पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दिए जा रहे भाषण के दौरान कुछ लोगों ने हंगामा किया और पोस्टर दिखाकरविरोध जताया. ये लोग राज्य में हुई चुनावी हिंसा और आरजी कर कॉलेज में हुई दुष्कर्म और हत्या केस को लेकर सवाल उठा रहे थे. ममता बनर्जीऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केलॉग कॉलेज में ‘सामाजिक विकास – बालिका और महिला सशक्तिकरण’ विषय पर भाषण दे रही थीं. करीब 30 मिनटबाद कुछ लोगों ने उनके भाषण को बीच में रोककर नारेबाजी शुरू कर दी.इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘2023 टीएमसी की तरफ से कराई गई चुनावीहिंसा’ जैसे नारों वाले पोस्टर दिखाए. उन्होंने टाटा ग्रुप के बंगाल छोड़ने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए. इसके जवाब में ममता बनर्जी ने कहा कि टाटा अबखड़गपुर और राजारहाट में उद्योग लगा रहे हैं. जब विरोध करने वालों ने आरजी कर कॉलेज के केस पर सवाल उठाया तो ममता बनर्जी ने कहा, ‘यहमामला कोर्ट में है और इसकी जांच केंद्र सरकार की एजेंसी कर रही है. इसके साथ ही ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कृपया राजनीति यहां मतकरें. आप मुझसे मेरे राज्य में राजनीति कर सकते हैं.इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीति गरमा गई. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इसे ‘देश कीछवि खराब करने की कोशिश’ बताया, जबकि सीपीआई (एम) की छात्र इकाई एसएफआई ने कहा कि ‘सीएम छात्रों के गुस्से से बच नहीं सकतीं.
वामपंथी भूसे अतीत- कुणाल घोष
इस मामले में टीएमसी नेता कुणाल घोष ने प्रदर्शनकारियों को ‘वामपंथी समर्थक जो बंगाल के अतीत को भूल गए हैं. बताया और कहा कि उन्होंनेसवाल-जवाब सत्र में भाग लेने के बजाय हंगामा किया. वहीं एसएफआई नेता देबंजन दास ने कहा कि ममता बनर्जी को हर जगह सवालों का सामनाकरना पड़ेगा. क्योंकि बंगाल में शिक्षा और छात्रों के अधिकार लगातार कम हो रहे हैं.भाजपा ने भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा भाजपा प्रवक्ता सजलघोष ने कहा’एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री को देश की छवि को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए थी. कांग्रेस नेता अधीर चौधरी ने भी मुख्यमंत्री से यहबताने को कहा कि इन विदेश दौरों से कितना निवेश राज्य में आया.दरअसल सीएम ममता बनर्जी लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के केलॉगकॉलेज में स्पीच देने पहुंची थीं. मुख्यमंत्री महिलाओं बच्चों और वंचित वर्गों के विकास पर भाषण दे रही थीं. लेकिन भाषण के बीच में ही कुछ छात्राोंने हंगामा कर दिया और ममता बनर्जी के खिलाफ गो बैक के नारे लगाने लगे। इस घटना की जिम्मेदारी छात्र संगठन SFI ने ली है.छात्रों ने पोस्टरलेकर ममता बनर्जी का विरोध किया और “पश्चिम बंगाल में हिंसा बंद करो” जैसे नारे लगाए. उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज घोटाले और जादवपुरयूनिवर्सिटी हिंसा का भी जिक्र किया.