भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फंसे अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर की धरतीपर वापसी की तारीख तय हो गई है.अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया है कि ये दोनों और दो अन्य अंतरिक्ष यात्री मंगलवार शाम को धरती परवापस लौटेंगे. नासा ने बताया कि सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर और एक अन्य अमेरिकी अंतरिक्षयात्री निक हेग और एक रूसी अंतरिक्षयात्रीएलेक्जेंडर गोरबुनोव स्पेसएक्स के ड्रैगन क्राफ्ट यान से फ्लोरिडा के तट पर मंगलवार शाम करीब छह बजे धरती पर उतर सकते हैं. पहले इनके बुधवारको धरती पर लौटने की उम्मीद थी.स्पेसएक्स का ड्रैगन क्राफ्ट यान रविवार को चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंचा था. सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बीते करीब नौ महीने से अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन पर फंसे हैं. दोनों बीते साल जून में बोइंग के स्टारलाइनर यान सेअंतरिक्ष पहुंचे थे लेकिन स्टारलाइनर यान में तकनीकी खराबी के चलते दोनों वापस नहीं आ सके.एनडीटीवी ने नासा के सेवानिवृत्त अंतरिक्ष यात्री कैडीकोलमैन के हवाले से बताया कि अंतरिक्ष यात्रियों के लिए कोई विशेष ओवरटाइम वेतन नहीं है. ऐसे में अंतरिक्ष यात्री संघीय कर्मचारी है इस स्थिति मेंअंतरिक्ष में उनके समय को पृथ्वी पर किसी भी नियमित कार्य यात्रा की तरह ही माना जाता है.
नौ महीनों से फंसी सुनीत विलियम्स और उनके साथी
अंतरिक्ष में नौ महीनों से फंसी सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर प्रत्येक को को संभवतः अतिरिक्त मुआवज़े के रूप में सिर्फ़ 1,148 डॉलर (लगभग 1 लाख रुपये) मिलेंगे. हालांकि ये केवल अनुमान है बता दें कि नासा ने हाल के एक बयान में कहा कि तकनीकी रूप से अंतरिक्ष यात्री फंसे नहीं हैं नासाका तर्क है कि वे आई.एस.एस. पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं.नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को जीएस-15 वेतन ग्रेडके अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है. इसके अनुसार सामान्य अनुसूची (जीएस) प्रणाली के तहत संघीय कर्मचारियों के लिए उच्चतम स्तर है.तीसरी बारसुनीता विलियम्स 5 जून, 2024 को आठ दिन के लिए अंतरिक्ष में गई थीं लेकिन बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में खराबी की वजह से वह वापसनहीं आ पाईं. वो बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की पहली टेस्ट फ्लाइट भी थी इसके बाद से वह नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसी हुई हैं. अब क्रू-10 मिशन के स्पेस स्टेशन पर पहुंचने के बाद उनके वापस आने का रास्ता साफ हो गया है इस बार वह अपने साथ भगवान गणेश की मूर्ति लेकर गई हैं.
भगवान गणेश को मानती है अपना आराध्य
अंतरिक्ष में जाने से पहले उन्होंने कहा था कि भगवान गणेश को अपने लिए लकी मानती है इसलिए भगवान गणेश की मूर्ति लेकर जाएंगी. अंतरराष्ट्रीयअंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पिछले 9 महीने से फंसी भारतीय अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके अमेरिकी साथी बुच विल्मोर के इंतजार कीघड़ियां अब खत्म होने वाली है. वे दोनों मंगलवार शाम को धरती पर लौट आएंगे. नासा ने रविवार शाम को कहा कि इन अंतरिक्ष यात्रियों की वापसीमंगलवार को फ्लोरिडा तट पर समुद्र में उतरने का समय शाम 5:57 बजे (भारतीय समयानुसार 19 मार्च की सुबह 3:30 बजे) होगी. इससे पहले यहवापसी बुधवार से पहले होने की उम्मीद नहीं जताई जा रही थी.बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स एक अन्य अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और एक रूसीकॉस्मोनॉट के साथ स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन यान से वापस आएंगे जो रविवार सुबह ISS पर पहुंचा था. विल्मोर और विलियम्स जून 2023 से आईएसएसपर हैं. वे बोइंग स्टारलाइनर यान के पहले मानवयुक्त परीक्षण उड़ान में गए थे लेकिन उसमें तकनीकी खराबी आ गई जिससे वह सुरक्षित वापसी केलिए ठीक नहीं रहा.