15 मई 2025 को कांग्रेस के ओबीसी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल ‘जयहिंद’ और बिहार प्रभारी सुश्री रितु चौधरी ने दिल्ली स्थित एआईसीसीकार्यालय (24 अकबर रोड) में प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब बिहार के दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास में छात्रों से मिलने जा रहे थे, तब सरकार ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
डॉ. जयहिंद ने इसे संविधान का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि यह बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की धज्जियां उड़ाने जैसा है।उनका कहना था कि सरकार जानबूझकर दलित, पिछड़े, अति पिछड़े और आदिवासी छात्रों की शिक्षा को रोक रही है। स्कॉलरशिप बंद की जा रही है, सरकारी स्कूलों की हालत खराब की जा रही है और 11 साल से प्राइवेट संस्थानों में आरक्षण लागू नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ही वह नेता हैं जो इन वंचित वर्गों के लिए लड़ रहे हैं। संसद में भी उन्होंने साफ कहा था कि इस कार्यकाल में जातिजनगणना करवाई जाएगी।
सरकार ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर राहुल गांधी को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह पीछे के रास्ते से छात्रावास पहुंचे और छात्रों से बातचीत की।
डॉ. जयहिंद ने कहा – “अब मनुवादी ताकतों के दिन लद चुके हैं। राहुल गांधी सामाजिक न्याय के आंदोलन के नेता बन चुके हैं और इस सरकार कीकोई ताकत उन्हें रोक नहीं सकती।”
इसके बाद रितु चौधरी ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे देश में इमरजेंसी लग गई हो। उन्होंने पूछा कि एक नेता विपक्ष अगर छात्रों से मिलने जाए तोक्या उसे इस तरह रोका जाएगा? उन्होंने कहा कि सरकार डरती है कि राहुल गांधी छात्रों की सच्चाई जान लेंगे और छात्रों की आवाज जनता तक पहुंचादेंगे।
रितु चौधरी ने कहा कि छात्रावासों में दलित छात्रों को जाति के नाम पर अपमानित किया जाता है, उनकी स्कॉलरशिप और मेरिट रोकी जाती है। उन्होंनेयह भी कहा कि राहुल गांधी अब जननायक बन चुके हैं, और सरकार की कोई ताकत उन्हें रोक नहीं सकती।