
कांग्रेस का बड़ा हमला मंत्री मुरलीधर मोहोल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री मुरलीधर मोहोल एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। कांग्रेस ने उन पर पुणे के प्रसिद्ध हीराचंद नेमीचंद दिगंबर जैन हॉस्टलकी जमीन बेचने में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा कि यह सिर्फ एक जमीन का मामला नहीं है, बल्किजनता के भरोसे, धर्म और संविधान की भावना के साथ किया गया खुला विश्वासघात है।
जैन हॉस्टल ट्रस्ट की जमीन बेचना नियमों के खिलाफ कांग्रेस का दावा
कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि जैन हॉस्टल ट्रस्ट की जमीन को बेचा नहीं जा सकता, क्योंकि यह शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों के लिए पवित्र ट्रस्टसंपत्ति है। कानून के मुताबिक, ऐसी जमीन का उपयोग केवल छात्रों के हॉस्टल, शिक्षा या धार्मिक कार्यों के लिए किया जा सकता है, न कि किसीनिजी बिल्डर को बेचने के लिए। कांग्रेस का आरोप है कि मंत्री मुरलीधर मोहोल ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर यह जमीन गोखले कंस्ट्रक्शन कंपनीको दिलवा दी, जिससे उन्हें और उनके करीबियों को आर्थिक लाभ हुआ।
कांग्रेस बोली बीजेपी बना रही है छोटे–छोटे अडानी
कांग्रेस ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार अब सिर्फ अमीर दोस्तों को फायदा पहुँचाने वाली पार्टी बन गई है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊपर एक अडानी तैयार किया है, और अब नीचे के नेता छोटे-छोटे अडानी बना रहे हैं। मुरलीधर मोहोल इसका जीता-जागताउदाहरण हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं का मकसद जनता की सेवा नहीं, बल्कि ट्रस्ट की जमीनों और सरकारी संपत्तियों से निजीलाभ कमाना है।
मुरलीधर मोहोल और गोखले बिल्डर्स के बीच गहरा संबंध कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने कहा कि मुरलीधर मोहोल गोखले कंस्ट्रक्शन LLP के साझेदार (पार्टनर) रहे हैं। फरवरी 2025 तक वे कंपनी से जुड़े हुए थे। कांग्रेस काकहना है कि मंत्री रहते हुए किसी निजी कंपनी से जुड़ा रहना नैतिक और कानूनी दोनों रूप से गलत है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मंत्री बनने के बादभी मोहोल ने कंपनी के हित में फैसले लिए और जैन ट्रस्ट की जमीन का सौदा करवाकर कंपनी को भारी फायदा पहुँचाया। यह न केवल भ्रष्टाचार है, बल्कि सत्ता का सीधा दुरुपयोग भी है।
कांग्रेस ने पूछा क्या मंत्री के दबाव के बिना सौदा संभव था?
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या यह पूरा सौदा मुरलीधर मोहोल की जानकारी और दबाव के बिना हो सकता था? पार्टी ने कहा कि कोई भी निजीकंपनी अपने दम पर रजिस्ट्री ऑफिस, चैरिटी कमिश्नर, कॉर्पोरेशन और बैंक को प्रभावित नहीं कर सकती। कांग्रेस ने कहा, यह सौदा सत्ता के संरक्षणमें हुआ है। अगर मंत्री मोहोल इसमें शामिल नहीं हैं, तो वे जांच से क्यों डर रहे हैं?
क्लीन चिट ऑफिस बन चुकी है बीजेपी सरकार कांग्रेस का तंज
कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी अब एक क्लीन चिट फैक्ट्री बन चुकी है। हर भ्रष्टाचार के मामले में बीजेपी नेताओं को पहले ही क्लीन चिट दे दी जाती है।कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, प्रधानमंत्री का ऑफिस पहले ही क्लीन चिट ऑफिस बन चुका है, अब महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कार्यालय भी वही रास्ता पकड़चुका है। हर मंत्री को बचाने का ठेका बीजेपी ने खुद उठा रखा है। कांग्रेस ने सवाल किया कि जब तक आरोपी मंत्री पद पर बने रहेंगे, तब तक किसीभी जांच से क्या भरोसेमंद नतीजा निकल सकता है?
कांग्रेस की मांग मुरलीधर मोहोल दें इस्तीफा और हो निष्पक्ष जांच
कांग्रेस ने कहा कि अगर बीजेपी को सच में पारदर्शिता पर भरोसा है, तो मुरलीधर मोहोल को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। इसके बादमामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। कांग्रेस ने यह भी कहा कि यह मामला केवल पैसे का नहींबल्कि धार्मिक आस्था और सार्वजनिक विश्वास से जुड़ा है। मुरलीधर मोहोल ने एक धार्मिक ट्रस्ट की संपत्ति को व्यापारिक सौदे में बदल दिया है, जोनिंदनीय और अनैतिक है।
जनता पूछ रही है जवाब क्या बीजेपी नेताओं को कानून से ऊपर समझती है सरकार?
कांग्रेस ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या बीजेपी अपने मंत्रियों को कानून से ऊपर मानती है। अगर आम नागरिक परऐसा आरोप लगता, तो अब तक गिरफ्तारी हो चुकी होती। लेकिन बीजेपी सरकार के मंत्रियों को बचाने के लिए सत्ता का पूरा तंत्र सक्रिय है। कांग्रेसप्रवक्ता ने कहा, यह सिर्फ जैन ट्रस्ट की जमीन का मामला नहीं है, यह ईमानदारी, संविधान और जनता के भरोसे की परीक्षा है। मुरलीधर मोहोल कोअब जनता के सवालों से भागने की नहीं, जवाब देने की ज़रूरत है।