कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन बिल का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पहले वक्फ की जमीनों पर कब्जा गैर-जमानती अपराध था, लेकिन अब इसे जमानती धाराओं में बदल दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वक्फ की जमीन पर कब्जे को बढ़ावा देने की कोशिश कररही है और मुसलमानों की संपत्तियों पर नजर गड़ाए हुए है।
बिल ड्राफ्ट करने वालों पर सवाल
इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने यह बिल तैयार किया है, उन्हें वक्फ के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वक्फ कीसंपत्तियों के मामलों को हल करने के लिए बनाई गई कमेटी में 11 सदस्य गैर-मुस्लिम होंगे। इस पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या किसी अन्यधर्म के ट्रस्ट में गैर-मुस्लिमों को शामिल किया जाता है?
काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का दिया उदाहरण
उन्होंने काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का उदाहरण देते हुए बताया कि ऐसे ट्रस्टों में केवल हिंदू सदस्य होते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि अगर वक्फ से जुड़ेमामलों को हल करने वाली समिति में बहुमत गैर-मुस्लिमों का होगा, तो मुस्लिम समुदाय को न्याय कैसे मिलेगा?
यूपी में वक्फ की संपत्तियों पर सरकारी कब्जा
सांसद मसूद ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 78% वक्फ की जमीनों को सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में11,400 हेक्टेयर जमीन सरकार के कब्जे में चली गई है। इसी तरह कर्नाटक में भी कई वक्फ संपत्तियों पर सरकारी कब्जा हो चुका है।
संविधान और सामाजिक समानता का हवाला
इमरान मसूद ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने देश में सामाजिक समानता की बात की थी। उन्होंने कहाकि जब तक सामाजिक लोकतंत्र नहीं होगा, तब तक राजनीतिक लोकतंत्र भी कमजोर रहेगा।
वक्फ प्रबंधन पर नियंत्रण का मुद्दा
उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में अन्य धर्मों के लोगों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इसे केवल मुसलमान ही समझसकते हैं। वक्फ बोर्ड का प्रबंधन सरकार के हाथ में होता है, जिससे वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा होने का खतरा बढ़ जाता है।
विवादित वक्फ संपत्तियों का मुद्दा
उन्होंने कहा कि विवादित वक्फ संपत्तियों के मामलों में उचित कार्रवाई नहीं हो रही है और सरकार उन्हें अपने कब्जे में ले रही है। उन्होंने सच्चर कमेटीकी रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उड़ीसा सहित कई राज्यों में वक्फ की संपत्तियों परसरकारी कब्जा हो चुका है।