिल्म है। कहानी भले ही नई न हो, लेकिनइसकी प्रेजेंटेशन, म्यूजिक और विजुअल्स इसे देखने लायक बनाते हैं। यह फिल्म खासकर युवाओं और हल्की रोमांटिक फिल्में पसंद करने वालों केलिए मनोरंजन का बेहतरीन विकल्प साबित होती है।
राष्ट्रनेता अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर दिल्ली भाजपा तक, श्रद्धांजलि में एकजुट हुआ देश

भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री और महान राष्ट्रनेता स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जयंती के अवसर पर आज देशभर में उन्हें श्रद्धा और सम्मान केसाथ याद किया गया। इस मौके पर राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर अटल जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पितकी गई। अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन तथा प्रधानमंत्री श्रीनरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र की ओर से उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीननेताओं ने अटल जी को भारतीय लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ और सुशासन का प्रतीक बताया। अटल जी के विचार आज भी देश के लिए प्रेरणा स्रोतइसके पश्चात भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसरपर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन, अटल बिहारी वाजपेई न्यास के अध्यक्ष श्री एम. वेंकैया नायडू सहित कई वरिष्ठ नेता एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे। दिल्ली भाजपा संगठन और दिल्ली के नागरिकों की ओर से दिल्ली भाजपाअध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने भी अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने अटलजी के जीवन, उनके विचारों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। नेताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई केवल एक सफलप्रधानमंत्री ही नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी राजनेता, संवेदनशील कवि और मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थक थे। श्रद्धांजलि समारोह के दौरानवक्ताओं ने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त पहचान बनाई। उनके कार्यकाल में सुशासन, विकास औरराष्ट्रीय एकता को नई दिशा मिली। उन्होंने राजनीति में शुचिता, संवाद और सहमति की परंपरा को मजबूत किया।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित नेताओं, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने अटल बिहारी वाजपेई के आदर्शों को आत्मसात करने और उनके दिखाए मार्गपर चलने का संकल्प लिया। सभी ने यह विश्वास जताया कि अटल जी के विचार आज भी देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और आने वाली पीढ़ियों कोमार्गदर्शन देते रहेंगे।
टी20 वर्ल्ड कप 2026: शुभमन गिल को आकाश चोपड़ा की वैकल्पिक टीम में नहीं मिली जगह

पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने गुरुवार को टी20 विश्व कप 2026 के लिए वैकल्पिक भारतीय टीम का चयन किया। हैरानी की बात यह हैकि इस टीम में भी शुभमन गिल को शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, आगामी विश्व कप के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वाराचुने गए 15 सदस्यीय स्क्वॉड में भी गिल शामिल नहीं हैं। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि खराब फॉर्म के चलते वह टी20 टीम में जगह नहीं बनासके जबकि मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने टीम कॉम्बिनेशन के चलते उन्हें ड्रॉप करने का फैसला किया। शुभमन गिल का टी20 में हालियाप्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में रहा है। एशिया कप के दौरान टीम में वापसी के बाद से उन्होंने 15 मैचों में सिर्फ 291 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइकरेट 137.26 रहा है, जिसमें एक भी अर्धशतक या शतक शामिल नहीं है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टी20 सीरीज में भी गिलका बल्ला खामोश रहा और उन्होंने तीन मैचों में सिर्फ 32 रन बनाए, जिससे उनके चयन पर दबाव और बढ़ गया। स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल को शामिल नहीं कियाटी20 विश्व कप 2026 के लिए चुनी गई टीम में शुभमन गिल को जगह नहीं दी गई। भारतीय प्रशंसकों के लिए यह चौंकाने वाला फैसला था। 26 वर्षीय बल्लेबाज को भारत का अगला तीनों प्रारूपों का कप्तान माना जा रहा था। हाल ही में उन्हें टी20 टीम का उपकप्तान भी बनाया गया था।लेकिन खराब फॉर्म और उपलब्ध विकल्पों को देखते हुए टीम प्रबंधन ने उन्हें पूरी तरह टीम से बाहर करने का फैसला किया। अब ओपनिंग कीजिम्मेदारी एक बार फिर संजू सैमसन निभाएंगे, जबकि ईशान किशन को बैकअप विकल्प के तौर पर टीम में शामिल किया गया है। ऋतुराजगायकवाड़, यशस्वी जयसवाल, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत, जितेश शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, क्रुणाल पांड्या, दीपक चाहर, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वरकुमार, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, केएल राहुल। टी20 विश्व कप 2026 के लिए आकाश चोपड़ा ने अपनी 13 सदस्यीय टीम का चुनाव किया।इस टीम में उन्होंने स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल को शामिल नहीं किया है।
दिल्ली में लापरवाही बरतने वाले 27 पीयूसी केंद्रों के लाइसेंस निलंबित, प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम

