अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 3 जुलाई, गुरुवार से आरंभ होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव के साथ इस यात्रा को पूर्णकर बाबा बर्फानी के दर्शन करते हैं, उन्हें पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की ओर मार्ग प्रशस्त होता है।
पौराणिक कथा से जुड़ी है अमरनाथ गुफा
ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, अमरनाथ की गुफा वह पवित्र स्थान है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व की गाथा सुनाई थी। कहाजाता है कि उस समय एक जोड़ा कबूतर भी वहां मौजूद था, जिन्होंने यह दिव्य कथा सुन ली और वे भी अमर हो गए। यही कारण है कि यह गुफाभक्तों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है।
तवी आरती में उमड़ा जनसैलाब
बैसाखी के अवसर पर तवी नदी के तट पर आयोजित भव्य आरती में पांच हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। जम्मू के आयुक्त ने इस आयोजन कोएक विशेष और नियमित परंपरा के रूप में स्थापित करने की बात कही है।
अमरनाथ यात्रा के दौरान विशेष आकर्षण बनेगी तवी आरती
आयुक्त ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के दौरान तवी आरती न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक आध्यात्मिक केंद्र बनेगी, बल्कि जम्मू कीसांस्कृतिक पहचान को भी समृद्ध करेगी।
स्थानीय व्यापार को मिलेगा प्रोत्साहन
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल धार्मिक भावना सशक्त होगी, बल्कि तटवर्ती क्षेत्रों में स्थानीय व्यापारिकगतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान होगा।