महाराष्ट्र की लाडकी बहन योजना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नेडिप्टी सीएम अजित पवार और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ मीडिया से बातचीत की। फडणवीस ने कहा कि सरकार ने लाडकी बहन योजना केलिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया है और यदि आवश्यकता पड़ी तो अतिरिक्त राशि भी आवंटित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बहनों कोहर महीने 2100 रुपये देने का वादा जरूर पूरा किया जाएगा।
विपक्ष का सवाल: वादे पर खामोशी क्यों?
एनसीपी-एसपी विधायक रोहित पवार ने बजट को दिशाहीन करार देते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान 2100 रुपयेदेने का वादा किया गया था, लेकिन अब 1500 रुपये भी समय पर नहीं मिल रहे हैं। पवार ने आरोप लगाया कि सरकार सत्ता में आने के बाद वादों कोभूल गई है। उन्होंने कहा कि बजट में 2100 रुपये की योजना पर कोई स्पष्टता नहीं दी गई, जिससे जनता में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
पुराने वादे अधूरे, नई घोषणाएं जारी
रोहित पवार ने सरकार पर पुरानी योजनाओं को अधूरा छोड़ने और नई घोषणाएं करने का आरोप लगाया। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के समुद्रीस्मारक का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन किया था और 9 करोड़ रुपये खर्च भी हो गए, लेकिन अभी तक कोई कामनहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।
उद्धव ठाकरे का बयान: झूठे वादों का बजट
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुंबई की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। उन्होंने सरकार केवादों को “जुमला” करार देते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार के बजट में आम जनता के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के सभीवादे झूठे साबित हो रहे हैं।
विपक्ष की मांग: योजनाओं पर स्पष्टता और पारदर्शिता
विपक्ष ने मांग की है कि सरकार लाडकी बहन योजना समेत सभी योजनाओं पर स्पष्ट जानकारी दे और जनता से किए गए वादों को पूरा करे। विपक्षका कहना है कि बजट में आम लोगों, किसानों, महिलाओं, छात्रों और युवाओं के लिए ठोस योजनाएं नहीं हैं। सरकार को वादों की बजाय धरातल परकाम करके दिखाना चाहिए।