भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर करारापलटवार किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में अब तक 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं, और यह आंकड़े आधुनिक तकनीकके जरिए जारी किए गए हैं। भूपेंद्र सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव अब देश की टेक्नोलॉजी पर भी विश्वास नहीं कर रहे और उनकाबयान श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचा रहा है।
अखिलेश यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव का बयान पूरी तरह से फर्जी आंकड़ों पर आधारित है। वह करोड़ोंश्रद्धालुओं की आस्था को नकार रहे हैं, जो कि सनातनी समाज के लिए बेहद अपमानजनक है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अखिलेशयादव के लिए ऐसी चीजें फर्जी नजर आती हैं, क्योंकि वे सनातन धर्म के अनुयायी नहीं हैं, बल्कि विशेष समुदाय के समर्थक हैं।
2013 की कुंभ घटना को किया याद
प्रदेश अध्यक्ष ने वर्ष 2013 में हुई कुंभ में भगदड़ की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय अखिलेश यादव की सरकार थी। सरकार कीनाकामी के कारण कुंभ मेला आयोजित करने में कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई थी। इसके कारण सैकड़ों श्रद्धालु भगदड़ का शिकार हुए थे और कईकी जानें चली गई थीं। भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि इस घटना को आज भी लोग नहीं भुला सके हैं और इसका कुप्रभाव आज भी महसूस किया जारहा है।
योगी सरकार की सफलता पर जोर
भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि वर्तमान में योगी सरकार के नेतृत्व में महाकुंभ का आयोजन पूरी शांति और भव्यता के साथ हो रहा है, और इसका असरदेश-दुनिया में हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि महाकुंभ का आयोजन इतना सफल है कि इसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है, लेकिन यह बातअखिलेश यादव को समझ में नहीं आ रही, क्योंकि वह सनातनी विश्वासों से जुड़े नहीं हैं।
अखिलेश यादव से प्रायश्चित की अपील
प्रदेश अध्यक्ष ने अखिलेश यादव को एक और चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास अभी भी समय है, और अगर वह संगम में डुबकी लगाकर अपनेपापों का प्रायश्चित करना चाहते हैं, तो यह उनके लिए एक अवसर हो सकता है। अगर वे यह कदम नहीं उठाते, तो आने वाले समय में उन्हें यह मौकानहीं मिलेगा और उन्हें पछताना पड़ेगा।
नोटबंदी पर भी की आलोचना
भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अखिलेश यादव के नोटबंदी पर दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद सपा अभी तक उबर नहींपाई है, और इसी कारण सपा प्रमुख को योगी सरकार द्वारा पिछले सात वर्षों में प्रदेश की जीडीपी में हुई वृद्धि नहीं दिख रही है।