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बिहार की राजधानी पटना में एक ओर जहां बीपीएससी परीक्षा को लेकर छात्रों का विरोध जारी है, वहीं दूसरी ओर आज दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की तरफ से 4 जनवरी को पटना के 22 केंद्रों पर पुनः परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा में लगभग 12,000 अभ्यर्थी भाग लेंगे। हालांकि, यह परीक्षा सिर्फ उन अभ्यर्थियों के लिए हो रही है, जिनके परीक्षा केंद्रों पर पहले गड़बड़ी पाई गई थी। दूसरी तरफ, छात्र पूरी बिहार में बीपीएससी परीक्षा को रद्द कर, फिर से परीक्षा आयोजित करने की मांग उठा रहे हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बीपीएससी परीक्षा के मद्देनजर पटना में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू की गई है। यह आदेश 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगा। धारा 163 के तहत परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में पांच से अधिक लोगों का इकट्ठा होना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, बिना अनुमति के किसी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस, और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने पर भी रोक लगाई गई है। इस दौरान अभ्यर्थियों और उनके साथ आने वालों को मोबाइल फोन या अन्य स्मार्ट डिवाइस लाने की अनुमति नहीं होगी, लेकिन पुलिस अधिकारियों और परीक्षा कर्मचारियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

22 केंद्रों पर पुनः परीक्षा

बीपीएससी ने पटना में एक परीक्षा केंद्र पर हुई गड़बड़ी के बाद उन अभ्यर्थियों के लिए आज दोबारा परीक्षा का आयोजन किया है। इन अभ्यर्थियों के लिए 22 नए परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 15 केंद्र पटना सदर उपखंड के अंतर्गत आते हैं। यह परीक्षा उस समय आयोजित की जा रही है जब बीपीएससी परीक्षा के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है।

छात्रों का विरोध प्रदर्शन

हाल ही में शुक्रवार को हजारों छात्रों ने पटना में रेल और सड़क यातायात को अवरुद्ध कर दिया था। इसके अलावा, कई छात्र संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की कोशिश की थी। जब पुलिस ने बल प्रयोग किया, तो विरोध और तेज हो गया, जिसके कारण कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। छात्रों का कहना है कि बीपीएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ी के कारण उनका भविष्य दांव पर लग गया है और वे चाहते हैं कि पूरी परीक्षा को रद्द कर फिर से सही तरीके से परीक्षा ली जाए।

इस प्रकार, बीपीएससी परीक्षा को लेकर जहां एक ओर छात्रों में गुस्सा और असंतोष बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अब यह देखना होगा कि छात्रों के लगातार विरोध के बावजूद परीक्षा में क्या कोई बदलाव होता है, और प्रशासन इस स्थिति से कैसे निपटता है।

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