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नई दिल्ली, 14 जून 2026।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने रविवार को यमुना नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित एक विशेष स्वच्छता अभियान का नेतृत्व किया। पुराना लोहे का पुल स्थित छठ घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और विभिन्न समुदायों के लोगों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर यमुना तट की सफाई की और नदी को बचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं है, बल्कि दिल्ली की पहचान, संस्कृति, आस्था और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ यमुना एक स्वस्थ दिल्ली और सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। यदि यमुना स्वच्छ होगी तो दिल्ली का पर्यावरण बेहतर होगा और आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

विजेन्द्र गुप्ता बोले- यमुना की खोई हुई गरिमा वापस लानी होगी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यमुना ने सदियों से दिल्ली को जीवन दिया है, लेकिन आज यह नदी प्रदूषण की गंभीर समस्या का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर यमुना की खोई हुई गरिमा को वापस लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यमुना को फिर से निर्मल और अविरल बनाने के लिए केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए जनता की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। जब तक लोग स्वयं आगे नहीं आएंगे, तब तक यमुना की स्थिति में स्थायी सुधार नहीं हो सकता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर आयोजित हुआ अभियान
यह स्वच्छता अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। इस अभियान में शामिल लोगों ने घाटों और नदी किनारे फैले कचरे को साफ किया। लोगों ने यह संदेश भी दिया कि केवल एक दिन की सफाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए लगातार प्रयास करने होंगे।

विजेन्द्र गुप्ता ने जन-आंदोलन बनाने की अपील की
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यमुना की सफाई को एक बड़े जन-आंदोलन का रूप देना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी स्वच्छता को अपनाएं। उन्होंने कहा कि अगर हर नागरिक यह संकल्प ले ले कि वह यमुना या किसी भी जल स्रोत में कचरा नहीं डालेगा, तो बहुत बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यमुना को बचाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं बल्कि हर नागरिक की है।

हजारों करोड़ खर्च हुए लेकिन नहीं मिला अपेक्षित परिणाम
अपने संबोधन में विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि पिछले कई वर्षों में यमुना की सफाई के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद नदी की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि केवल पैसा खर्च कर देने से किसी नदी का पुनर्जीवन नहीं हो सकता। इसके लिए जवाबदेही, ईमानदार प्रयास और जनता का सहयोग भी जरूरी है। यदि नागरिक स्वयं जागरूक होंगे और नदी को गंदा होने से बचाएंगे, तभी वास्तविक बदलाव संभव होगा।

यमुना दिल्ली की आस्था और भावनाओं से जुड़ी हुई है
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यमुना केवल पर्यावरण का विषय नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से भी जुड़ी हुई है। छठ पूजा, यमुना जयंती और कई अन्य धार्मिक कार्यक्रम यमुना के घाटों पर आयोजित होते हैं। उन्होंने कहा कि जब श्रद्धालु पूजा करने के लिए घाटों पर आते हैं तो उन्हें स्वच्छ और साफ वातावरण मिलना चाहिए। यह तभी संभव है जब हम सभी मिलकर यमुना की स्वच्छता बनाए रखने में योगदान दें।

छठ घाट से शुरू हुई मुहिम अब पूरे यमुना तट तक पहुंचेगी
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यह अभियान केवल छठ घाट तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में इसे यमुना के अन्य घाटों और किनारे स्थित क्षेत्रों तक भी ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा करना भी है। जब अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ेंगे तो यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

धार्मिक सामग्री को नदी में न डालने की अपील
कार्यक्रम के दौरान विजेन्द्र गुप्ता ने लोगों से अपील की कि वे पूजा-पाठ के बाद बची सामग्री, प्लास्टिक, कपड़े और क्षतिग्रस्त मूर्तियों को यमुना में न फेंकें।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए ऐसी सामग्री का उचित और सम्मानजनक निस्तारण किया जाना चाहिए। इससे नदी की स्वच्छता भी बनी रहेगी और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा।

स्वच्छ भारत अभियान से मिली नई प्रेरणा
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान देश में स्वच्छता की नई संस्कृति विकसित करने में सफल रहा है। इस अभियान ने लोगों को अपने आसपास सफाई रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि यमुना स्वच्छता अभियान भी उसी सोच का हिस्सा है, जिसमें सरकार और जनता मिलकर बेहतर भविष्य के लिए काम कर रहे हैं।

आने वाली पीढ़ियों के लिए बचानी होगी यमुना
अपने संबोधन के अंत में विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यमुना को बचाना केवल आज की जरूरत नहीं बल्कि भविष्य की भी आवश्यकता है। यदि आज हम यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए गंभीर कदम नहीं उठाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल और स्वस्थ पर्यावरण नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा दिल्ली बनानी है जहां यमुना फिर से साफ, सुंदर और निर्मल रूप में बहती दिखाई दे। इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा और अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभानी होगी। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता के नेतृत्व में शुरू हुआ यमुना स्वच्छता अभियान केवल एक सफाई कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण और नदी बचाने के लिए जागरूक करने की एक बड़ी पहल है। इस अभियान के माध्यम से यमुना को उसकी पुरानी पहचान दिलाने, प्रदूषण कम करने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विजेन्द्र गुप्ता का मानना है कि जनभागीदारी, जागरूकता और लगातार प्रयासों के बल पर यमुना एक बार फिर अपनी खोई हुई गरिमा प्राप्त कर सकती है और दिल्ली की शान बन सकती है।

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