कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वंचित समाज के लिए अब लड़ाई केवल व्यवस्था में प्रतिनिधित्व की नहीं, बल्कि नियंत्रण की भी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दलितों, पिछड़ों और अन्य वंचित वर्गों को केवल सत्ता में हिस्सेदारी ही नहीं मिलनी चाहिए, बल्कि उन्हें धन-संपत्ति में भी समान अधिकार मिलना चाहिए। राहुल गांधी के अनुसार, यह संसाधन अभी कुछ चुनिंदा लोगों के नियंत्रण में हैं, जिनसेवंचित वर्ग को बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है।
‘वंचित समाज: दशा और दिशा’ कार्यक्रम में राहुल गांधी का संबोधन
राहुल गांधी ‘वंचित समाज: दशा और दिशा’ कार्यक्रम में दलित प्रभावकों से संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दलितों और पिछड़ों केउद्धार का पहला चरण अब पूरा हो चुका है। लेकिन अब इस व्यवस्था में उनके लिए नए अवसरों की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है, क्योंकि इसव्यवस्था पर भाजपा और आरएसएस का पूरा कब्जा है। गांधी ने कहा कि यह व्यवस्था अब वंचित वर्ग के लिए नहीं है, और इसे बदलने कीआवश्यकता है ताकि समान अवसर सभी को मिल सकें।
भाजपा-आरएसएस पर आरोप
राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग की 90 प्रतिशतआबादी है, लेकिन जब बात सबसे बड़ी कंपनियों और उद्योगों के मालिकों या मैनेजमेंट टीम की आती है, तो इन वर्गों के लोग कहीं नजर नहीं आते।गांधी ने कहा कि यह दिखाता है कि भाजपा-आरएसएस ने इन वर्गों के लिए कोई अवसर नहीं छोड़ा है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर भाजपा के दलितसांसदों का उल्लेख किया, जिनका कहना था कि उन्हें सिर्फ प्रतीकात्मक रूप से नियुक्त किया गया है और वे स्वतंत्र रूप से अपने विचार व्यक्त नहींकर सकते।
वंचित वर्गों को एकजुट होने की आवश्यकता
राहुल गांधी ने कहा कि अब लड़ाई केवल प्रतिनिधित्व की नहीं, बल्कि नियंत्रण की है। उनका मानना है कि वंचित वर्गों को अब तक इस समाज औरसत्ता में कोई नियंत्रण नहीं मिला है। उन्होंने दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के खिलाफ भाजपा-आरएसएस के हमलों का भीउल्लेख किया। राहुल गांधी ने जोर देते हुए कहा कि यदि ये वर्ग एकजुट हो जाएं, तो भाजपा-आरएसएस को हराया जा सकता है। उनका मानना थाकि कांग्रेस पार्टी उन वर्गों के लिए हमेशा लड़ती रही है और आगे भी ऐसा ही करेगी।
कांग्रेस के प्रति वंचित वर्ग का विश्वास
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी जी के समय वंचित वर्गों को कांग्रेस पर पूरा भरोसा था। वे जानते थे कि कांग्रेस उनके अधिकारों के लिएलड़ेगी और जरूरत पड़ने पर बलिदान भी देगी। कांग्रेस की परंपरा को याद करते हुए उन्होंने यह कहा कि पार्टी ने हमेशा वंचित वर्गों के उत्थान के लिएकाम किया है, और यह आगे भी जारी रहेगा।
भाजपा और केजरीवाल पर तीखा हमला
राहुल गांधी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि वे संविधान को बदलने की बात करते हैं और महात्मा गांधी की विचारधारा के खिलाफ काम कररहे हैं। गांधी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस ने हमेशा देश में नफरत फैलाने का काम किया है, जबकि महात्मा गांधी हमेशा भाईचारे और एकताके लिए लड़ते थे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं ने 2019 में यह तक कहा था कि अगर उन्हें 400 सीटें मिल गईं तो वे अंबेडकर के संविधानको बदल देंगे। इसके अलावा, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने यह भी कहा कि देश को असली आज़ादी नरेंद्र मोदी ने दी है, जो संविधान कीअवमानना है।
अरविंद केजरीवाल पर हमले
राहुल गांधी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहाकि केजरीवाल मोदी की तरह झूठे वादे करते हैं। राहुल ने केजरीवाल के पुराने वादों को याद दिलाया, जब वह छोटे कार में घूमने और बिजली के खंभोंपर चढ़ने का दावा करते थे। लेकिन आज वे शीश महल में रहते हैं, जो उनके द्वारा किए गए वादों का प्रमाण है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया किआम आदमी पार्टी ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है और शराब घोटाला किया है।
यमुना के पानी पर केजरीवाल को चुनौती
राहुल गांधी ने केजरीवाल को चुनौती दी कि वह यमुना के पानी को छोड़ दें और वह पानी पीकर दिखाएं जो उनकी सरकार दिल्ली के लोगों कोआपूर्ति कर रही है। यह एक सीधा हमला था, जहां राहुल ने केजरीवाल के दावों और उनकी सरकार की नाकामी को उजागर किया।
दिल्ली दंगों में केजरीवाल की अनुपस्थिति पर सवाल
राहुल गांधी ने दिल्ली दंगों के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में अल्पसंख्यकोंपर हमले हो रहे थे, तो केजरीवाल कहीं नजर नहीं आए, बल्कि कांग्रेस के नेता ही उस समय अल्पसंख्यकों के साथ खड़े थे। यह आरोप इस बात कोऔर स्पष्ट करता है कि आम आदमी पार्टी ने उस समय अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया था।
कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस का विकास मॉडल
राहुल गांधी ने कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए यह कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इन राज्यों में जनता से किए गए वादों को पूरी तरहसे निभाया है। यह दर्शाता है कि कांग्रेस वादे करती है और उन्हें पूरा भी करती है, जो जनता के विश्वास को बनाए रखता है।
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर भाजपा-आरएसएस पर आरोप
राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर भाजपा और आरएसएस को निशाने पर लिया और आरोप लगाया कि उन लोगों ने गांधी की हत्या की, जिनकी विचारधारा आज देश पर शासन कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस संविधान को नकारने और देश में नफरत फैलाने में लगीहुई है, जो देश के एकता और भाईचारे के खिलाफ है।
निवेदन: कांग्रेस के विकास और विश्वास की ओर
राहुल गांधी ने पार्टी उम्मीदवार देवेंद्र यादव को वोट देने और कांग्रेस की ओर से किए गए विकास कार्यों को याद दिलाते हुए जनता से सहयोग कीअपील की। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में दिल्ली की प्रगति को और बेहतर भविष्य की उम्मीदों के साथ सामने रखा।