ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2025 की शुरुआत आज हो गई, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक विकास की गतिकी सराहना की और राज्य सरकार को बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, उद्योगपतियों और निवेशकों का आभारव्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति से भोपाल वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश की विकास गाथा को देश ही नहीं, बल्कि यूके, जर्मनी और जापान जैसे देशों में भी प्रस्तुत किया गया है। सरकार नेउद्योगपतियों से संवाद कर निवेश प्रोत्साहन के लिए एक सुव्यवस्थित रोडमैप तैयार किया है।
निवेश के लिए नई नीतियां
राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए 18 नई नीतियां बनाई हैं, जिनका लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा किया गया। सिंगल विंडो सिस्टम कोअधिक प्रभावी बनाने और प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए ‘जनविश्वास अधिनियम’ पारित किया गया है। साथ ही, सरकार ने 2025 को “उद्योगएवं रोजगार वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
औद्योगिक विकास के लिए मजबूत इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक चार मूलभूत आवश्यकताओं – भूमि, जल, बिजली और कुशल श्रमबल – पर जोर दिया। उन्होंनेबताया कि मध्य प्रदेश में पर्याप्त भूमि बैंक, जल संसाधन, सरप्लस बिजली और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश औद्योगिक निवेश केलिए अनुकूल बन रहा है।
प्रमुख औद्योगिक परियोजनाएं
राज्य में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं को गति दी जा रही है, जिनमें मेगा फुटवियर क्लस्टर (मुरैना), नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण (मोहासाबाबई), पीएम मित्र पार्क (धार) जैसी पहल शामिल हैं। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क की सफलता के कारण इसके विस्तार की योजना भी बनाईजा रही है।
औद्योगिक पार्क और पर्यटन क्षेत्र में विकास
मध्य प्रदेश में 13 नए औद्योगिक पार्क बनकर तैयार हो रहे हैं और 20 नए औद्योगिक पार्कों की आधारशिला रखी जाएगी। इसके अलावा, 6 औद्योगिक विकास क्षेत्रों को विकसित करने की भी योजना है। पर्यटन क्षेत्र में भी राज्य सरकार संभावनाओं का विस्तार कर रही है, जिसमें महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, ओरछा, दतिया, भोजपुर, भीमबेटका और वन्य जीव अभयारण्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
समग्र विकास के लिए चार प्रमुख मिशन
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चार प्रमुख मिशन शुरू किए हैं। विभिन्न विभागोंके बीच समन्वय स्थापित कर नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, जिससे प्रदेश सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ सके।