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दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ | 5 अप्रैल 2025
केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने दंतेवाड़ा में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है। बस्तर के पंडुममहोत्सव के दौरान आयोजित जनसभा में उन्होंने घोषणा की कि आने वाले वर्ष तक भारत को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा।

86 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, केंद्र सरकार का दावा मजबूत
अमित शाह के बस्तर पहुंचने से पहले ही छत्तीसगढ़ में बड़ी सफलता सामने आई जब 86 नक्सलियों ने तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 66 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त नीति की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

बस्तर पंडुम में हुआ भव्य स्वागत
गृह मंत्री शाह बस्तर के पंडुम महोत्सव में शामिल हुए, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें पारंपरिक ‘गौर मुकुट’ पहनाकर सम्मानित किया। इसकेसाथ ही उन्हें कोंडागांव की प्रसिद्ध ढोकरा कला की मूर्ति भी भेंट की गई। दौरे की शुरुआत उन्होंने मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना से की।

डबल इंजन सरकार की दोहरी नीति: विकास और सुरक्षा
अपने भाषण में शाह ने कहा कि बीजेपी की डबल इंजन सरकार न केवल नक्सलवाद को खत्म करने में जुटी है, बल्कि बस्तर को विकास की नईऊँचाइयों पर ले जाने का काम भी कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने घोषणा की है कि जो गांव माओवादी मुक्त घोषित होंगे औरआत्मसमर्पण में सहयोग करेंगे, उन्हें एक करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए दिए जाएंगे।

बस्तर पंडुम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने की तैयारी
अमित शाह ने यह भी कहा कि आने वाले वर्ष से बस्तर पंडुम महोत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा और प्रयास किया जाएगा कि इसे अंतरराष्ट्रीयस्तर तक पहुँचाया जाए। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील करने की बात कही कि वे इस महोत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल हों।

शांति का संदेश: नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील
गृह मंत्री ने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ें। उन्होंने कहा, “किसी की मौत पर कोई खुश नहीं होता। हम चाहते हैंकि आप विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बनें। बंदूक और हिंसा से कुछ नहीं होगा, अब बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाएं चाहिए।”


नक्सलियों के खिलाफ दोहरी रणनीति: आत्मसमर्पण या कार्रवाई
शाह ने बताया कि 2025 के शुरुआती चार महीनों में अब तक 521 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 2024 में यह संख्या 881 रही। उन्होंनेस्पष्ट किया कि जो आत्मसमर्पण करेगा, उसका स्वागत है, लेकिन जो हथियार उठाए रखेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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