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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल अलंकरण समारोह को संबोधित किया. इस दौरान अमित शाह ने कहा कि जब यह निर्णयलिया गया कि एक सीमा पर एक बल सुरक्षा प्रदान करेगा, तो बीएसएफ को दो सबसे कठिन सीमाओं बांग्लादेश और पाकिस्तान बॉर्डर की रक्षा करनेकी जिम्मेदारी दी गई थी. आपकी क्षमताओं को देखते हुए आपने इसे बहुत अच्छी तरह से सुरक्षित किया है. उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरानबीएसएफ के शौर्य को भी सलाम किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की हर गोली का जवाब बीएसएफ ने गोले से दिया. उन्होंने कहा कि 1965 सेलेकर 2025 तक अपने कर्तव्य के पथ पर निडर होकर सर्वोच्च बलिदान की भावना के साथ चलते हुए 2,000 से ज्यादा जिन सीमा प्रहरियों ने अपनासर्वोच्च बलिदान दिया है, मैं पूरे राष्ट्र की ओर से उन्हें प्रणाम करता हूं. देशभक्ति के आधार पर सभी कठिनाईयों को पार करके कैसे विश्व में सर्वश्रेष्ठबल बना जा सकता है, उसका उत्तम उदाहण BSF है.

केएफ रुस्तमजी बीएसएफ के संस्थापक और पहले थे महानिदेशक
केएफ रुस्तमजी बीएसएफ के संस्थापक और पहले महानिदेशक थे यह दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है, जिसमें लगभग 2.75 लाख कर्मीपश्चिम में पाकिस्तान और पूर्व में बांग्लादेश के साथ भारतीय सीमाओं की रक्षा करने का काम करते हैं. बीएसएफ की स्थापना 1965 में हुई थी. अमितशाह ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर तब सफल हुआ, जब हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति, हमारी खुफिया एजेंसियों से सटीकजानकारी और सेना की मारक क्षमता का अद्भुत प्रदर्शन एक साथ आए. जब ये तीनों एक साथ आए तो ऑपरेशन सिंदूर बना. हमारा देश कई दशकोंसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सामना कर रहा है पाकिस्तान ने कई बड़ी घटनाओं को वर्षों से अंजाम दिया, लेकिन उसे माकूल जवाब नहींदिया गया. 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने.

पहला हमला हुआ उरी मैं सैनिकों पर
भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार बनी और पहला बड़ा हमला उरी में हमारे सैनिकों पर हुआ. उन्हें जिंदा जलाने का दुस्साहस किया औरहमने उरी के तुरंत बाद सर्जिकल स्ट्राइक करके पहली बार आतंकियों के ठिकानों में घुसकर उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने का काम किया. फिर पुलवामा मेंहमला हुआ, सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया गया. सेना एयर स्ट्राइक कर के पहले से भी कठोर दंड दिया. अमित शाह ने कहा, ‘पहलगाममें पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों की ओर से निर्दोष लोगों को उनके परिवारों के सामने उनका धर्म पूछकर मार दिया गया. ऑपरेशन सिंदूर उसहमले का जवाब है और आज दुनिया भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी की प्रशंसा कर रही है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई को ऑपरेशनसिंदूर शुरू किया गया था और ऑपरेशन के कुछ ही मिनटों के भीतर हमने नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया, जिनमें से दो आतंकी मुख्यालय थे. हमने पाकिस्तानी सेना के प्रतिष्ठानों, एयरबेसों को तबाह नहीं किया, हमने केवल उन लोगों को दंडित किया, जिन्होंने भारतीय धरती पर पाप किए थे.

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