भाजपा की डबल इंजन सरकार राजधानी को अंधेरे में धकेल रही है – आतिशी
दिल्ली में बढ़ती बिजली कटौती को लेकर आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष आतिशी नेविश्वास नगर विधानसभा के मधु विहार क्षेत्र का दौरा कर वहां के नागरिकों से मुलाकात की और बिजली संकट के कारण हो रही परेशानियों को लेकरबातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कभी 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति वाला दिल्ली शहर अब भाजपा की डबल इंजन सरकार में घंटों बिजलीकटौती का शिकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का दावा है कि बिजली संकट नहीं है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करतीहै।
लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी प्रभावित, व्यापार और पढ़ाई पर असर
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बताया कि विश्वास नगर के कई इलाकों में लगातार बिजली की आवाजाही हो रही है, जिससे दुकानों का कामकाज प्रभावितहो रहा है और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भीषण गर्मी में बिजली न होने से बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसेज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जनता का फूटा ग़ुस्सा, उठाए सवाल – “क्या ऐसे दिन दिखाने के लिए वोट दिया था?”
स्थानीय नागरिकों ने अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि पहले जहां शायद ही कभी बिजली जाती थी, अब दिन में कई बार कटौती हो रही है।एक दुकानदार ने बताया कि बिजली न होने के कारण उनका काम पूरी तरह रुक जाता है, जिससे परिवार पालना मुश्किल हो गया है। लोगों ने कहाकि भाजपा ने व्यवस्थाएं सुधारने के बजाय उन्हें बिगाड़ दिया है।
फिर से इन्वर्टर खरीदने को मजबूर हुए लोग
स्थानीय निवासियों ने बताया कि ‘आप’ सरकार के समय जब बिजली कटौती लगभग समाप्त हो गई थी, तब उन्होंने अपने घरों से इन्वर्टर हटा दिए थे।लेकिन अब बिजली की लगातार कटौती के कारण उन्हें दोबारा इन्वर्टर खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर
बिजली संकट का सबसे बड़ा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। अभिभावकों ने आतिशी को बताया कि अंधेरे और गर्मी में बच्चे न तो ठीक से पढ़पा रहे हैं, न ही उनका मन लग रहा है। इससे उनकी पढ़ाई का स्तर लगातार गिरता जा रहा है।
भीषण गर्मी में हालात और बिगड़ने की आशंका
नेता प्रतिपक्ष ने चिंता जताई कि अभी तो गर्मियों की शुरुआत है, लेकिन अगर यही हालात रहे तो मई-जून में स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंनेकहा कि भाजपा सरकार को लोगों की परेशानियों को गंभीरता से लेना चाहिए और दिल्लीवासियों को फिर से स्थायी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनीचाहिए।