मणिपुर में करीब दो साल से जारी तनाव के बीच शनिवार को फ्री मूवमेंट की शुरुआत हुई, लेकिन पहले ही दिन हिंसा की खबरें सामने आईं। इंफालसे सेनापति जा रहे वाहनों के काफिले को कुकी बहुल इलाके में रोक दिया गया। सुरक्षा बलों को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोलेदागकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करना पड़ा, जिससे रास्ता साफ हो सका।
लगातार दो साल से जारी संघर्ष, हजारों लोग बेघर
मणिपुर में 2023 से जातीय संघर्ष जारी है, जिसमें अब तक 250 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं।राज्य में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के कारण आवागमन बाधित हो गया था। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों केबाद फ्री मूवमेंट लागू किया गया।
दो प्रमुख रूटों पर फिर शुरू हुआ आवागमन
शनिवार को सुरक्षा बलों की निगरानी में इंफाल से सेनापति होते हुए कांगपोकपी जिले और इंफाल से चुराचांदपुर होते हुए विष्णुपुर तक बस सेवाएंशुरू की गईं। हालांकि, चुराचांदपुर में अभी भी बफर जोन लागू रहेगा, लेकिन कुकी और मैतेई इलाकों के बीच लोगों की आवाजाही शुरू कर दी गईहै।
कुकी बहुल इलाके में काफिले को रोका गया
फ्री मूवमेंट के तहत इंफाल से सेनापति के लिए आम नागरिकों और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु काफिला भेजा गया, जिसे कुकी बहुल क्षेत्र मेंरोक दिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
लोगों में भरोसा जगाने की कोशिश
सरकार की मंशा है कि दोनों समुदायों के बीच विश्वास बहाल किया जाए और आवागमन फिर से सुचारू रूप से शुरू हो। लंबे समय से वेली क्षेत्र केलोग पहाड़ी इलाकों में जाने से बचते रहे हैं, लेकिन प्रशासन की पहल से धीरे-धीरे यह स्थिति बदलने की कोशिश की जा रही है।
यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर सुविधा भी उपलब्ध
प्रशासन ने दो प्रमुख मार्गों को खोलने के साथ ही हेलिकॉप्टर सुविधा भी शुरू की है, ताकि पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले लोगों को सुगम यात्रा काविकल्प मिल सके। साथ ही, निर्माण कार्यों के लिए सामग्री भी भेजी जा रही है।
पिछले प्रयास हुए थे विफल
दिसंबर 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इंफाल से कांगपोकपी और चुराचांदपुर के लिए सार्वजनिक बस सेवा शुरू करने का प्रयास कियाथा, लेकिन यात्रियों की अनुपस्थिति के कारण यह सफल नहीं हो सका था।
समुदायों के बीच टूटे विश्वास को फिर जोड़ने की कोशिश
मई 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष के कारण मैतेई और कुकी समुदायों के बीच गहरा अविश्वास पैदा हो गया था। इस दौरान मैतेई समुदाय के लोगकुकी बहुल पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन कर गए थे, वहीं कुकी समुदाय ने मैतेई बहुल इलाकों को छोड़ दिया था। अब सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासोंसे इन समुदायों के बीच फिर से भरोसा बहाल करने की कोशिश की जा रही है।