नई दिल्ली: दिल्ली बीजेपी ने शनिवार को ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ (O.N.O.E.) पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें राष्ट्रीय महासचिवश्री सुनील बंसल ने पार्टी नेताओं के साथ आगामी चुनावी रणनीतियों पर चर्चा की। बैठक में दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा कीउपस्थिति में पार्टी के वरिष्ठ नेता और O.N.O.E. टीम के सदस्य शामिल हुए।
बैठक में शामिल प्रमुख नेताओं ने दी अपनी प्रतिक्रिया
बैठक में दिल्ली बीजेपी संगठन के महासचिव श्री पवन राणा, सांसद श्री योगेंद्र चंदोलिया और श्रीमती कमलजीत सेहरावत, दिल्ली सरकार के मंत्री श्रीपंकज सिंह और श्री इंदरराज सिंह, पूर्व अध्यक्ष और विधायक श्री सतिश उपाध्याय, महासचिव श्री विष्णु मित्तल और O.N.O.E. के संयोजकविधायक श्री गजेन्द्र यादव तथा सह-संयोजक विधायक श्री अशोक गोयल और श्री योगेंद्र भी मौजूद थे।
इस बैठक में पार्टी नेताओं ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के क्रियान्वयन के उद्देश्य और इसकी योजना पर गहन विचार-विमर्श किया। खासतौर पर, भारतीय जनता पार्टी इस प्रस्ताव के समर्थन में है, ताकि देश में चुनावों का समय तय किया जा सके और राजनीतिक स्थिरता बनी रहे। पार्टी ने बतायाकि इसके लिए दिल्ली में सभी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को एक ही साथ कराना एक सकारात्मक कदम हो सकता है, जिससे चुनावी खर्च मेंभी कमी आएगी और सरकारी संसाधनों का समुचित उपयोग होगा।
श्री सुनील बंसल ने दी दिशा-निर्देश
बैठक में राष्ट्रीय महासचिव श्री सुनील बंसल ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की प्रक्रिया को लेकर पार्टी के नेताओं को दिशा-निर्देश दिए और इसे लागूकरने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की। उन्होंने बैठक में मौजूद सभी नेताओं से इस मुद्दे पर अपनी राय देने के साथ ही इसे दिल्ली में लागू करनेके तरीके पर भी विचार किया।
इसके अलावा, दिल्ली बीजेपी के नेताओं ने इस दिशा में अपनी आगामी योजनाओं का भी खाका तैयार किया, ताकि पार्टी के दृष्टिकोण को राष्ट्रीयस्तर पर मजबूती से रखा जा सके।
आगे की योजना
बैठक के दौरान, O.N.O.E. के संयोजक और सह-संयोजक ने इस प्रस्ताव को लेकर दिल्ली में विभिन्न स्तरों पर लोगों से संवाद स्थापित करने कीयोजना बनाई। पार्टी ने यह भी बताया कि इसे लेकर सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे इसे हर वर्ग तक पहुंचा सकें औरआम जनता को इसके लाभ समझा सकें।
दिल्ली बीजेपी के इस कदम को लेकर कई सवाल भी उठाए जा रहे हैं, लेकिन पार्टी नेताओं का मानना है कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से देश मेंचुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और इससे चुनावी खर्चों में भी कमी आएगी, जो वर्तमान समय में बढ़ते जा रहे हैं।