
भारत ने पुरुष और महिला दोनों टीम स्पर्धाओं में जीते स्वर्ण पदक, त्यागराज स्टेडियम में हुआ भव्य सम्मान समारोह
नई दिल्ली | 30 जुलाई, 2026
दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित 22वीं कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस
चैंपियनशिप 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने पुरुष और महिला दोनों टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद टीम मेडल सेरेमनी का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत और सम्मान किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कॉर्पोरेट कार्य तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि दिल्ली के शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस फेडरेशन (CTTF) के अध्यक्ष विवेक कोहली तथा टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की अध्यक्ष मेघना अहलावत सहित कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
हर्ष मल्होत्रा ने खेल भावना को बताया सबसे बड़ी जीत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने भारत और मलेशिया के बीच खेले गए मुकाबले की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेल का उद्देश्य केवल जीतना नहीं होता, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय और मलेशियाई दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन किया और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना दिखाई। यही खेलों की वास्तविक पहचान है और यही खेलों को विशेष बनाती है।
हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली सरकार और श्री आशीष सूद के प्रयासों की सराहना की
हर्ष मल्होत्रा ने इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद और दिल्ली सरकार की पूरी टीम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन का सफल संचालन यह साबित करता है कि दिल्ली विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारत की बढ़ती खेल क्षमता और बेहतर खेल अवसंरचना का भी प्रमाण हैं।
खेल देशों के बीच मित्रता और सहयोग बढ़ाने का सबसे अच्छा माध्यम – हर्ष मल्होत्रा
अपने संबोधन में हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों को देश के विकास और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि खेल केवल खिलाड़ियों को ही नहीं जोड़ते, बल्कि अलग-अलग देशों के लोगों के बीच विश्वास, सहयोग और मित्रता भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि 25 देशों के खिलाड़ियों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि खेल पूरी दुनिया को एक साथ जोड़ने की शक्ति रखते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय संबंधों को और मजबूत करेंगे।
आशीष सूद ने सभी देशों के खिलाड़ियों का किया स्वागत
दिल्ली के शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 25 कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों, अधिकारियों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं रही, बल्कि मित्रता, सम्मान, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का शानदार उत्सव भी बनी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के लिए यह गर्व की बात है कि उसे टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी करने का अवसर मिला।
आशीष सूद ने दिल्ली की मेहमाननवाज़ी की सराहना की
आशीष सूद ने कहा कि इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि दिल्ली विश्वस्तरीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों से आए खिलाड़ियों और अधिकारियों ने दिल्ली की बेहतरीन व्यवस्था, शानदार खेल सुविधाओं और यहां के लोगों के आत्मीय व्यवहार की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि यह भारत की “अतिथि देवो भवः” की परंपरा का सुंदर उदाहरण है और सभी खिलाड़ी अपने साथ भारत की अच्छी यादें लेकर जाएंगे।
टीम भावना ही असली जीत की पहचान – आशीष सूद
अपने संबोधन में आशीष सूद ने कहा कि टीम स्पर्धाएं खिलाड़ियों को एक-दूसरे पर विश्वास करना, मिलकर काम करना और सामूहिक लक्ष्य हासिल करना सिखाती हैं। उन्होंने कहा कि हर पदक केवल खिलाड़ियों की मेहनत का नहीं बल्कि उनके प्रशिक्षकों, सहयोगी स्टाफ और परिवारों के त्याग और समर्पण का भी सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि खेलों में टीम भावना सबसे बड़ी ताकत होती है और यही किसी भी टीम को सफलता दिलाती है।
‘खेल में कभी हार नहीं होती, केवल जीत होती है या सीख मिलती है’ – आशीष सूद
आशीष सूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि “खेल में कभी हार नहीं होती, केवल जीत होती है या सीख मिलती है।” उन्होंने कहा कि यही सोच खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, कठिन परिस्थितियों का सामना करने और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने देश के युवाओं से बड़े सपने देखने, अनुशासन बनाए रखने और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने का आह्वान किया।
भारत ने दोनों वर्गों में रचा इतिहास
27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित इस चैंपियनशिप में भारत ने पुरुष और महिला दोनों टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। मलेशिया दोनों वर्गों में रजत पदक विजेता रहा। पुरुष वर्ग में सिंगापुर और इंग्लैंड ने संयुक्त कांस्य पदक जीते, जबकि महिला वर्ग में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड संयुक्त कांस्य पदक विजेता बने।
राष्ट्रगान से गूंज उठा त्यागराज स्टेडियम
टीम मेडल सेरेमनी के दौरान जब भारतीय टीम को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, तब पूरे त्यागराज स्टेडियम में राष्ट्रगान गूंज उठा। यह पल सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों के लिए बेहद भावुक और गर्व का क्षण था। पूरे स्टेडियम में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच भारतीय खिलाड़ियों का सम्मान किया गया और सभी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्साहपूर्वक जश्न मनाया।