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चुनावी रणनीतिकार से नेता बने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। पश्चिमचंपारण में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) केसाथ लड़ेंगे, लेकिन नतीजों के बाद वे फिर से गठबंधन बदल सकते हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार भले ही एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने की कोशिश करें, लेकिन जनता अब उन्हें पांचवीं बार मौका नहीं देगी।उन्होंने कहा, “कोई भी मुख्यमंत्री बन सकता है, लेकिन नीतीश कुमार नहीं। आप लिखकर रख लीजिए, अगर मेरा यह दावा गलत निकला, तो मैंअपनी राजनीतिक यात्रा वहीं खत्म कर दूंगा।”

बीजेपी क्यों नहीं कर रही नीतीश को सीएम उम्मीदवार घोषित?
बीजेपी द्वारा नीतीश कुमार को एनडीए का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित न करने की अटकलों पर किशोर ने कहा कि बीजेपी उनकी गिरती लोकप्रियता केकारण उन्हें आगे नहीं कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा, “अगर हिम्मत है तो घोषणा करें किनीतीश पूरे 5 साल के लिए मुख्यमंत्री रहेंगे।” उनका दावा है कि अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी के लिए सीटें जीतना मुश्किल हो जाएगा।

जेडीयू की हालत बेहद खराब रहेगी
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि इस बार जेडीयू की स्थिति बेहद खराब रहेगी और पार्टी को बहुत कम सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि अगर नतीजेनीतीश के खिलाफ आए, तो वे फिर से गठबंधन बदलने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन इस बार उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका नहीं मिलेगा।

नीतीश कुमार की सेहत और मानसिक स्थिति पर सवाल
प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “नीतीश कुमार शारीरिक रूप से थक चुके हैंऔर मानसिक रूप से रिटायर हो चुके हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के दिवंगत नेता सुशील मोदी पहले ही कह चुके थे कि नीतीशमानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं। किशोर ने चुनौती देते हुए कहा कि “बिना कागज देखे नीतीश अपने मंत्रियों या जिन जिलों में दौरा कर रहे हैं, उनकेनाम बता दें, तो मैं मान लूंगा कि वे फिट हैं।”


पीएम मोदी के पैर छूने पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा, “अगर मोदी जी के लिए इतनी श्रद्धा थी तोनिजी तौर पर पैर छू सकते थे। सार्वजनिक रूप से ऐसा करना सिर्फ कुर्सी बचाने के लिए चापलूसी है।” उन्होंने सवाल किया कि अगर नीतीश कुमारकी बीजेपी में इतनी पकड़ है, तो वे बिहार की बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करवाने की मांग क्यों नहीं करते?
बीजेपी और कांग्रेस दोनों को घेरा
प्रशांत किशोर ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “बिहार को दशकों से लालू प्रसाद और नीतीश कुमार ने राजनीतिकदलदल में फंसा रखा है, और बीजेपी-कांग्रेस भी इसके लिए जिम्मेदार हैं।” किशोर ने आरोप लगाया कि बीजेपी और कांग्रेस ने लालू प्रसाद को सत्तामें बनाए रखने में भूमिका निभाई है।


बिहार में शराबबंदी पर बीजेपी की दोहरी नीति
प्रशांत किशोर ने बिहार में शराबबंदी नीति को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बीजेपी बिहार में शराबबंदी का समर्थन करती है, लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ से ऐसा करने को क्यों नहीं कहती?” उन्होंने कहा कि “बिहार में सिर्फ मुफ्त राशन और शराबबंदी से विकासनहीं होगा।” अन्य राज्यों में उद्योगों और निवेश की बात होती है, लेकिन बिहार में सिर्फ दिखावे की योजनाएं चलाई जाती हैं।


बिहार की राजनीति में नए समीकरण
प्रशांत किशोर के इन बयानों से बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी पार्टी जन सुराज बिहार को इसराजनीतिक दलदल से निकालने के लिए चुनाव लड़ेगी। उनका दावा है कि जनता अब पारंपरिक पार्टियों से निराश हो चुकी है और बदलाव चाहती है।

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