ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर कांग्रेस पार्टी की महिला इकाई ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। आजऑल इंडिया महिला कांग्रेस (AIMC) की अध्यक्ष अलका लांबा, ओडिशा की विधायक सोफिया फिरदौस और ओडिशा महिला कांग्रेस अध्यक्षमीनाक्षी बहिनीपति ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है और भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षासुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है।
शुभद्रा का वादा, सुरक्षा का वादा — सब झूठा साबित हुआ सोफिया फिरदौस – ओडिशा में महिलाओं का दिल रो रहा है। राज्य में रज पर्व के दौरानतीन दिनों में गैंगरेप की तीन घटनाएं हुईं। एक मामले में 10 लोगों ने एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार किया। सवाल है – क्या पुलिस नहींथी? क्या महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है?”
उन्होंने बताया किराज्य में 1700 से ज्यादा गैंगरेप हो चुके हैं।, हर दिन औसतन 15 अपराध महिलाओं के खिलाफ हो रहे हैं।, एक साल में नई सरकारबनी लेकिन अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।,रेपिस्ट खुलेआम घूम रहे हैं, लॉ एंड ऑर्डर खत्म हो चुका है।, अभी तक हाउस कमेटी का गठन नहीं हुआ है।, राज्य सरकार केवल फेक नैरेटिव चलाकर पर्व मनाने में व्यस्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गुहार लगाई कि दिल्ली सेओडिशा की महिलाओं की पीड़ा को सुना जाए।
28000 महिलाएं अपराध का शिकार, 36000 लापता बेटियों का जवाब दो–अलका लांबा
ओडिशा में पिछले 11 महीनों में 28,000 महिलाएं और बच्चियां अपराध का शिकार हुई हैं। मगर भाजपा सरकार की अदालतें बलात्कारियों कोजमानत दे रही हैं और पीड़िताएं मारी जा रही हैं
उन्होंने बताया किओडिशा के शैक्षणिक संस्थान भी असुरक्षित हो चुके हैं।, नाबालिग बच्चियों तक की सुरक्षा खतरे में है।
राष्ट्रपति स्वयं ओडिशा के आदिवासी समाज से आती हैं, फिर भी एक आदिवासी बेटी के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई।
लांबा ने तीखा सवाल उठाया: डबल इंजन सरकार अपने राज्य पर ध्यान क्यों नहीं दे रही? क्या यही है मोदी की गारंटी?
उन्होंने यह भी दावा किया कि,36000 महिलाएं लापता हैं, जिनका कोई पता नहीं है।, प्रधानमंत्री जी को अपने चुनाव प्रचार से वक्त निकालकर, राजनीति से ऊपर उठकर, इन बेटियों की आवाज सुननी चाहिए।, हमारे नेताओं पर FIR हो रहे हैं और दूसरी ओर सरकारें जश्न मना रही हैं। इन्हें शर्मआनी चाहिए।
महिला कांग्रेस की मांगें
ओडिशा में हाउस कमेटी का गठन किया जाए जो महिलाओं के खिलाफ अपराधों की निगरानी करे।
बलात्कारियों को तुरंत गिरफ्तारी और सजा दी जाए।
लापता महिलाओं और बच्चियों का डेटा सार्वजनिक किया जाए और जांच कराई जाए।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सीधे हस्तक्षेप करें और पीड़ित परिवारों से संवाद करें।
AIMC और ओडिशा महिला कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे चुप बैठने वाली नहीं हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में गर्मासकता है, विशेषकर तब जब केंद्र सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।