दिल्ली सरकार ने पीयूसी जांच में लापरवाही बरतने वाले 27 केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा है कि प्रदूषणनियंत्रण के लिए सरकार सिर्फ अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यहकार्रवाई पेट्रोल पंपों पर तैनात निगरानी टीमों की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। राजधानी के करीब 500 पेट्रोल पंपों पर तीन शिफ्ट में 24 घंटेपीयूसी जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण का बड़ा कारण है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार नेपीयूसी जांच को व्यापक और प्रभावी बनाया है। राजधानी के पेट्रोल पंपों पर 24×7 पीयूसी जांच के लिए 3,000 डीटीसी ड्राइवरों को तैनात कियागया है, जो प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को ईंधन लेने से रोक रहे हैं। स्प्रे सिस्टम लगाने की अनुमति देगीसीएम ने बताया कि डीटीसी के करीब 600 सरप्लस ड्राइवरों को अस्थायी रूप से ट्रैफिक पुलिस के साथ जोड़ा गया है। ये ड्राइवर ट्रैफिक संचालन मेंमदद कर रहे हैं, जिससे जाम कम हो रहा है और वाहनों का अनावश्यक उत्सर्जन भी घट रहा है। सरकार का मानना है कि बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था से भीप्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारी और कम प्रभावी एंटी-स्मॉग गन की जगह मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाए जाएंगे। राजधानी केमॉल, होटल और कार्यालय भवनों में लगे 148 एंटी-स्मॉग गन की जगह यह नया सिस्टम लगाया जाएगा। मिस्ट स्प्रे सिस्टम हल्का है, कम पानी खर्चकरता है। सरकार जल्द ही नियमों में बदलाव कर ऊंची इमारतों पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाने की अनुमति देगी। बाजारों में पहले जितनी संख्या में नहीं पहुंच रहेफिलहाल दिल्ली में 40 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन काम कर रहे हैं। इनमें डीपीसीसी, आईआईटीएम, सीपीसीबी और केंद्र सरकार के स्टेशनशामिल हैं। अब सीएक्यूएम के निर्देश पर छह नए निगरानी स्टेशन लगाए जाएंगे। ये स्टेशन इग्नू, जेएनयू, इसरो अर्थ सेंटर, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स सेंटरऔर एनएसयूटी (पश्चिमी परिसर) में स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार फौरी और दीर्घकालीन, दोनों स्तरों पर काम कर रही है। अलावजलाने, कोयला-लकड़ी के इस्तेमाल और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर भी लगातार कार्रवाई कर रही है। उनका कहना है कि दिल्लीमें साफ हवा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। नो पीयूसी, नो फ्यूल का असरअब राजधानी के बाजारों पर भी दिखने लगा है। इन दिनों दिल्ली के बाजारों में पहले जैसी चहल पहल नजर नहीं आ रही है। दुकानदारों का कहना हैकि ग्राहकों की संख्या में कमी से रोजमर्रा की बिक्री प्रभावित हो रही है। खासकर एनसीआर से आने वाले खरीदार अब दिल्ली के प्रमुख बाजारों मेंपहले जितनी संख्या में नहीं पहुंच रहे हैं।
कंधमाल मुठभेड़ में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, गणेश उइके समेत नक्सली ढेर

ओडिशा के कंधमाल जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी नेता गणेश उइके समेत छह नक्सली मारे गए। राज्य मेंनक्सल विरोधी अभियान का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि, यह मुठभेड़ चकापाद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घने जंगलोंमें हुई। मारा गया गणेश उइके (69 वर्ष) सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और ओडिशा में इस प्रतिबंधित संगठन का प्रमुखथा, जिस पर प्रशासन ने 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। मूल रूप से तेलंगाना के नलगोंडा जिले का रहने वाला उइके, पक्का हनुमंतु औरराजेश तिवारी जैसे कई नामों से भी जाना जाता था। पुलिस ने बताया कि इस सफल ऑपरेशन में गणेश उइके के अलावा पांच अन्य नक्सली भी मारेगए हैं, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। फिलहाल अन्य नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है। सुरक्षा बलों के लिए इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जारहा है क्योंकि उइके लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था और क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों मे शामिल था। फिलहाल इलाके में अभी भीतलाश अभियान जारी है। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने परसुरक्षा बलों की सफलता पर गृह मंत्री अमित शाह की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा गया ‘नक्सल मुक्त भारत की दिशा में एकमहत्वपूर्ण उपलब्धि। ओडिशा के कंढमाल में चलाए गए एक बड़े अभियान में केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके समेत छह नक्सलियों को मारगिराया गया है। इस बड़ी सफलता के साथ, ओडिशा नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त होने के कगार पर है। हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद कोसमाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।’ओडिशा के कंधमाल जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में सीपीआई (माओवादी) का शीर्ष नेता गणेश उइके समेत छह नक्सली मारे गए हैं। यहमुठभेड़ चकापाद थाना क्षेत्र के घने जंगलों में हुई। उइके पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशानेपर था।
गुजरात विधानसभा: डिप्टी स्पीकर जेठाभाई भरवाड़ ने इस्तीफा दिया, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा मौजूद

