
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली पुलिस से साफ कहा है कि दोपहिया और तीन-पहिया वाहनों को हाई-स्पीडकॉरिडोर्स यानी एक्सप्रेसवे और एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़कों पर घुसने से रोकने के लिए कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए. दिल्ली-एनसीआर मेंलगातार इस तरह के वाहन मुख्य लेन में घुसकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. जिससे सड़क हादसों का खतरा काफी बढ़ गया है।मीडिया रिपोर्ट केमुताबिक, गडकरी ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को भी हिदायत दी है कि राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लगे गैरकानूनी होर्डिंग्स और विज्ञापनोंको तुरंत हटाया जाए. क्योंकि ये चालकों का ध्यान भटका सकते हैं और दुर्घटना की वजह बन सकते हैं.यह निर्देश 4 जून को हुई एक अहम बैठक मेंदिए गए. जिसकी अध्यक्षता खुद नितिन गडकरी ने की थी इस बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिलहुए थे.
गंभीरता से करना होगा लागू
बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई कि किस तरह नियमों के बावजूद दोपहिया और तिपहिया वाहन तेज रफ्तार वाली सड़कों पर बेधड़क घुस रहे हैं. सरकार पहले ही जनवरी 2024 में UER-II, दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे रूट्स पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों केप्रवेश पर रोक का नोटिफिकेशन जारी कर चुकी है. उस समय भी ट्रैफिक पुलिस को सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए थे. लेकिन अधिकारियोंका कहना है कि साइनबोर्ड और कानून होने के बावजूद पालन कमजोर रहा है. जिससे नियमों की अनदेखी आम हो गई है।रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालयके एक अधिकारी ने बताया कि गडकरी ने साफ कहा कि तेज रफ्तार सड़कों पर अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है. तभी सड़क हादसों में कमी लाईजा सकती है और ट्रैफिक भी सुचारू रूप से चल सकेगा. उनके मुताबिक “जब तक नियम तोड़ने पर हर बार पकड़े जाने का डर नहीं होगा. तब तक लोगनियम नहीं मानेंगे. पुलिस को इसे गंभीरता से लागू करना ही होगा.
ट्रैफिक गए तोड़े
एक हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दिल्ली-गुड़गांव और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे एक्सेस-कंट्रोल्ड इलाकों में जितने भी ट्रैफिक नियम तोड़े गए. उनमें से लगभग 63 प्रतिशत मामले दोपहिया और तिपहिया वाहनों के अवैध प्रवेश के कारण हुए. इससे साफ है कि अगर पुलिस ने सख्ती नहीं बरती, तो सड़क हादसों में और इजाफा हो सकता है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली पुलिस से साफ कहा है कि दोपहियाऔर तीन-पहिया वाहनों को हाई-स्पीड कॉरिडोर्स, यानी एक्सप्रेसवे और एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़कों पर घुसने से रोकने के लिए कानूनों को सख्ती से लागूकिया जाए. ये वाहन नियमित रूप से इन हाई-स्पीड लेन में प्रवेश कर दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहे हैं. खासकर दिल्ली–गुड़गांव, द्वारका एक्सप्रेसवे, UER-II और दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर। प्रहरी प्रणाली लागू है जनवरी 2024 से लेकिन अभी भी उल्लंघन जारी हैं. गडकरी की यह पहल सड़कसुरक्षा सुधार, एवजिलेंस तकनीकों का उपयोग, और नियमों का सख्त क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम है. यदि आने वाले समयमें पुलिस और स्वचालित प्रणालियाँ ईमानदारी से लागू होती हैं तो एक्सप्रेसवे पर अनधिकृत वाहन रोकने में भी मदद मिलेगी और दुर्घटनाओं की दर मेंउल्लेखनीय कमी आईगी.