पाकिस्तानी लड़की मीनल से निकाह की बात छिपाने पर बर्खास्त सीआरपीएफ जवान मुनीर अहमद ने दावा किया है कि अपनी शादी की जानकारीउन्होंने पत्र के माध्यम से उच्च अधिकारियों को दी थी. रविवार को जम्मू में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने अपनी बर्खास्तगी को न्यायालय में चुनौतीदेने के साथ ही प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से इंसाफ की मांग भी की. मुनीर ने कहा मीनल का परिवार 1947 से पहले जम्मू के तहसील भलवाल के गांवहंडवा में रहता था. विभाजन के बाद उसका परिवार सियालकोट चला गया. हालांकि परिवार ने बचपन में ही हमारी शादी तय कर दी थी वह मेरी ममेरीबहन है 2017 में मैंने सीआरपीएफ जॉइन किया.अधिकारियों से शादी की अनुमति ली और मुख्यालय को सूचित भी किया इस संबंध में 31 दिसंबर2022 को पत्र लिखा. कुछ चीजों पर आपत्ति आई और 24 जनवरी 2023 को दोबारा पत्र भेजा उस पत्र में शादी का कार्ड और अन्य सभी जानकारीथी.
शादी की जानकारी दी थी बटालियन को
दरअसल मुनीर ने कहा कि शादी की अनुमति की जानकारी सुंदरबनी में 72 सीआरपीएफ बटालियन को भी दी थी. बटालियन के कमांडेंट से मुलाकातभी की थी उनका पत्र उचित चैनलों के माध्यम से जम्मू सेक्टर सीआरपीएफ, एसडीजी और फिर सीआरपीएफ के दिल्ली मुख्यालय भेजा गया था. करीब पांच महीने बाद जवाब मिला था
मुनीर ने पत्र दिखाते हुए दावा किया कि पत्र में उल्लेख है कि उन्होंने शादी के बारे में पहले ही सूचित किया था. उन्होंने सीआरपीएफ कार्यालय केरिकॉर्ड की प्रतियां भी दिखाईं जहां उनकी पत्नी मीनल खान को पाकिस्तानी नागरिक के रूप में पंजीकृत किया गया है. जम्मू सेक्टर के सीआरपीएफ केमहानिरीक्षक को भेजा गया पत्र भी दिखाया. जिसमें उन्होंने
पाकिस्तानी महिला ने किया था अनुरोध
पाकिस्तानी महिला से शादी करने के लिए अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा कि शनिवारको सीआरपीएफ के 41 बटालियन और जम्मू आईजी सेक्टर से तीन से पांच लोग घर आए और नोटिस थमा दिया. इसमें लिखा था कि पत्नी कोवीजा की अवधि खत्म होने के बावजूद अवैध रूप से रखा है. जबकि मैंने पहले ही अपनी बटालियन को बताया था कि मीनल दीर्घावधि वीजा तहतयहां रह रही है.मुनीर ने कहा कि मीनल से उनकी शादी 24 मई 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई थी. उन्होंने कहा कि उनके पिता की बीमारीके चलते शादी रुक गई थी वीजा लेने में भी परेशानी हुई. इसी कारण परिवारों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शादी कराने का फैसला किया.जवान नेदावा किया जम्मू-कश्मीर में सेवा करने का कार्यकाल 2027 में पूरा होना था. लेकिन उससे पहले ही तबादला कर दिया गया था उन्होंने कहा मैंनेछत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में सेवा की थी उसके बाद ही मुझे जम्मू-कश्मीर भेजा गया था.