गुजरात विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जेठाभाई भरवाड़ ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसको लेकर राज्य सरकार ने एक आधिकारिकविज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी। विज्ञप्ति के अनुसार भरवाड़ ने अपने व्यस्त शेड्यूल और अन्य जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए यह कदमउठाया है। उन्होंने गांधीनगर में विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी के सरकारी आवास पर अपना इस्तीफा सौंपा। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल औरराज्य भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा भी मौके पर मौजूद थे। विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने भरवाड़ का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा की मौजूदगीपंचमहल जिले के शेहरा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे 75 वर्षीय जेठाभाई भरवाड़ को ‘जेठाभाई अहीर’ के नाम से भी जाना जाता है। भाजपा के इसवरिष्ठ नेता को पहली बार सितंबर 2021 में डिप्टी स्पीकर चुना गया था और 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुएउन्हें फिर से इस पद की जिम्मेदारी सौंपी थी। राजनीति के साथ-साथ सहकारिता क्षेत्र में भी उनका बड़ा प्रभाव माना जाता है, और अब उनके इस्तीफेके बाद विधानसभा के नए डिप्टी स्पीकर के चयन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। गुजरात विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जेठाभाई भरवाड़ ने गुरुवार कोअपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा की मौजूदगी में अपना इस्तीफा सौंपा, जिसेविधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने स्वीकार कर लिया।
भारत 2026 से संयुक्त राष्ट्र समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस का अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय हीरे के व्यापार में बढ़ेगी नेतृत्व क्षमता

भारत के लिए साल 2026 कई मायनों में खास रहने वाला है। इसकी शुरुआत तब हो गई जब भारत 2026 से संयुक्त राष्ट्र समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस(केपी) का अध्यक्ष चुना गया। ऐसे में अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि भारत का 2026 से संयुक्त राष्ट्र समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस(केपी) का अध्यक्ष चुना जाना देश की अंतरराष्ट्रीय हीरे के व्यापार में नेतृत्व क्षमता का संकेत है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफर्म एक्स पर पोस्ट मेंलिखा कि भारत का यूएन-समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस का अध्यक्ष चुना जाना खुशी की बात है। उन्होंने आगे कहा कि यह हीरे के व्यापार में भारत कीवैश्विक भूमिका और सुधारों के जरिए सहमति बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, भारत 25 दिसंबर 2025 से उपाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेगा और 1 जनवरी 2026 से अध्यक्ष बनेगा। यह भारत के लिए किम्बर्ली प्रोसेस मेंतीसरी बार अध्यक्ष बनने का अवसर होगा। नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना शामिलबता दें कि किम्बर्ली प्रोसेस एक तीन-तरफा पहल है जिसमें सरकारें, अंतरराष्ट्रीय हीरे की इंडस्ट्री और सिविल सोसाइटी शामिल हैं। इसका उद्देश्य’संघर्ष हीरे’ के व्यापार को रोकना है। संघर्ष हीरे वे हीरे हैं जो विद्रोही समूहों या उनके सहयोगियों द्वारा युद्ध या अस्थिरता को वित्तीय मदद देने के लिएइस्तेमाल किए जाते हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि भारत का चयन मोदी सरकार कीअंतरराष्ट्रीय व्यापार में पारदर्शिता और ईमानदारी पर वैश्विक भरोसा दर्शाता है। भारत 2026 में किम्बर्ली प्रोसेस (KP) का अध्यक्ष बनने के बाद कईमहत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसमें सबसे पहले शासन और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना शामिल है। इसके साथ ही भारतडिजिटल सर्टिफिकेशन और हीरों की ट्रेसबिलिटी को बढ़ावा देगा। सभी सदस्य देश एक साथ गिने जातेइसके अलावा, केपी के तहत डेटा आधारित निगरानी के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि हीरों के व्यापार में भरोसा मजबूत होसके। भारत का लक्ष्य यह भी है कि संघर्ष-रहित हीरों में उपभोक्ताओं का विश्वास और बढ़ाया जाए। साथ ही, भारत KP को एक और अधिकसमावेशी और प्रभावी बहुपक्षीय मंच बनाने की दिशा में काम करेगा, जिससे सभी प्रतिभागियों और पर्यवेक्षकों का भरोसा मजबूत होगा। विशेषज्ञों कामानना है कि इस कदम से भारत की अंतरराष्ट्रीय हीरे के व्यापार में स्थिति और विश्वसनीयता दोनों बढ़ने की उम्मीद है। गौरतलब है कि किम्बर्ली प्रोसेससर्टिफिकेशन स्कीम (केपीसीएस) 1 जनवरी 2003 से लागू है और यह वैश्विक कच्चे हीरे के व्यापार का 99 प्रतिशत से अधिक नियंत्रित करती है।इसे हीरे के व्यापार का सबसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय तंत्र माना जाता है। वर्तमान में किम्बर्ली प्रोसेस में 60 सदस्य देश शामिल हैं, जिसमें यूरोपीय संघऔर इसके सभी सदस्य देश एक साथ गिने जाते हैं।