आम आदमी पार्टी (AAP) ने लुधियाना वेस्ट विधानसभा उपचुनाव के लिए राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार घोषित किया है। इसफैसले के बाद विपक्षी दलों ने कयास लगाना शुरू कर दिया कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल या वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को राज्यसभा भेजनेकी योजना के तहत यह कदम उठाया गया है। हालांकि, AAP ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
पार्टी प्रवक्ता नील गर्ग ने स्पष्ट किया कि संजीव अरोड़ा की उम्मीदवारी केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “यह फैसला अरोड़ा कीलोकप्रियता और लुधियाना वेस्ट में पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। विपक्षी दल बेवजह अफवाहें फैला रहे हैं।”
उपचुनाव की स्थिति और पृष्ठभूमि
लुधियाना वेस्ट विधानसभा सीट AAP विधायक गुरप्रीत बासी गोगी के निधन के बाद खाली हुई है। चुनाव आयोग ने अभी तक उपचुनाव की तारीखघोषित नहीं की है।
गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में गुरप्रीत बासी गोगी ने कांग्रेस के दो बार के विधायक भारत भूषण आशु को हराया था। उनकीअसमयिक मृत्यु के बाद यह सीट खाली हो गई, जिससे उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी।
संजीव अरोड़ा पर लगे आरोप और उनकी प्रतिक्रिया
अक्टूबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने संजीव अरोड़ा के लुधियाना स्थित आवास पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक भूमि धोखाधड़ी मामले में छापामारा था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अरोड़ा ने कहा था कि वह कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोगकरेंगे।
संजीव अरोड़ा की प्रतिक्रिया
लुधियाना के उद्योगपति और AAP के राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा ने अपनी उम्मीदवारी पर खुशी जताते हुए ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “AAP नेतृत्व द्वारा मुझ पर भरोसा जताने के लिए मैं आभारी हूं। मैं अपने गृहनगर से गहराई से जुड़ा हुआ हूं और पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ जनताकी सेवा करूंगा।”
AAP के राज्यसभा सांसदों की स्थिति
AAP के राज्यसभा सांसदों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, बलबीर सिंह सीचेवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और संजीवअरोड़ा शामिल हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल की हार के बाद, पंजाब से सभी छह AAP राज्यसभा सांसदों ने अपनी सीटेंकेजरीवाल को प्रस्तावित की थीं। हालांकि, उन्होंने यह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था।
AAP ने अटकलों को किया खारिज
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि संजीव अरोड़ा की उम्मीदवारी केवल लुधियाना वेस्ट उपचुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए है। इसे लेकर विपक्षद्वारा फैलाई जा रही अन्य अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है।