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पर्यटकों पर लक्षित हमला
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में मंगलवार को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंधगोलीबारी की, जिसमें एक सैलानी की जान चली गई, जबकि 20 अन्य घायल हो गए हैं। इनमें से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। घायललोगों में तीन स्थानीय नागरिक भी शामिल हैं।

आतंकियों ने छद्मवेश में दिया घटना को अंजाम
हमले को अंजाम देने वाले आतंकी पुलिस या सेना की वर्दी में थे और घोड़ों पर सवार होकर आए थे। उन्होंने बैसरन के ऊपरी मैदानों में बने एक टूरिस्टरिसॉर्ट को निशाना बनाया। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी संगठन TRF (द रेसिस्टेंस फ्रंट) शामिल हो सकता है। बाद में TRF ने इस हमले की जिम्मेदारी भी ली है। यह हमला गर्मियों के मौसम में पर्यटकों की बढ़ती आमद को रोकने के लिए किया गया माना जा रहा है।

QAT और सुरक्षा बल पहुंचे मौके पर
हमले के तुरंत बाद घटनास्थल पर CRPF की क्विक रिएक्शन टीम (QAT) और अन्य सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। घायलों को इलाज के लिएअस्पताल भेजा गया है, जबकि इलाके में सुरक्षा को और अधिक मजबूत कर दिया गया है।

पहलगाम तक पहुंचना आसान नहीं
बैसरन घाटी एक ऊंचाई पर स्थित क्षेत्र है, जहां केवल पैदल या घोड़े के जरिए ही पहुंचा जा सकता है। यह इलाका आमतौर पर शांत और सुरक्षितमाना जाता है और पर्यटकों में खासा लोकप्रिय है। लेकिन इस हमले ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकार की सख्त प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब से गृह मंत्री अमित शाह से बात की और तत्काल एक्शन के निर्देश दिए। अमितशाह ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और बाद में खुद पहलगाम रवाना हो गए। इस मीटिंग में सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीरपुलिस और खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

पीएम मोदी और राजनाथ सिंह ने की निंदा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस हमले को “जघन्य” करार देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई और भी मजबूत होगी। उन्होंने मृतकों केपरिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हमले को “कायरतापूर्ण” बताया और कहा कि निर्दोष नागरिकों पर ऐसा हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पिछले हमलों की याद दिलाता हादसा
इस हमले ने पिछले साल गांदरबल में हुए उस आतंकी हमले की याद ताजा कर दी, जिसमें एक डॉक्टर और छह मजदूर मारे गए थे। अब बैसरन मेंहुआ हमला दिखाता है कि आतंकी संगठन टूरिज्म को निशाना बनाकर घाटी में अस्थिरता फैलाना चाहते हैं।

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