नई दिल्ली, 30 जनवरी, 2025 – उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस के सांसद ईमरान मसूद ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन मेंआयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में आगामी चुनावों के संदर्भ में अल्पसंख्यकों के लिए पार्टी की योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया। इस मौके परकांग्रेस के प्रवक्ता अभय दूबे, कम्युनिकेशन विभाग की ज्योति सिंह, मती रश्मि सिंह मिगलानी, मती आस्मा तस्लीम और डॉ. अरुण अग्रवाल भी मौजूदथे।
ईमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही देश के सभी नागरिकों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और उत्थान के लिए कटिबद्ध रही है। उन्होंनेबताया कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी हमेशा अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों, हितों और सुरक्षा के लिए देशभर में सड़क से संसद तक संघर्ष कररहे हैं।
कांग्रेस के अल्पसंख्यक योजनाएं
ईमरान मसूद ने दिल्ली में कांग्रेस सरकार बनने पर अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कई अहम योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारआने पर एससी/एसीटी/ओबीसी/अल्पसंख्यक और विकलांग वित्तीय एवं विकास निगम को मजबूत किया जाएगा, ताकि इन समुदायों के लोगव्यवसाय शुरू करने के लिए कम दरों पर कर्ज प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त, उर्दू, पंजाबी और भोजपुरी के शिक्षकों के खाली पदों को प्राथमिकतासे भरा जाएगा।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस पंजाब अकादमी को पुनर्जीवित करेगी और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पंजाबी चेयर की स्थापना के लिए वित्तीयसहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, गुरु तेग बहादुर के नाम पर एक विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा, जिसमें संग्रहालय और डिजीटल लाइब्रेरीका भी निर्माण किया जाएगा।
मदरसों का विकास और वक्फ बोर्ड
ईमरान मसूद ने कहा कि दिल्ली के मदरसों का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। साथ ही, वक्फ बोर्ड का गठन किया जाएगा ताकि इमामऔर मुअजिनों को मिलने वाले भत्तों का समयबद्ध निस्तारण किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस यूपीए सरकार के समय लागू किए गएसचर कमेटी के 15 सूत्री कार्यक्रम को विशेष प्राथमिकता से लागू करेगी।
कांग्रेस पार्टी का अल्पसंख्यकों के प्रति ऐतिहासिक योगदान
सांसद ईमरान मसूद ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से ही अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए काम किया है। उन्होंने 9 मार्च 2005 को यूपीएसरकार द्वारा मुस्लिम समुदाय के लिए गठित हाई लेवल सचर कमेटी का जिक्र किया, जिसकी 76 सिफारिशों में से 72 को तुरंत स्वीकार कर लियागया और 43 फैसले लिए गए। इन फैसलों के तहत 90 मुस्लिम बहुल जिलों को चिन्हित किया गया और 710 अल्पसंख्यक ब्लॉकों में इनसिफारिशों को लागू किया गया।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत शिक्षा, स्कॉलरशिप, और बैंकों तक मुस्लिम समुदाय की पहुंच को बेहतर किया गया। इसके अलावा, मुस्लिमबहुल इलाकों में आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज की संख्या बढ़ाई गई और 234,203 अतिरिक्त सीटें दी गईं।
भाजपा और आम आदमी पार्टी की आलोचना
ईमरान मसूद ने भाजपा और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ये पार्टियां चुनाव के वक्त अल्पसंख्यकों का ध्यान रखती हैं, लेकिनसत्ता में आने पर उनकी जरूरतों को नजरअंदाज कर देती हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी ने अल्पसंख्यकों की स्कॉलरशिप बंद करदी है, और पिछले 11 वर्षों में इन दोनों पार्टियों ने अल्पसंख्यक समुदाय की पूरी तरह अनदेखी की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने इमामों और मुअजिनों के वेतन को रोक दिया है, जबकि ये दोनों मुस्लिम और सिख अल्पसंख्यक समुदाय सेहैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को “बेनकाब” बताया और कहा कि भाजपा की सोच अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति नफरत की रही है, जिसे पूरा देशसमझ चुका है।