Delhi News: दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क तेजी से नहीं बढ़ने को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी जानकारी दी उन्होनें राज्यसभा में दिल्लीकी पूर्ववर्ती सरकार पर मेट्रो संपर्क बढ़ाने के लिए अपेक्षित सहयोग न करने का आरोप लगाया. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली की पूर्ववर्तीसरकार पर मेट्रो संपर्क बढ़ाने में सहयोग न करने का आरोप लगाया उन्होंने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद भी स्थितिनहीं बदली. हरदीप पुरी ने कहा कि दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए परिवहन नेटवर्क का विस्तार बहुत जरूरी है. लेकिन पिछली सरकार ने सहयोगनहीं किया इससे मेट्रो संपर्क सीमित रहा और लोगों को परेशानी हुई अब नई सरकार से उम्मीद है कि हालात सुधरेंगे. हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा मेंप्रश्नकाल के दौरान यह बात कही. आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल ने मेट्रो संपर्क के बारे में सवाल पूछा था उसमें स्वाती मालीवाल नेकहा कि मेट्रो संपर्क कम होने से लोगों को बहुत दिक्कत होती है. ट्रेनों में भीड़ बहुत ज्यादा रहती है लेकिन उन्होंने पूछा कि क्या दिल्ली सरकार ने मेट्रोसंपर्क बढ़ाने का कोई प्रस्ताव दिया है. पुरी ने जवाब दिया कि पिछली सरकार ने उन्हें कोई प्रस्ताव नहीं मिला.
हरदीप ने किया आवासन मंत्री के रुप में 7 साल तक काम
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह बताया कि उन्होंने 7 साल तक शहरी मामलों और आवासन मंत्री के रूप में काम किया. इस दौरान वे दिल्ली मेट्रो का विस्तारकरना चाहते थे. लेकिन पिछली सरकार ने सहयोग नहीं किया. उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में परिवहन नेटवर्क के विस्तार के लिए वहां की सरकारसे सहयोग जरूरी है. लेकिन दिल्ली की तत्कालिक सरकार से बार-बार अनुरोध करने पर भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिला. हरदीप सिंह पुरी ने सुप्रीमकोर्ट के दखल का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सरकार को RRTPS के लिए फंड देने का निर्देश दिया था. लेकिन सरकारने इस पर ध्यान नहीं दिया प्रदीप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए पूर्ववर्ती दिल्ली सरकार को निर्देश दिया. कि वह रीजनल रैपिड ट्रांजिटसिस्टम के कोष पर ध्यान दें. फंड उपलब्ध कारए न कि विज्ञापनों पर ध्यान दें. लेकिन तब की दिल्ली सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाए. उन्होंने हरियाणा सरकार का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के सहयोग से गुरुग्राम में 28.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन को मंजूरीमिली. लेकिन दिल्ली की पिछली सरकार ने NCRCT कॉरिडोर प्रोजेक्ट को 3 साल तक होकर रखा है. कॉरिडोर गुरुग्राम को दिल्ली से जोड़ता है पूरीने उम्मीद जाताई है कि दिल्ली की नई सरकार मेट्रो संपर्क बढ़ाने में सहयोग करेगी.