
दिल्ली के लाखों व्यापारी परेशान, पोर्टल अपडेट न होने से अटका ट्रेड लाइसेंस नवीनीकरण
नई दिल्ली, 17 जून 2026।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली नगर निगम और भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ट्रेड लाइसेंस और संपत्ति कर को आपस में जोड़ने के फैसले के बाद से दिल्ली के लाखों व्यापारी भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा अप्रैल 2026 में ट्रेड लाइसेंस को संपत्ति कर से लिंक करने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन ढाई महीने बीत जाने के बाद भी निगम का पोर्टल पूरी तरह अपडेट नहीं हो पाया है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि इस तकनीकी समस्या के कारण व्यापारियों के ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है, जिससे उन पर जुर्माना लगने और दुकानों के सील होने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से शिकायत के बावजूद नहीं मिला समाधान
देवेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे को कई बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने उठाया गया, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम दोनों ही इस गंभीर समस्या को हल करने में असफल साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और सरकार केवल नए नियम और आदेश लागू करने में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
हजारों व्यापारिक प्रतिष्ठानों का काम प्रभावित
देवेन्द्र यादव ने बताया कि दिल्ली में होटल, रेस्टोरेंट, जिम, कैफे, डेयरी, अस्पताल, क्लीनिक, मेडिकल स्टोर, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और अन्य हजारों व्यापारिक प्रतिष्ठान ट्रेड लाइसेंस के नवीनीकरण का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पोर्टल पूरी तरह अपडेट नहीं होगा, तब तक इन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस का नवीनीकरण संभव नहीं है। इससे व्यापारियों के सामने कानूनी और आर्थिक दोनों तरह की समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
सीलिंग और जुर्माने का डर व्यापारियों को सता रहा
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ दिल्ली में लगातार सीलिंग अभियान चलाए जा रहे हैं और दूसरी तरफ लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया बाधित है। ऐसे में व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पाया तो व्यापारियों को प्रतिदिन जुर्माना भरना पड़ सकता है। साथ ही उनकी दुकानों के सील होने का खतरा भी बना हुआ है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल में व्यापारी पहले से ही आर्थिक मंदी, घटते कारोबार और बढ़ते खर्चों से परेशान हैं। अब पोर्टल की तकनीकी खामियों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
किराएदार दुकानदारों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
देवेन्द्र यादव ने विशेष रूप से उन व्यापारियों की चिंता जताई जो किराए की दुकानों में अपना कारोबार चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदर बाजार, करोल बाग, गांधी नगर, लाजपत नगर और दिल्ली के अन्य बड़े बाजारों में हजारों दुकानदार किराए पर दुकान लेकर व्यापार कर रहे हैं। यदि भवन मालिक ने संपत्ति कर जमा नहीं किया है तो किराएदार व्यापारी का ट्रेड लाइसेंस भी रुक सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उन व्यापारियों को नुकसान होगा जिनका संपत्ति कर जमा करने से कोई सीधा संबंध भी नहीं है।
30 जून के बाद खत्म हो सकती है संपत्ति कर में मिलने वाली छूट
देवेन्द्र यादव ने कहा कि यदि 30 जून तक पोर्टल अपडेट नहीं हुआ तो संपत्ति कर पर मिलने वाली 10 प्रतिशत की छूट भी समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली के लाखों संपत्ति मालिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार को इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ न झेलना पड़े।
हर साल 43 हजार से अधिक लाइसेंस होते हैं जारी
देवेन्द्र यादव ने बताया कि दिल्ली नगर निगम हर वर्ष 43 हजार से अधिक जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस जारी करता है। इनमें सामान्य दुकानें, किराना स्टोर, गोदाम, ज्वेलरी शोरूम, कार शोरूम, रिटेल आउटलेट, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोर और गैस भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठान शामिल होते हैं। इन सभी लाइसेंसों का हर वर्ष नवीनीकरण भी कराया जाता है। लेकिन इस बार पोर्टल की समस्या के कारण पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यापारी का लाइसेंस केवल तकनीकी कारणों से नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है तो इसके लिए व्यापारी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
जुर्माना माफ करने की मांग
देवेन्द्र यादव ने मांग की कि जब भी पोर्टल पूरी तरह अपडेट हो जाए और नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो, तब व्यापारियों से किसी प्रकार का विलंब शुल्क या जुर्माना नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारी पहले ही काफी समय से पोर्टल खुलने का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए देरी का पूरा दायित्व निगम और सरकार का है, व्यापारियों का नहीं।
भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार नए आदेश जारी कर रही है, लेकिन जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि दिल्ली के व्यापारी सीलिंग, सर्वे, मंदी और प्रशासनिक अव्यवस्था जैसी कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री और मेयर से तत्काल कार्रवाई की मांग
देवेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली की मेयर से अपील की कि वे इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और निगम के पोर्टल की सभी तकनीकी खामियों को दूर कराएं। उन्होंने कहा कि लाखों व्यापारियों को राहत देने के लिए जल्द से जल्द पोर्टल को अपडेट किया जाना चाहिए ताकि ट्रेड लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया सामान्य रूप से शुरू हो सके और व्यापारियों को जुर्माने तथा सीलिंग के डर से मुक्ति मिल सके।
व्यापारियों को राहत देने की जरूरत
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि व्यापारी परेशान रहेंगे तो इसका असर पूरे बाजार और रोजगार पर पड़ेगा। इसलिए सरकार को राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व्यापारियों के हितों की लड़ाई लड़ती रहेगी और जब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनकी आवाज उठाती रहेगी।