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दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद सोमवार को विधानसभा सत्र की शुरुआत हुई। पहले ही दिन सदन में विपक्ष और सत्तारूढ़ पार्टी के बीच तीखीनोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष की नेता आतिशी को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने चेतावनी दी, जिससे सत्र की शुरुआत ही गरमागरम बहसके साथ हुई।

अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीर हटाने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने विधानसभा में स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बधाई देने के साथ ही यह सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से डॉ. भीमरावअंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें हटा दी गई हैं। उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की “दलित और सिख विरोधी मानसिकता” करारदिया। उनके इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया।
विपक्ष के हंगामे पर स्पीकर की सख्त प्रतिक्रिया
सदन में हंगामे के बीच स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को बोलने का मौका दिया, लेकिन आप विधायकों ने लगातार विरोध जारीरखा। विधानसभा के बाहर भी आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया।

बीजेपी पर अहंकार का आरोप
मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाने केलिए अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटा दीं। उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी को लगता है कि पीएम मोदी, अंबेडकर और भगत सिंह से बड़ेहैं? उन्होंने इसे बीजेपी का “दलित और सिख विरोधी रवैया” बताया।

बीजेपी का पलटवार
इस आरोप पर बीजेपी के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने पिछले दस वर्षों में दिल्ली केविकास के लिए कुछ नहीं किया और अब सदन की पवित्रता भंग कर रही है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे दिल्ली के विकास में सहयोग करें औररचनात्मक सुझाव दें।

बीजेपी विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी तस्वीर नहीं हटाई गई है। उन्होंने AAP नेताओं को “झूठाप्रचार करने” का दोषी ठहराया।

विजेंद्र गुप्ता को विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया

रोहिणी से विधायक विजेंद्र गुप्ता को दिल्ली विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया। उनके नाम के लिए दो प्रस्ताव पेश किए गए—एक मुख्यमंत्री रेखागुप्ता और दूसरा कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्राज की ओर से। इन प्रस्तावों का समर्थन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और प्रवेश वर्मा ने किया और ध्वनिमत सेपारित कर दिया गया। चुनाव ‘प्रोटेम स्पीकर’ अरविंदर सिंह लवली ने संपन्न कराया।

चुनाव के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी विजेंद्र गुप्ता को उनके आसन तक लेकर गए, जिससे यह संदेश देने की कोशिश कीगई कि भले ही मतभेद हों, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाएगा।

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