Skip to main content

NEWS अब तक

समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा करते हुएकई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार ‘डबल ब्लंडर’ कर रही है। इस दौरानउन्होंने प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्थाओं में खामियां उजागर कीं, जिससे सनातन धर्म मानने वालों को गहरा दुख हुआ।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार यातायात व्यवस्था को ठीक से संभालने में नाकाम रही, जिसके कारण प्रयागराज में लोग 300 किलोमीटर लंबी जाम में फंस गए थे। उन्होंने कहा, “प्रयागराज में लोग परेशान हो रहे थे, यात्रा में कोई सुविधा नहीं दी जा रही थी, और यह स्थितिदुखद है। इससे सनातन धर्म मानने वालों को ठेस पहुंची है।” उन्होंने महाकुंभ के दौरान मची भगदड़ की भी आलोचना की और कहा कि सरकार ने इससंबंध में सही जानकारी नहीं दी।

केंद्रीय बजट पर अखिलेश का कटाक्ष
सपा अध्यक्ष ने केंद्रीय बजट की भी आलोचना करते हुए कहा कि इस बजट में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिखाईदेता। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में पेश किए गए बजटों का कोई ठोस परिणाम नहीं आया और भारतीय प्रवासियों की समस्याओं काहवाला देते हुए कटाक्ष किया, “क्या ये बजट इसलिए बनाए गए थे ताकि दुनिया देखे कि भारतीय लोग हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां बांधकरवापस भेजे गए?”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पिछली बार मोदी जी हीरा लेकर गए थे, इस बार सोने की जंजीर ले जाइएऔर कुछ और लोगों को वापस ले आइए।”

‘डबल इंजन’ सरकार पर तंज
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार ‘डबल ब्लंडर’ कर रही है। उन्होंने किसानों की आयदोगुना करने के वादे का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के पास इस वादे को पूरा करने का कोई रोडमैप नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य(MSP) की कानूनी गारंटी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और स्वामीनाथन की सलाह को नजरअंदाज किया गया। यादव ने यह भी कहा किकिसानों के कर्ज माफ किए जाने चाहिए और खेती के उत्पादों पर जीएसटी को हटाया जाना चाहिए।

नोटबंदी और अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी
अखिलेश यादव ने भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में भी चिंता जताई, विशेष रूप से रोजगार के अवसरों के अभाव पर। उन्होंने नोटबंदी के दौरान बैंकोंके बाहर लगी लंबी लाइनों का जिक्र करते हुए कहा, “नोटबंदी के समय बैंकों के सामने जो लाइनें लगी थीं, उनमें एक बच्चा पैदा हुआ था जिसकानाम ‘खजांची’ रखा गया था। अब वह बड़ा हो चुका है और मैं सरकार से कहूंगा कि वह इस खजांची को गोद ले लें।”

उन्होंने बजट में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जबदेश में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देना पड़ रहा है, तो क्या यही भारत के विकास की सच्ची तस्वीर है?”

उत्तर प्रदेश में निवेश के दावों पर सवाल
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में किए गए निवेश के दावों की आलोचना की और कहा कि राज्य सरकार की ओर से किए गए निवेश के दावे विज्ञापनोंतक ही सीमित हैं। जमीनी स्तर पर इन दावों का कोई ठोस असर नहीं दिखाई दे रहा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *