कांग्रेस नेता शशि थरूर के बीच जारी सियासी मतभेद एक कदम आगे निकल चुकी है. शशि थरुपर ने स्पष्ट कर दिया है. कि वह पार्टी के लिएउपलब्ध है अगर पार्टी को उनकी कोई जरूरत नहीं है तो उनके लिए विकल्प भी खुले हैं. उनके लिए अगले साल यानी 2026 में केरल विधानसभाचुनाव से पहले शशि थरूर का यह रुख सियासी हलचलों में चर्चा का विषय बना हुआ था. चार बार के सांसद शशि थरूर और कांग्रेस नेताओं के बीचसब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. राहुल गांधी से मुलाकात के बाद से शशि थरूर नाराज हैं. दरअसल शशि थरूर ने राहुल गांधी से पार्टी में अपनी भूमिकाके बारे में पूछा. मगर राहुल गांधी ने कोई भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया. केरल कांग्रेस भी शशि थरूर पर हमलावर है. मगर अब शशि थरुर ने अपनी बातखुले तौर पर रखना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी को मेरी जरूरत नहीं है तो मेरे पास विकल्प भी मौजूद है. शशि थरूर के इस बयान केबाद राजनीति में गरमा गर्मी बढ़ गई है. शशि थरूर ने हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार में लिखा था.
शशि थरुर ने की पिनाराई सरकार की तारीफ
शशि थरूर ने हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार में लिखा था.केरल की पिनाराई विजय सरकार की जिसमें उन्होनें जमकर तारीफ की थी पीएम मोदी कीफ्रांस और अमेरिका यात्रा की भी शशि थारुर काफी प्रशंसा कर चुके हैं .शशि थरूर की इसी बात से वह नाराज है शशि थारू ने कहा कि मैं पार्टी केलिए उपलब्ध हूं. अगर पार्टी को मेरी जरूरत नहीं है. तो मेरे पास बहुत विकल्प है शशि थरूर केरल के तिरुवंतपुरम लोकसभा सीट से सांसद हैं. उन्होंनेकहा कि तिरुवंतपुरम में पार्टी से अधिक मीडिया पर अपील का प्रभाव लोगों पर कांग्रेस के खिलाफ रहने वाले लोगों ने मुझे वोट दिया है. इससे साफहै कि लोगों को मेरी बात करने और व्यवहार करने का तरीका पसंद आया है.
शशि थरुर करते है विपक्षी पार्टियों की भी तारीफ
शशि थारुर ने कहा कि केरल में कांग्रेस को अपने मतदाता से हटकर अन्य लोगों को भी अपने तरफ खींचने की जरूरत है मुझे व्यक्तिगत रूप से मिलासमर्थन इसका उदाहरण है. शशि थारूर ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस लगातार विधानसभा चुनाव में हार रही है. अगर कांग्रेसअन्य लोगों तक नहीं पहुंच बनाई तो केरल में लगातार तीसरी बार विपक्ष में बैठना पड़ेगा. 2024 में विधानसभा चुनाव होने को है पीएम मोदी औरकेरल सरकार की तारीफ की. शशि थरूर ने अपनी खुलकर बात रखी जब भी केरल और देश की बात आती है. तो मैं हमेशा निडरता से अपने विचाररखता हूं. मैंनें कभी संकीर्ण राजनीति नहीं. कि मैं एक नेता की तरह नहीं सोचता हूं. यही वजह है कि मैं कभी-कभी विपक्षी पार्टी और सरकार की भीअच्छी पहल की तारीफ करता हूं.