
भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) कर्मचारियों के शांतिपूर्ण धरने पर भाजपा सरकार ने कठोर रुख अपनाया है। पिछलेएक महीने से सिविक सेंटर के बाहर अपनी जायज़ मांगों को लेकर बैठे इन कर्मचारियों पर पुलिस बुलाकर कार्रवाई की गई और कई को गिरफ्तार करलिया गया। आम आदमी पार्टी के एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने भाजपा पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जो कर्मचारी दिन-रातदिल्ली को साफ रखने का काम करते हैं, उन्हें अपराधी बना दिया गया। यह लोकतंत्र की हत्या है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उन मेहनतकशकर्मचारियों की आवाज़ दबाने की कोशिश की है जो सिर्फ अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सब धरने में शामिल थे, लेकिन भाजपा सरकार ने पुलिस के जरिए उन्हें सड़कों से उठवा दिया। यह शर्मनाक और अमानवीय है
कमेटी के नाम पर धोखा, 17 दिन में भी नहीं हुआ कोई समाधान
प्रवीण कुमार ने बताया कि 14 अक्टूबर को महापौर ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक कमेटी बनाई थी और 48 घंटे में फैसलाकरने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब 17 दिन बीत चुके हैं और कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा, यह भाजपा का पुराना तरीका है मीटिंग परमीटिंग, लेकिन नतीजा कुछ नहीं। एमटीएस कर्मचारी समान वेतन, दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में परिवार को नौकरी और छुट्टियों के अधिकार जैसी वैधमांगें कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार उन्हें लगातार नजरअंदाज कर रही है। 41 करोड़ में हल हो सकता है मसला, लेकिन भाजपा को गरीबों से परहेज़.
प्रवीण कुमार ने कहा कि एमटीएस कर्मचारियों की सभी मांगों को पूरा करने में सिर्फ 41 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, लेकिन भाजपा सरकार इसे भीदेने को तैयार नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया, चार इंजन की सरकार दिल्ली की सफाई करने वाले कर्मचारियों को राहत देने के लिए 41 करोड़ नहीं देसकती? प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक के पास प्रचार के लिए हजारों करोड़ हैं, लेकिन मजदूरों के लिए नहीं। उन्होंने महापौर पर निशाना साधतेहुए कहा कि अगर बजट पर्याप्त है, तो फिर कर्मचारियों की मांगों पर फैसला क्यों नहीं लिया जा रहा?
दिल्ली के असली योद्धाओं के साथ अन्याय
प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा ने उन लोगों को गिरफ्तार कराया जो कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर दिल्ली की सेवा कररहे थे। उन्होंने कहा, आज वही कर्मचारी जेलों में हैं। भाजपा को यह समझना होगा कि सफाईकर्मी अपराधी नहीं, बल्कि दिल्ली के असली योद्धा हैं।जिन लोगों ने महामारी के समय शहर को बचाया, उन्हें सम्मान मिलना चाहिए, सजा नहीं।
भेदभावपूर्ण वेतन नीति से बढ़ा रोष
उन्होंने बताया कि पहले ये कर्मचारी डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर (डीबीसी) के रूप में काम करते थे। आम आदमी पार्टी की सरकार ने उन्हें एमटीएस कादर्जा देकर स्थायी सुरक्षा दी, लेकिन भाजपा के आने के बाद फिर भेदभाव शुरू हो गया। प्रवीण कुमार ने कहा, किसी को 16,000, किसी को20,000 और किसी को 24,000 रुपये वेतन मिलता है, जबकि सभी एक ही तरह का काम करते हैं। यह साफ तौर पर अन्याय है। भाजपा को समानकाम के लिए समान वेतन का अर्थ समझना चाहिए।
त्योहारों पर भी नहीं मिला आराम, भाजपा रही बेपरवाह – प्रीति डोगरा
आम आदमी पार्टी की एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि एमटीएस कर्मचारियों ने दिवाली, भाई दूज और छठ जैसे त्योहार भी सड़कों परबिताए, लेकिन भाजपा सरकार ने उनकी सुध नहीं ली। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार स्वच्छ भारत की बातें करती है, लेकिन जो दिल्ली को साफ रखतेहैं, उन्हें सलाखों के पीछे भेजती है। यह दोहरे चरित्र की पराकाष्ठा है। प्रीति डोगरा ने कहा कि भाजपा भूल गई है कि अगर ये कर्मचारी एक दिन भीकाम रोक दें, तो दिल्ली में कूड़े के ढेर लग जाएंगे।
आप पार्टी एमटीएस कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कहा है कि एमटीएस कर्मचारी दिल्ली की सफाई व्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रवीण कुमार और प्रीति डोगरा दोनों ने मांग की किसभी गिरफ्तार कर्मचारियों को तुरंत रिहा किया जाए और उनकी सभी वैध मांगों को स्वीकार किया जाए। उन्होंने कहा, आम आदमी पार्टी इनकर्मचारियों की आवाज़ है। भाजपा चाहे जितनी तानाशाही कर ले, हम उनके हक़ के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे। मेहनतकशों का संघर्ष ही असलीलोकतंत्र की ताकत है।