
7.72 लाख से अधिक हेल्थ कार्ड जारी, हजारों मरीजों को मिला मुफ्त और कैशलेस इलाज
नई दिल्ली। 27/5
राजधानी दिल्ली में ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (AB PM-JAY) तेजी से लोगों के लिए भरोसेमंद स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनती जा रही है। केंद्र और दिल्ली सरकार के संयुक्त प्रयासों से लाखों जरूरतमंद परिवारों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। योजना के माध्यम से गरीब, मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों को इलाज के दौरान बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक राजधानी में 7 लाख 72 हजार 129 से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड बनाए जा चुके हैं। इन कार्डों के जरिए पात्र नागरिकों को सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। सरकार का कहना है कि योजना का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
वरिष्ठ नागरिकों को मिल रही विशेष स्वास्थ्य सुरक्षा
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार कुल जारी हेल्थ कार्डों में 2 लाख 90 हजार 475 कार्ड ‘वय वंदना योजना’ के तहत वरिष्ठ नागरिकों को दिए गए हैं। वहीं 4 लाख 81 हजार 654 कार्ड अन्य पात्र परिवारों को जारी किए गए हैं। इस योजना के तहत लाभार्थियों को कुल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवरेज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये और दिल्ली सरकार द्वारा अतिरिक्त 5 लाख रुपये की सहायता शामिल है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च गरीब परिवारों के लिए काफी आसान हो गया है।
हजारों मरीजों को मिला इलाज, करोड़ों रुपये के क्लेम का निपटारा
‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत अब तक 46 हजार 963 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। इसके साथ ही 34 हजार 715 क्लेम का निपटारा किया गया है, जिनकी कुल राशि 86.22 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना ने आम लोगों के इलाज पर होने वाले खर्च को काफी कम किया है। खासतौर पर गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को इससे बड़ा सहारा मिला है।
233 अस्पतालों का मजबूत नेटवर्क दे रहा बेहतर सेवाएं
दिल्ली में इस योजना को सफल बनाने के लिए 233 अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। इनमें 181 निजी अस्पताल और 52 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में मरीजों को कैशलेस और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का कहना है कि अस्पतालों के इस मजबूत नेटवर्क से लोगों को समय पर इलाज मिल पा रहा है और मरीजों को दूर-दराज भटकने की जरूरत नहीं पड़ रही।
हीटवेव को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क
दिल्ली में बढ़ती गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। अस्पतालों, पॉलीक्लिनिक, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और मोबाइल राहत इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ICU बेड, इमरजेंसी सेवाएं और विशेष वार्ड भी तैयार किए गए हैं।
एलएनजेपी अस्पताल में हीटवेव मरीजों के लिए विशेष इंतजाम
स्वास्थ्य मंत्री ने लोक नायक अस्पताल (LNJP) में हीटवेव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। अस्पताल में गर्मी से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कैजुअल्टी वार्ड में 4 विशेष बेड और ई-आईसीयू में 10 बेड हीटवेव मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 70 बेड वाला डिजास्टर वार्ड भी तैयार रखा गया है। हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल में कूलिंग पैड, ORS और कोल्ड सलाइन जैसी आवश्यक सुविधाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर सरकार का फोकस
दिल्ली सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सरकार का ध्यान स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर बनाने, लोगों में जागरूकता बढ़ाने और हर नागरिक तक सस्ती व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ दिल्ली के लाखों परिवारों के लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं में से एक साबित होगी।