अमित शाह की स्टालिन के हिंदी विरोध को सिर्फ राजनीतिक हथकंडा होने का संकेत देते हुए मातृभाषा में मेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई को हरीझंडी देने के बावजूद स्टालिन ने तमिलनाडु के इसके लिए प्रयास नहीं किया है. उन्होंने स्टालिन को जल्द से जल्द मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाईतमिल शामिल भाषा में शामिल शुरू करने की चुनौती देती है. 5 दशक से अधिक पुराने हिंदी विरोध को तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनाव मेंमुद्दा बनाने की कोशिश में जुटे मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को केंद्रिय ग्रह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आईना दिखाया है. अमित शाह ने स्टालिनके हिंदी विरोध को सिर्फ राजनीतिक हथकंडा होने का संकेत देते हुए कहा की मातृभाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई को हरी झंडी देने केबादजूद स्टालिन ने तमिलनाडु में इसके लिए कोई प्रयास नहीं किया है. उन्होंने स्टालिन को जल्द से जल्द मेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई तमिल भाषामें शुरू करने की चुनौती थी. चेन्नई में सीआईएसएफ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में अमित शाह ने स्टालिन की दक्षिण भारत और उत्तर भारत के बीचमें विभेद करने की कोशिशें का पर्दाफाश करते हुए साफ किया कि तमिल भाषा, संस्कृति और परंपराओं भारतीय संस्कृति का अनमोल गहना है. औरपूरा देश इसे स्वीकार करता है.
भारतीय संस्कृति को हर क्षेत्र में मजबूत
अमित शाह ने कहा कि तमिलनाडु ने भारतीय संस्कृति को हर क्षेत्र में मजबूत किया है. फिर चाहे प्रशासनिक सुधार हो या आध्यात्मिक ऊंचाई हासिलकरना शिक्षा हो या देश की एकता अखंडता हो उन्होंने कहा कि मोदी सरकार तमिल सहित सभी भाषाओं को सुरक्षित और विकसित करने के साथ उन्हेंरोजगार का जरिया भी बनाने के लिए कोशिश कर रही है. तमिल में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने से मातृभाषा के रूप में तमिल सिर्फमजबूती होगी. बल्कि तमिल माध्यम से शिक्षित होने वाले छात्रों को करियर में आगे बढ़ने का अवसर भी मिलेगा. तमिल सहित सभी भारतीय भाषाओंको सुरक्षित करने के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए अमित शाह ने कहा कि केंद्रीय अर्धसैनिक की भर्ती परीक्षाओं को संविधान केआठवीं अनुसूची में शामिल सभी भारतीय भाषाओं में शामिल करने का भी फैसला किया गया है. अब सिर्फ तमिल जानने वाले युवा भी केंद्रीयअर्धसैनिक बलों की भर्तीपरीक्षाओं में भाग लिख सकते हैं. और अब वह नौकरी पा सकते हैं. जबकि पहले यह भर्ती परीक्षा सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी मेंहोती थी. और तमिल जाने वाले युवा इसमें हिस्सा नहीं ले पाते थे.