सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने डीएनए के मुद्दे पर वार-पलटवार के बीच सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपना बयान जारी किया है. उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को भाजपा में बाहरी बताया है. उन्होंने कहा कि खाली बैठे लोग बात आगे बढ़ाते हैं‘काम करनेवाले’ आगे बढ़ जाते हैं.चलो हमसब पीडीए मिलकर सकारात्मक राजनीति के मार्ग पर आगे बढ़कर संकल्प उठाएं कि अपनी पीडीए सरकार बनाएंगे, सामाजिक न्याय का राजलाएंगे.जो लोग अपने दलों में पूछे नहीं जाते हैं, अपने मंत्रालय को नाकामी का तमगा पहनाते हैं, निरर्थक बातों में, चाटुकारिता में अपना दिन औरसमय बिताते हैं, उनसे पुनः आग्रह है कि कुछ सार्थक भूमिका निभाइए और जिस समाज का आप सामाजिक प्रतिनिधित्व करते हैं.
बोलकर कुछ कहने का नहीं है साहस
उप्र भाजपा सरकार के राज में उस समाज पर कितना अत्याचार और अन्याय हो रहा है, उस पर यदि बोलकर कुछ कहने का साहस नहीं है तो कम सेकम इशारे से ही कुछ कह दीजिए. परिपक्व बनिए, सौम्य, शिष्टाचारी और मृदु भाषी भी. उन पर विश्वास मत कीजिए जो अपनों के सगे नहीं हैं, औरवैसे भी आप तो मूल रूप से उनके हैं भी नहीं, बाहर से आकर; भाजपाइयों जैसा बोलकर, भाजपाइयों जैसा बनकर यहां घुलने-मिलने की कोशिश कररहे हैं। अपना राजनीतिक शोषण मत होने दीजिए. अगर आपको इन पर कुछ ज़्यादा ही विश्वास है तो उनके बारे में एक बार ज़रूर सोच लीजिए, जोआज से पहले अपने को भाजपा में महत्वपूर्ण समझते थे और जो मूल रूप से भाजपाई थे, आप की तरह बाहरी भी नहीं थे.
आज हैं वो वहां कल आप होंगे जहां. आशा है आप अपने दल में ‘राजनीतिक स्वास्थ्य’ को सुधारने का काम करेंगे. अगर कभी संकट में हों तो हमआपके साथ खड़े रहेंगे। हम जानते हैं वो समय दूर भी नहीं है क्योंकि न तो आप, न ही आपका समाज आज के सत्ताधीश को “भाता है या लुभाता है. आपका समाज उनकी निगाह में दोयम क्या, कभी तियम भी न था और न होगा. आप तो अपनी चहारदीवारी बचाइए और नैतिक बुनियाद भी, वोबचेगी तो आप भी बचे रहेंगे. इस कड़ी का अंतिम पत्र क्योंकि हमें तो जनहित के लिए काम पर निकलना है. बता दें कि इसके पहले भी इस विवाद मेंअखिलेश यादव और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कई टिप्पणी कर चुके हैं और विवाद बढ़ता गया.