
दिल्ली में ग्रीन पटाखों पर लगी पाबंदी हटने के बाद आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशबी.आर. गवई के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने जस्टिस गवई को सनातन कादुश्मन कहकर अपमानित किया और गालियां दीं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब उन लोगों को देश और जस्टिस गवई से माफी मांगनी चाहिए।
जस्टिस गवई का फैसला और उसका महत्व
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर से लगी पाबंदी हटा दी।उनका कहना था कि यह फैसला समय और परिस्थितियों के अनुसार लिया गया और यह न्यायिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा किन्यायालय के फैसलों को लेकर व्यक्तिगत आरोप लगाना या जज पर हमला करना पूरी तरह गलत है।
गलत आरोप और अपमान पर कड़ी प्रतिक्रिया
सौरभ भारद्वाज ने उन लोगों की निंदा की जिन्होंने जस्टिस गवई को सनातन का दुश्मन कहकर अपमानित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी जज केखिलाफ गाली-गलौज करना, जूताबाजी करना और सोशल मीडिया पर मीम बनाना बिल्कुल अनुचित है। उनका कहना था कि न्याय की कुर्सी पर बैठेव्यक्ति का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है।
सुप्रीम कोर्ट का पिछला फैसला
सौरभ भारद्वाज ने यह भी याद दिलाया कि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की अनुमति दी थी। लेकिन जब प्रदूषण का स्तर बढ़ा, तो उसी कोर्ट नेदिल्ली-एनसीआर में सभी पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। अब जस्टिस गवई ने पुराने फैसले को देखते हुए पटाखों पर से बैन हटा दिया। उनकाकहना था कि यह फैसला समय और परिस्थिति के अनुसार लिया गया है और इसे सनातन विरोधी मानना गलत है।