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NEWS अब तक

नई सोच के साथ नई शुरुआत
दिल्ली सरकार के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में आज दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (DKVIB) की 54वीं बैठक आयोजितहुई। यह बैठक लगभग चार साल बाद हुई है। इस बैठक में खादी, हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों के पुनरुद्धार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिएगए। बैठक में यह तय किया गया कि अब खादी और ग्रामोद्योग को नई दिशा और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि दिल्ली के कारीगरोंको पहचान और सम्मान मिल सके।
कनॉट प्लेस में बनेगा भव्य ‘एम्पोरियो’
बैठक का सबसे बड़ा निर्णय कनॉट प्लेस में एक शानदार ‘एम्पोरियो’ बनाने का था। इस एम्पोरियो में देश के करीब 650 जीआई टैग वाले उत्पाद एकही छत के नीचे प्रदर्शित किए जाएंगे। यह जगह एक ‘वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म’ होगी जहां देशी और विदेशी खरीदार भारत की पारंपरिक कला, हस्तशिल्पऔर बुनाई की विविधता को देख और खरीद सकेंगे। उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह एम्पोरियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉरलोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ के सपने को साकार करेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के दिल में यह एम्पोरियो खादी और कारीगरों कीपहचान बनेगा।

चार साल बाद हुई बोर्ड बैठक, पिछली सरकारों की उपेक्षा पर कटाक्ष
मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की यह बैठक लगभग चार साल बाद हुई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों नेइस बोर्ड की पूरी तरह उपेक्षा की थी। महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति करने वाले नेताओं ने उनके खादी के सपने को भुला दिया था। सिरसा ने कहाकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब इस परंपरा को फिर से जीवित किया जा रहा है और खादी को नई ताकत दी जा रही है।

डीकेवीआईबी के लिए नया एक्ट और नियम बनेंगे
बैठक में यह भी तय किया गया कि डीकेवीआईबी के कामकाज को और मज़बूत और पारदर्शी बनाने के लिए नए एक्ट और नियम तैयार किए जाएंगे।इसके लिए लीगल कंसल्टेंट्स की नियुक्ति की जाएगी, जो नए कानून और नियमों का मसौदा तैयार करेंगे। इससे बोर्ड के कामकाज में सुधार होगाऔर योजनाएं ज़्यादा प्रभावी ढंग से लागू की जा सकेंगी।

कारीगरों को मिलेगा प्रशिक्षण, फंडिंग और बाजार से जुड़ाव
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने इस साल के बजट में 50 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान कियाहै। इस राशि का इस्तेमाल कारीगरों के प्रशिक्षण, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और उनके उत्पादों की बिक्री तक की व्यवस्था में किया जाएगा।उन्होंने कहा कि हमारे छोटे-छोटे कारीगरों के पास कला तो है, लेकिन अपने उत्पादों को बेचने का साधन नहीं है। डीकेवीआईबी उनके लिए वह मंचबनेगा जो उनकी कला को बाजार और सम्मान दोनों से जोड़ेगा।

दिल्ली के पारंपरिक उत्पाद भी पाएंगे जीआई टैग की पहचान
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि दिल्ली के तीन पारंपरिक उत्पादों को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही येउत्पाद देश के विशिष्ट भौगोलिक संकेतक सूची में शामिल होंगे। इससे दिल्ली के स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और बाजार दोनोंमिलेगा।

17 अहम मुद्दों पर हुई गहन चर्चा
बैठक में कुल 17 प्रमुख एजेंडे पर चर्चा की गई। इनमें कुटीर उद्योगों के लिए कौशल वृद्धि योजना, कारीगरों को वित्तीय सहायता, खादी उत्पादों कोबढ़ावा देने और स्वदेशी उत्पादों की बिक्री के लिए साझा मंच तैयार करने जैसे विषय शामिल रहे। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अधिकारियों कोनिर्देश दिया कि सभी योजनाओं को तय समयसीमा में लागू किया जाए और कारीगरों तक इसका लाभ सीधे पहुंचे।

हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी का शुभारंभ
बैठक के बाद उद्योग मंत्री ने डीकेवीआईबी के कश्मीरी गेट स्थित कार्यालय में एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में जूट बैग औरहस्तनिर्मित कागज़ से बने उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इन स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और दिल्ली के कारीगरोंका उत्साह बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि ये उत्पाद न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि हमारी परंपरा और संस्कृति की झलक भी दिखाते हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में खादी को मिला नया आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को नई दिशा मिली है। मंत्री सिरसा के मार्गदर्शन में बोर्ड ने स्वदेशी मेले, वस्त्र कथा जैसेअनोखे कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इन कार्यक्रमों में छात्रों को शामिल कर भारतीय हैंडलूम को आधुनिक फैशन से जोड़ा गया है। इसके अलावाजीआई टैग वाले उत्पादों की विशेष प्रदर्शनियों के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को पहचान और मंच देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को दिल्ली सरकार पूरे उत्साह के साथआगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य सिर्फ खादी और ग्रामोद्योग को पुनर्जीवित करना नहीं, बल्कि दिल्ली को आत्मनिर्भर बनाना भी है। आने वालेसमय में डीकेवीआईबी न सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरे देश में स्वदेशी उद्योगों का प्रतीक बनेगा।

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