अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अधिकारियों से भारी गलती होने की खबर सामने आई है. दरअसल ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने गलती से एकपत्रकार को यमन के हूथी विद्रोहियों पर अमेरिकी हमले की खुफिया जानकारी शेयर कर दी थी.एक ग्रुप चैट में कुछ सुरक्षा अधिकारी और अन्य प्रमुखसदस्य, जो यमन पर हमले की योजना बना रहे थे, गलती से ‘द अटलांटिक’ के एडिटर-इन-चीफ जेफरी गोल्डबर्ग को शामिल कर बैठे. यह चूक तबहुई, जब इन अधिकारियों ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ हवाई हमलों के समन्वय के लिए एक ग्रुप चैट का इस्तेमाल किया था और गलती से गोल्डबर्गको भी उस चैट में जोड़ दिया, बिना उनकी जानकारी के.हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस लीक की पुष्टि या जिम्मेदारीलेने से इनकार किया है यह घटना एक बड़ी गलती मानी जा रही है क्योंकि इसमें संवेदनशील और गोपनीय जानकारी शामिल थी.वहीं मामला सामनेआने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अपने एक बयान में कहा है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि सिग्नल ग्रुप चैट में एक जर्नलिस्ट का नंबर कैसेजोड़ा गया.अटलांटिक के प्रधान संपादक जेफरी गोल्डबर्ग के अनुसार इस ग्रुप में कुल 18 मेंबर थे. इसमें रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के अलावा, उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रंप की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड भी शामिल थीं. पत्रकार का दावा है कि उन्हें इसग्रुप में जोड़ने के लिए ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज का आमंत्रण मिला था.लीक हुए मैसेजों से पता चलता है कि यमन पर हमले कीसमय सीमा को लेकर कुछ अधिकारियों के बीच चिंता थी.
वांस के फैसले पर जताया जा रहा संदेह
मिशिगन में एक इकोनॉमिक इवेंट में शामिल वांस ने इस फैसले पर संदेह जताया. टीम, मैं आज एक इकोनॉमिक इवेंट में हूं, लेकिन मुझे लगता है किहम एक गलती करने जा रहे हैं. मुझे नहीं लगता कि राष्ट्रपति यह समझ रहे हैं कि यह यूरोप पर उनके संदेश से कितना मेल नहीं खाता. इसके अलावा, हमें यह जोखिम है कि तेल की कीमतों में काफी वृद्धि हो सकती है.अटलांटिक के मुताबिक, ट्रंप के राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी केंद्र के लिए नामितउम्मीदवार जो केंट ने भी जेडी वेंस का समर्थन किया और कहा कोई ऐसी जरूरी वजह नहीं है कि हमें यह हमला तुरंत करना पड़े. हम एक महीने बाद भीवही ऑप्शंस चुन सकते हैं.गोल्डबर्ग ने बताया कि उन्हें हमले के बारे में ‘घंटों पहले जानकारी मिल गई थी.’ वह कहते हैं, ‘मुझे बम गिरने से दो घंटेपहले पता था कि हमला हो सकता है.
भेजी गई थी युद्ध योजना
यह जानकारी मुझे इसलिये मिली क्योंकि पीट हेगसेथ ने 11:44 बजे मुझे युद्ध योजना भेजी थी, जिसमें हथियारों के पैकेज, लक्ष्यों और समय के बारेमें सटीक जानकारी थी.’ हमले लगभग 1:45 बजे ईस्टर्न टाइम के आसपास शुरू हुए और यमन की राजधानी सना में धमाकों की खबरें आईं. ऑपरेशनके बाद, अधिकारियों ने चैट में एक-दूसरे को बधाई दी.अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस पूरे मामले को फेक बतातें हुए पत्रकार को धोखेबाजबताया है. हालांकि अपने बयान में उन्होंने ये नहीं बताया कि इतनी खुफिया और संवेदनशील ऑपरेशन पर चर्चा करने के लिए सिग्नल ऐप काइस्तेमाल क्यों किया जा रहा था और पत्रकार उस ग्रुप में कैसे ऐड हो गये थे. हेगसेथ ने इस मामले पर दी गई अपनी टिप्पणी में कहा “कोई भी युद्ध कीयोजनाएं मैसेज में नहीं बता रहा था और मुझे इस बारे में बस इतना ही कहना है.