दिनांक: 23 मई 2025
स्थान: नई दिल्ली
वक्ता: संजय सिंह, सांसद, आम आदमी पार्टी
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “मेरे शरीर में गर्म सिंदूर दौड़ रहा है।” यह बयान ऐसे समय पर आया जब देश आतंकवाद से जूझ रहा है, और कई बहनों का सिंदूर मिट चुका है।
देश शोक में है, लेकिन सरकार प्रचार में व्यस्त है
रेलवे टिकटों पर प्रधानमंत्री की फोटो, रैलियों में “ऑपरेशन सिंदूर” के पोस्टर, हर जगह प्रचार ही प्रचार।
जब शहीदों के घरों में मातम पसरा है, तब सरकार को प्रचार की पड़ी है। क्या यही देशभक्ति है?
प्रधानमंत्री जी के पास रैलियों का वक्त है, पर शहीदों से मिलने का नहीं
प्रधानमंत्री बिहार में चुनाव प्रचार कर रहे हैं, मुंबई में फिल्मी सितारों से बात कर रहे हैं, आंध्र प्रदेश और केरल में उद्घाटन कर रहे हैं।
पर शहीदों के परिवारों से मिलने का वक्त नहीं मिल रहा। ये बहुत दुखद है।
अमेरिका के दबाव में क्यों झुकी सरकार?
जब पाकिस्तान पर कार्रवाई हो रही थी, तब अमेरिका के कहने पर लड़ाई रोक दी गई।
क्या अब भारत की नीति अमेरिका चलाएगा? क्या हम इतने कमज़ोर हो गए हैं?
भारत 144 करोड़ लोगों का देश है – डर किस बात का?
अमेरिका ने धमकी दी कि व्यापार बंद कर देंगे।
हम पूछते हैं – भारत जैसे बड़े देश को क्या किसी की धमकी से डरना चाहिए?