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पंजाब सरकार ने अवैध अप्रवासन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अमृतसर प्रशासन ने 40 ट्रैवल एजेंट्स के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं, जो अवैधप्रवास में संलिप्त पाए गए थे।

अमेरिका से निर्वासित भारतीय नागरिक
हाल ही में, पनामा से 12 भारतीय नागरिकों को विशेष विमान के जरिए नई दिल्ली लाया गया। यह पहला जत्था था, जो अमेरिका में अवैध रूप सेप्रवेश करने की कोशिश में पकड़ा गया था। इससे पहले, अमेरिका ने 332 भारतीयों को निर्वासित किया था।

अमेरिका-पनामा समझौता
अमेरिका और पनामा के बीच हुए एक समझौते के तहत, पनामा अब निर्वासितों के लिए एक ट्रांजिट पॉइंट के रूप में कार्य करेगा। अमेरिका इनकीवापसी का पूरा खर्च वहन करेगा। इस समझौते के तहत, बीते सप्ताह 299 भारतीयों को पनामा भेजा गया था।

अवैध अप्रवासन में वृद्धि
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रवासन नीति में सख्ती के बाद अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों की वापसी बढ़ गई है। विशेषज्ञों केअनुसार, लाखों भारतीय अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं और भविष्य में यह निर्वासन अभियान जारी रह सकता है।

अमेरिकी जेलों में कैद भारतीय नागरिक
‘सिख सेंटर ऑफ सिएटल’ के पूर्व चेयरमैन हरजिंदर सिंह संधा के अनुसार, टैकोमा जेल में कई भारतीय नागरिक बिना वैध दस्तावेजों के कैद हैं। इनमेंसे कई आईटी कंपनियों में काम करने या व्यापार के उद्देश्य से अमेरिका गए थे, लेकिन वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद अवैध अप्रवासी बन गए।

अवैध अप्रवासियों का भविष्य
‘सेवन आइ’ नामक एक एजेंसी ने अमेरिका सरकार को एक सूची सौंपी है, जिसमें बताया गया है कि अगले चार वर्षों में कई भारतीयों को निर्वासितकिया जाएगा। कुछ प्रवासी स्वेच्छा से भी अमेरिका छोड़ रहे हैं।

विदेश शिक्षा और आर्थिक प्रभाव
पंजाब यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ डॉ. रौणकी राम के अनुसार, 1950 से 1980 के बीच गिने-चुने लोग ही विदेश शिक्षा के लिए जाते थे, लेकिन अबप्रवासन का बढ़ता चलन आर्थिक संकट को जन्म दे रहा है। वर्ष 2017-18 में करीब 27 हजार करोड़ रुपये कनाडा भेजे गए और सवा लाख भारतीयछात्र वहां पढ़ने गए। हालांकि, कई छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार नहीं मिल रहा है, जिससे यह प्रवासन जोखिमभरा साबित हो रहा है।

ट्रैवल एजेंट्स और आइलेट्स सेंटरों पर नियंत्रण जरूरी
केरल के इंटरनेशनल माइग्रेशन सेंटर के चेयरमैन प्रो. एसआई राजन ने बताया कि ट्रैवल एजेंट्स और आइलेट्स सेंटर विदेश जाने के इच्छुक युवाओं कोगुमराह कर रहे हैं। पंजाब में बिना कड़ी निगरानी के एजेंट्स को लाइसेंस दिए जा रहे हैं, जबकि केरल में हर साल ट्रैवल एजेंट्स का ऑडिट किया जाताहै और विदेश गए लोगों की सूची बनाई जाती है।
नीति में सुधार की आवश्यकता
प्रो. राजन के अनुसार, पंजाब सरकार को केरल की तर्ज पर माइग्रेशन पॉलिसी तैयार करनी चाहिए। इसमें ट्रैवल एजेंट्स की सख्त निगरानी, कौशलप्रशिक्षण और रोजगार के लिए विशेष फंड का प्रावधान किया जाना चाहिए। इसके अलावा, स्कूल और कॉलेज स्तर पर ही आइलेट्स की शिक्षा कीव्यवस्था होनी चाहिए, ताकि छात्र वैध रूप से विदेश जा सकें।

यह कदम न केवल अवैध प्रवासन को रोकने में सहायक होगा, बल्कि युवाओं को सही दिशा देने में भी मदद करेगा।

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