
एमटीएस कर्मचारियों पर कार्रवाई से आम आदमी पार्टी का गुस्सा
दिल्ली में एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) कर्मचारियों के साथ हुए बर्ताव को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा शासित नगर निगम सरकार पर गंभीरआरोप लगाए हैं। पार्टी ने कहा कि एमटीएस कर्मचारी पिछले एक महीने से अपनी जायज़ मांगों को लेकर सिविक सेंटर के बाहर शांतिपूर्ण धरना दे रहेथे, लेकिन उनकी आवाज़ सुनने के बजाय भाजपा सरकार ने उन पर पुलिस भेज दी। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा सरकारका यह रवैया निंदनीय और अमानवीय है। उन्होंने कहा, जो कर्मचारी बरसों से दिल्ली की सड़कों को साफ रखते हैं, जिनकी मेहनत से राजधानीचमकती है, उन्हें आज सड़कों से घसीटकर उठाया जा रहा है। यह उन गरीब कर्मचारियों का अपमान है, जो सिर्फ अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे।
कमेटी का वादा करके भाजपा ने कर्मचारियों को दिया धोखा
अंकुश नारंग ने बताया कि 14 अक्टूबर को एमसीडी सदन की बैठक में महापौर ने वादा किया था कि एमटीएस कर्मचारियों की मांगों पर बनी कमेटी48 घंटे में समाधान पेश करेगी। लेकिन अब 17 दिन बीत चुके हैं और न तो कमेटी की रिपोर्ट आई, न किसी अधिकारी ने कर्मचारियों को बुलाया।उन्होंने कहा, भाजपा सरकार ने कर्मचारियों के साथ खुला धोखा किया है। कमेटी का नाम लेकर लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। यह दिखाता हैकि भाजपा को गरीबों के दर्द की कोई परवाह नहीं है।
सिर्फ 41 करोड़ से खत्म हो सकता है विवाद, फिर भी सरकार चुप
अंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी में लगभग 9,000 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें करीब 4,300 एमटीएस हैं। इन कर्मचारियों को समान वेतन देने मेंमात्र 41 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि चार इंजन की सरकार कहने वाली भाजपा के लिए यह रकम कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन वेइतनी संवेदनहीन हो गई है कि गरीब कर्मचारियों को उनका अधिकार देने से भी कतराती है। उन्होंने कहा, दिल्ली को साफ-सुथरा रखने वाले ये हीअसली कर्मयोगी हैं। अगर सरकार चाहती, तो आज हर कर्मचारी के चेहरे पर मुस्कान होती। मगर भाजपा ने उनकी मेहनत का अपमान किया है।
एमटीएस कर्मचारियों की जायज़ मांगें, फिर भी सरकार बेपरवाह
अंकुश नारंग ने कहा कि एमटीएस कर्मचारियों की मांगें बिल्कुल वाजिब हैं। वे सिर्फ समान वेतन, अवकाश की सुविधा और अपने परिवार के भविष्यकी सुरक्षा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी 25-30 साल से सेवा दे रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो स्थायी कर्मचारियों जितना वेतन मिलता है, न हीस्वास्थ्य और पेंशन की सुविधा। इतना ही नहीं, अगर किसी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मौत हो जाए तो परिवार को नौकरी तक नहीं दी जाती।उन्होंने कहा, क्या यह अन्याय नहीं है? जो लोग दिन-रात शहर को साफ-सुथरा रखते हैं, उन्हें इतना भी अधिकार नहीं कि उनके घर का चूल्हा जलतारहे? भाजपा सरकार ने इनके साथ बेहद असंवेदनशील व्यवहार किया है।
आप पार्टी कर्मचारियों की लड़ाई अंत तक लड़ेगी
अंकुश नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा दिल्ली के मेहनतकशों के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा, हम भाजपा सरकार कीइस बेरुखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब तक एमटीएस कर्मचारियों को उनका हक़ नहीं मिलता, आम आदमी पार्टी उनकी आवाज़ बनकर लड़ेगी। जोलोग दिल्ली की सफाई में अपनी ज़िंदगी लगा देते हैं, उन्हें न्याय और सम्मान मिलना ही चाहिए।