दिल्ली से शिमला जा रही एलायंस एयर की फ्लाइट संख्या 9I821 में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब विमान के ब्रेक में तकनीकीखराबी का सामना करना पड़ा। विमान में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, डीजीपी डॉ. अतुल वर्मा समेत कुल 44 यात्री सवार थे।शिमला एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, सभी यात्री सुरक्षित हैं और विमान को निरीक्षण के लिए उतार दिया गया है।
लैंडिंग के दौरान आई समस्या
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने घटना के बारे में बताया कि जब विमान उतरने वाला था, तो वह उस निर्धारित स्थान पर नहीं उतराजहां उसे उतरना चाहिए था। विमान रनवे के अंतिम छोर तक पहुंच गया और आपातकालीन ब्रेक का उपयोग करना पड़ा। उन्होंने कहा कि रनवे समाप्तहोने से पहले ही विमान को घुमाया गया और सुरक्षित रूप से रोका गया। यात्रियों को विमान में लगभग 20-25 मिनट तक रुकना पड़ा।
पायलट की सूझबूझ से टली दुर्घटना
रिपोर्ट के अनुसार, पायलट ने तकनीकी खराबी के कारण विमान की गति धीमी न हो पाने की स्थिति में तुरंत आपातकालीन ब्रेक लगाए। इस त्वरितप्रतिक्रिया ने संभावित दुर्घटना को टाल दिया। एहतियात के तौर पर धर्मशाला के लिए निर्धारित आगे की उड़ान को रद्द कर दिया गया। हालांकिएलायंस एयर ने अभी तक तकनीकी खराबी या उसके बाद की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
रनवे की लंबाई बनी चुनौती
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि रनवे छोटा होने के कारण लैंडिंग में समस्या उत्पन्न हुई। जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डा, जो राज्यकी राजधानी से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है, की रनवे लंबाई 1,230 मीटर है। दोनों ओर खड़ी ढलानों के कारण इसे भारत के सबसेचुनौतीपूर्ण हवाई अड्डों में से एक माना जाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि टायर फटने के बाद आपातकालीन ब्रेक लगाने पड़े और इस घटना पर नागरविमानन मंत्री से चर्चा की जाएगी।
आधिकारिक जांच और सुरक्षा उपाय
एलायंस एयर ने घटना के बाद विमान का निरीक्षण शुरू कर दिया है। विमानन विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि तकनीकी खराबी कावास्तविक कारण क्या था और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चितकरने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।